खुशियों से भरा रहेगा साल 2022:20 सालों बाद फिर गुलजार होगा जगरगुंडा का बाजार, नई सड़कें बदलेंगी इलाके की तस्वीर; पर्यटन के खुलेंगे द्वार

जगदलपुर6 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ के बस्तर वासियों के लिए साल 2022 खुशियों से भरा होगा। 20 सालों के बाद नक्सलगढ़ जगरगुंडा का बाजार भरेगा तो वहीं 3 बड़े पुल हजारों ग्रामीणों को राहत देंगे। इधर नक्सलियों के खात्मे से लेकर विकास की सड़कों का काम पूरा किया जाएगा। दैनिक भास्कर इन्हीं कुछ कामों की 10 तस्वीरों से आप को रूबरू करवाने जा रहा है। देखिए तस्वीरों में साल 2022 के 10 बड़े काम....

जगदलपुर से 16 किलोमीटर नगरनार में 23140 करोड़ से तैयार इस्पात संयंत्र में कोक ओवन और बाय-प्रोडक्ट प्लांट की शुरुआत नए साल के मार्च से हो जाएगी। एनएमडीसी का नगरनार इस्पात संयंत्र प्रबंधन तैयारियों में जुटा है। सार्वजनिक क्षेत्र में भिलाई स्टील प्लांट के बाद ये प्रदेश का दूसरा इस्पात संयंत्र होगा। संयंत्र को पूरे होने में करीब 20 साल लग गएा। यहां हर साल 3 मिलियन टन उच्चतम क्वालिटी के एचआर क्वाइल का उत्पादन होगा। पहले चरण में कोक ओवन व बाय प्रोडक्ट प्लांट की शुरुआत कर ली जाएगी। अगले चरण में स्टील उत्पादन की प्रक्रिया शुरू होगी। मार्च तक किसी भी सूरत में हम शुरुआत की स्थिति में आ जाएंगे।
जगदलपुर से 16 किलोमीटर नगरनार में 23140 करोड़ से तैयार इस्पात संयंत्र में कोक ओवन और बाय-प्रोडक्ट प्लांट की शुरुआत नए साल के मार्च से हो जाएगी। एनएमडीसी का नगरनार इस्पात संयंत्र प्रबंधन तैयारियों में जुटा है। सार्वजनिक क्षेत्र में भिलाई स्टील प्लांट के बाद ये प्रदेश का दूसरा इस्पात संयंत्र होगा। संयंत्र को पूरे होने में करीब 20 साल लग गएा। यहां हर साल 3 मिलियन टन उच्चतम क्वालिटी के एचआर क्वाइल का उत्पादन होगा। पहले चरण में कोक ओवन व बाय प्रोडक्ट प्लांट की शुरुआत कर ली जाएगी। अगले चरण में स्टील उत्पादन की प्रक्रिया शुरू होगी। मार्च तक किसी भी सूरत में हम शुरुआत की स्थिति में आ जाएंगे।
बस्तर की जीवनदायिनी कही जाने वाली इंद्रवाती नदी में 3 बड़े पुल का निर्माण काम चल रहा है। जिनमें से छिंदनार घाट में बन रहे एक पुल का काम तो लगभग पूरा हो गया है तो वहीं फुंडरी और करका घाट में निर्माण काम जारी है। साल 2022 के अंतिम महीने तक इन दो पुल का काम भी पूरा हो जाएगा। जिससे दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जिले के हजारों ग्रामीणों को इसका फायदा मिलेगा।
बस्तर की जीवनदायिनी कही जाने वाली इंद्रवाती नदी में 3 बड़े पुल का निर्माण काम चल रहा है। जिनमें से छिंदनार घाट में बन रहे एक पुल का काम तो लगभग पूरा हो गया है तो वहीं फुंडरी और करका घाट में निर्माण काम जारी है। साल 2022 के अंतिम महीने तक इन दो पुल का काम भी पूरा हो जाएगा। जिससे दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जिले के हजारों ग्रामीणों को इसका फायदा मिलेगा।
कांकेर जिले में साल 2022 में मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने अक्टूबर महीने में ट्वीट कर इसकी जानकारी प्रदेश वासियों को दी थी। बस्तर का यह दूसरा मेडिकल कॉलज होगा। जिससे ग्रामीणों को बड़ा फायदा मिलेगा। अभी जगदलपुर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में संभाग के सातों जिलों का लोड है।
कांकेर जिले में साल 2022 में मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने अक्टूबर महीने में ट्वीट कर इसकी जानकारी प्रदेश वासियों को दी थी। बस्तर का यह दूसरा मेडिकल कॉलज होगा। जिससे ग्रामीणों को बड़ा फायदा मिलेगा। अभी जगदलपुर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में संभाग के सातों जिलों का लोड है।
दंतेवाड़ा घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए साल 2022 को आकाशनगर जाने का सपना साकार होगा। NMDC और प्रशासन के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद हफ्ते में 3 दिन आकाशनगर में आम पर्यटकों को जाने की अनुमति देने पर सहमति बन रही है। माना जा रहा है अगर कोरोना के मामले नहीं बढ़ते हैं और हालात सामान्य रहते हैं तो जनवरी महीने से ही इजाजत मिल सकती है।
दंतेवाड़ा घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए साल 2022 को आकाशनगर जाने का सपना साकार होगा। NMDC और प्रशासन के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद हफ्ते में 3 दिन आकाशनगर में आम पर्यटकों को जाने की अनुमति देने पर सहमति बन रही है। माना जा रहा है अगर कोरोना के मामले नहीं बढ़ते हैं और हालात सामान्य रहते हैं तो जनवरी महीने से ही इजाजत मिल सकती है।
साल 2020 से शुरू हुए लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 479 माओवादी सरेंडर कर चुके हैं। जिनमें 120 पर इनाम भी घोषित है। यह आंकड़ा साल 2022 में 500 हो जाएगा। दंतेवाड़ा देश का पहला ऐसा जिला होगा जहां नक्सलवाद की कमर तोड़ने चलाए जा रहे किसी अभियान के तहत कम समय में 500 नक्सलियों का सरेंडर हुआ हो।
साल 2020 से शुरू हुए लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 479 माओवादी सरेंडर कर चुके हैं। जिनमें 120 पर इनाम भी घोषित है। यह आंकड़ा साल 2022 में 500 हो जाएगा। दंतेवाड़ा देश का पहला ऐसा जिला होगा जहां नक्सलवाद की कमर तोड़ने चलाए जा रहे किसी अभियान के तहत कम समय में 500 नक्सलियों का सरेंडर हुआ हो।
दक्षिण बस्तर के सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा इन तीन जिलों की सरहद में स्थित जगरगुंडा तक सड़क निर्माण का काम चल रहा है। नक्सल दहशत होने की वजह से लगभग 20 सालों से यहां का बाजार बंद था। लेकिन सड़क निर्माण होने के बाद एक बार फिर से जगरगुंडा का बाजार गुलजार हो सकेगा। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क निर्माण का काम अंतिम चरण पर है। दंतेवाड़ा से जगरगुंडा के रास्ते सुकमा जिले की राह आसान हो जाएगी।
दक्षिण बस्तर के सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा इन तीन जिलों की सरहद में स्थित जगरगुंडा तक सड़क निर्माण का काम चल रहा है। नक्सल दहशत होने की वजह से लगभग 20 सालों से यहां का बाजार बंद था। लेकिन सड़क निर्माण होने के बाद एक बार फिर से जगरगुंडा का बाजार गुलजार हो सकेगा। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क निर्माण का काम अंतिम चरण पर है। दंतेवाड़ा से जगरगुंडा के रास्ते सुकमा जिले की राह आसान हो जाएगी।
सैकड़ों लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए दंतेवाड़ा में डैनेक्स नवा गारमेंट फैक्ट्री खोली गई है। इसी तरह नक्सलगढ़ छिंदनार और कटेकल्याण जैसे इलाके में भी साल 2022 में डैनेक्स फैक्ट्री खोली जाएगी। नक्सल प्रभावित इलाकों के सैकड़ों बेरोजगार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इन नए दो डैनेक्स फैक्ट्री में सिले हुए कपड़े बेंगलुरु और दिल्ली के बाजारों में भेजे जाएंगे।
सैकड़ों लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए दंतेवाड़ा में डैनेक्स नवा गारमेंट फैक्ट्री खोली गई है। इसी तरह नक्सलगढ़ छिंदनार और कटेकल्याण जैसे इलाके में भी साल 2022 में डैनेक्स फैक्ट्री खोली जाएगी। नक्सल प्रभावित इलाकों के सैकड़ों बेरोजगार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इन नए दो डैनेक्स फैक्ट्री में सिले हुए कपड़े बेंगलुरु और दिल्ली के बाजारों में भेजे जाएंगे।
15 अगस्त को 15 गांव नक्सल मुक्त करने की घोषणा के बाद अब 26 जनवरी को जिले के 26 गांवों को नक्सल मुक्त घोषित करने की तैयारी है। दंतेवाड़ा पुलिस इसके लिए प्लानिंग कर रही है। जिले के रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में रहे गांवों का सर्वे होगा। जो गांव अभी ऑरेंज जोन में हैं, उसे ग्रीन जोन में लाया जाएगा और जो 6 महीने बाद ग्रीन में आ गए हैं, उसे सर्वे के बाद नक्सल मुक्त भी होंगे।
15 अगस्त को 15 गांव नक्सल मुक्त करने की घोषणा के बाद अब 26 जनवरी को जिले के 26 गांवों को नक्सल मुक्त घोषित करने की तैयारी है। दंतेवाड़ा पुलिस इसके लिए प्लानिंग कर रही है। जिले के रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में रहे गांवों का सर्वे होगा। जो गांव अभी ऑरेंज जोन में हैं, उसे ग्रीन जोन में लाया जाएगा और जो 6 महीने बाद ग्रीन में आ गए हैं, उसे सर्वे के बाद नक्सल मुक्त भी होंगे।
2800 स्थानीय युवाओं की बस्तर फाइटर्स फोर्स में भर्ती की जाएगी। नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए 2800 लड़ाके तैयार होंगे। हालांकि ये भर्ती साल 2021 में होनी थी लेकिन किसी कारण भर्ती की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं के फोर्स में भर्ती होने से नक्सली काफी हद तक बैक फुट पर होंगे।
2800 स्थानीय युवाओं की बस्तर फाइटर्स फोर्स में भर्ती की जाएगी। नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए 2800 लड़ाके तैयार होंगे। हालांकि ये भर्ती साल 2021 में होनी थी लेकिन किसी कारण भर्ती की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं के फोर्स में भर्ती होने से नक्सली काफी हद तक बैक फुट पर होंगे।
बस्तर के अबुझमाड़ में स्थित हांदावाड़ा जल प्रपात जिसे बाहुबली जल प्रपात के भी नाम से जाना जाता है यहां पहुंचने सड़क का काम लगभग पूरा हो सकेगा। जल प्रपात तक पहुंचने कुछ दूरी तक पर्यटकों की राह आसान हो सकेगी। हालांकि ये इलाका पूरी तरह से नक्सलियों के कब्जे में हैं। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के बीच यहां सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इंद्रवाती नदी के पार कैंप स्थापित किया जाएगा।
बस्तर के अबुझमाड़ में स्थित हांदावाड़ा जल प्रपात जिसे बाहुबली जल प्रपात के भी नाम से जाना जाता है यहां पहुंचने सड़क का काम लगभग पूरा हो सकेगा। जल प्रपात तक पहुंचने कुछ दूरी तक पर्यटकों की राह आसान हो सकेगी। हालांकि ये इलाका पूरी तरह से नक्सलियों के कब्जे में हैं। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के बीच यहां सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इंद्रवाती नदी के पार कैंप स्थापित किया जाएगा।
नारायणपुर जिले को दंतेवाड़ा से जोड़ने के लिए नक्सलगढ़ में सड़क निर्माण का काम चल रहा है। महज 4 से 5 किमी काम बाकी है जो साल 2022 में पूरा कर लिया जाएगा। इस सड़क के बनने से दंतेवाड़ा से नारायणपुर जिले की दूरी केवल 60 किमी में ही सिमट कर रह जाएगी। वर्तमान में जगदलपुर-कोंडागांव के रास्ते करीब 200 किमी का सफर तय करना पड़ता है।
नारायणपुर जिले को दंतेवाड़ा से जोड़ने के लिए नक्सलगढ़ में सड़क निर्माण का काम चल रहा है। महज 4 से 5 किमी काम बाकी है जो साल 2022 में पूरा कर लिया जाएगा। इस सड़क के बनने से दंतेवाड़ा से नारायणपुर जिले की दूरी केवल 60 किमी में ही सिमट कर रह जाएगी। वर्तमान में जगदलपुर-कोंडागांव के रास्ते करीब 200 किमी का सफर तय करना पड़ता है।
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