जनपद अफसरों पर कमीशनखोरी का आरोप:सरपंचों ने कहा - CEO, SDO से लेकर रोजगार सहायक लेते हैं 2 से 5% कमीशन, दफ्तर में भी नहीं रहते; विधायक से शिकायत

जगदलपुर/दंतेवाड़ा4 महीने पहले
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कटेकल्याण ब्लॉक के सरपंचों ने जनपद पंचायत के अफसरों पर किया कमीशन लेने का आरोप लगाया है। - Dainik Bhaskar
कटेकल्याण ब्लॉक के सरपंचों ने जनपद पंचायत के अफसरों पर किया कमीशन लेने का आरोप लगाया है।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण जनपद पंचायत CEO, SDO, इंजीनियर, लिपिक पर इस ब्लॉक के ही सरपंचों ने कमीशन लेने का गंभीर आरोप लगाया है। इसकी लिखित शिकायत भी यहां के सरपंचों ने मिलकर विधायक देवती कर्मा से की है। सरपंचों ने कहा है कि गांव में विकास काम किया जाना होता है तो जनपद पंचायत CEO, SDO, इंजीनियर, रोजगार सहायक के द्वारा किए जाने वाले कार्यों के एवज में 2 से 5% तक की रकम मांगी जाती है। इसके अलावा सरपंचों ने अधिकारियों के उनके ऑफिस में नहीं रहने का भी आरोप लगाया है।

कई दिनों तक काम के लिए भटकना पड़ता है
कटेकल्याण ब्लॉक के सरपंच ब्लॉक मुख्यालय के अफसर, कर्मियों से भी काफी खफा इस बात को लेकर हैं कि वे हेडक्वार्टर तक में नहीं रहते हैं। सरपंचों ने बताया कि ब्लॉक मुख्यालय में जितने भी शासकीय भवन आवंटित किए गए हैं। सभी अधिकारी, कर्मचारियों को उपलब्ध कराया गया है। लेकिन वे मुख्यालय में रहते ही नहीं हैं। राजस्व, अस्पताल, सड़क निर्माण, ग्राम पंचायत से संबंधित और भी कई काम हो तो कई दिनों तक भटकना पड़ता है। जिससे हमारा समय बर्बाद होता है।

इस तरह का पत्र लिखर सरपंचों ने शिकायत की है।
इस तरह का पत्र लिखर सरपंचों ने शिकायत की है।

विधायक के पास की गई शिकायत में कटेकल्याण, गाटम, चिकपाल, मारजूम, गुड़से , मथाड़ी, परचेली, तेलम, टेटम, बेंगलुर सहित अन्य ग्राम पंचायत के सरपंच शामिल रहे। सरपंचों ने बताया कि विधायक ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वे इन समस्याओं को उच्च अधिकारियों को बताकर सुधार करवाएंगी। इधर भास्कर ने जनपद पंचायत CEO से इस संबंध में बात करने की कोशिश की तो उनसे बात नहीं हो सकी है।

अस्पताल में डॉक्टर भी नहीं रहते
सरपंचों ने ब्लॉक के अस्पताल की बदहाली की भी शिकायत विधायक देवती कर्मा से की है। उन्होंने बताया कि कटेकल्याण के अस्पताल में डॉक्टर भी नहीं रहते। गांव से आने वाले मरीजों को यहां काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ जाता है। ब्लॉक मुख्यालय में स्वास्थ्य सहित अन्य सिस्टम को सुधारने अफसर, कर्मियों को मुख्यालय में ही रहने का आदेश जारी करने की मांग भी की गई है।

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