बस्तर में आदिवासी रंग में रंगे CM बघेल:मंत्री लखमा और सांसद बैज ने मिलाया ताल से ताल; मुख्यमंत्री तारीफ करते रहे, विधायक झपकियां लेते रहे

जगदलपुर3 महीने पहले
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CM ने ग्रामीणों के साथ पारंपरिक मुंडा बाजा बजा कर आनंद लिया। - Dainik Bhaskar
CM ने ग्रामीणों के साथ पारंपरिक मुंडा बाजा बजा कर आनंद लिया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को बस्तर दौरे पर रहे। बस्तर दशहरे के बाद आयोजित होने वाले मुरिया दरबार में जाने से पहले CM ने आदिवासी संस्कृति को बड़े करीब से देखा। बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा धारण किए विभिन्न जनजाति के लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान पोटानार के रहने वाले ग्रामीण CM के सत्कार के लिए प्रसिद्ध मुंडा बाजा बजाते हुए आए। इस बाजे की धुन सुन कर भूपेश बघेल भी बेहद खुश हुए। ग्रमीणों ने CM को अपना मुंडा बाजा बजाने के लिए दिया। जिसके बाद उन्होंने ग्रामीणों के साथ पारंपरिक मुंडा बाजा बजा कर आनंद लिया।

झपकियां लेते विधायक चंदन कश्यप।
झपकियां लेते विधायक चंदन कश्यप।

इस दौरान बस्तर सांसद दीपक बैज व छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कवासी लखमा भी CM के साथ ताल से ताल मिला कर बाजा बजाने लगे। मुंडा बाजा की धुन पर सभी थिरके भी। जनकारी के अनुसार, जिले के पोटानारा की एक आदिवासी जनजाति बस्तर का पारंपरिक वाद्ययंत्र मुंडा बाजा बजाने का काम करती है। यह लोग बस्तर दशहरा के समय रथ के आगे चलते हैं और जस गीत गाते हैं। बस्तर के इतिहास में मुंडा बाजा का काफी महत्व रहा है।

कार्यक्रम के दौरान कुछ इस तरह विधायक की आंख लग गई।
कार्यक्रम के दौरान कुछ इस तरह विधायक की आंख लग गई।

मुरिया दरबार में मंच पर झपकी ले रहे थे चंदन कश्यप
जगदलपुर के सिरहासार भवन में मुरिया दरबार का आयोजन किया गया था। इस दरबार में PCC चीफ मोहन मरकाम समेत क्षेत्रीय विधायक रेखचंद जैन, दंतेवाड़ा विधायक देवती कर्मा, नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप समेत बस्तर के सभी कांग्रेसी विधायकों ने शिरकत की। यह सभी दिग्गज CM के साथ मंच पर बैठे हुए थे। जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मांझी- चालकी को संबोधित कर रहे थे तो उस दौरान उन्होंने नारायणपुर के विधायक चंदन कश्यप की भी जमकर तारीफ की। लेकिन मंच पर बैठे चंदन कश्यप झपकियां लेते नजर आए। जिसकी अब खूब चर्चा भी हो रही है।

CM ने तीर-धनुष पर भी अपने हाथ आजमाए।
CM ने तीर-धनुष पर भी अपने हाथ आजमाए।

आदिवासी रंग में रंगे मुख्यमंत्री
बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट एंड लिटरेचर (बादल एकेडमी) के लोकार्पण के समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरी तरह से बस्तर की जनजातीय संस्कृति में रंगे दिखाई दिए। उन्होंने इस दौरान तीर-धनुष पर अपने हाथ आजमाए। वहीं तुरही बजाकर लोक नर्तकों के साथ मांदर की थाप पर नृत्य कर उनका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण समारोह में बस्तर अंचल की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि, अकादमी के जरिए उन्हें अपनी कला को निखारने के लिए एक अच्छा मंच मिला है। इस मंच की मदद और मार्गदर्शन से वे आने वाले समय में आसमान की बुलंदियों को छुएं।

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