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बंदूक की नोक पर नक्सलियों की लेवी वसूली:लीडर गंगी ने संतोष को पत्र लिख कहा -ट्रैक्टर रखने वाले ग्रामीणों से लें 10-10 हजार रुपए, नहीं देने पर जन अदालत लगा उतार दें मौत के घाट

जगदलपुर/दंतेवाड़ाएक वर्ष पहले
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एनकाउंटर में ढेर 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली के पास से पुलिस ने एक पत्र बरामद किया है, जिसमें ट्रैक्टर मालिकों से लेवी वसूली की बात लिखी हुई है। - Dainik Bhaskar
एनकाउंटर में ढेर 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली के पास से पुलिस ने एक पत्र बरामद किया है, जिसमें ट्रैक्टर मालिकों से लेवी वसूली की बात लिखी हुई है।

दंतेवाड़ा जिले के अंदरूनी गांवों में जिन ग्रामीणों के पास ट्रैक्टर है। नक्सली उनसे 10-10 हजार रुपए की लेवी वसूली कर रहे हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब दंतेवाड़ा पुलिस के हाथ नक्सलियों का गोंडी बोली में लिखा एक पत्र लगा। जिसे पुलिस ने हिंदी में अनुवाद करवाया है।

हार्डकोर महिला नक्सली गंगी ने अपने साथी नक्सली संतोष को यह पत्र लिखा था। संतोष के एनकाउंटर के बाद उसके कपड़ों से पुलिस ने इस पत्र को बरामद किया है। SP के अनुसार जिन ग्रामीणों के पास ट्रैक्टर है, उनपर नक्सली दबाव बनाकर लेवी वसूली कर रहे हैं। लेवी नहीं देने पर जन अदालत लगा कर मौत के घाट उतारने की बात भी पत्र में लिखी हुई है।

पानी व मिट्टी लगने से फटा पत्र
पोरदेम एनकाउंटर में पुलिस ने इनामी नक्सली संतोष को मार गिराया था। इसके बाद घटना स्थल से शव सहित भारी संख्या में सामान भी बरामद किया था। नक्सली जिस कपड़े को पहना हुआ था, उसी कपड़े में पुलिस को हेंडराइटिंग में गोंडी बोली में लिखा एक पत्र भी मिला। जिसे हार्डकोर इनामी नक्सली गंगी ने संतोष को लिखा था। हालांकि, मिट्टी व पानी लगने की वजह से पत्र कई जगहों से फट भी गई है। लेकिन फिर भी पुलिस ने इस पत्र का हिंदी अनुवाद करवाया है।

इससे पहले भी वसूली के आ चुके हैं मामले
पुलिस के अनुसार अंदरूनी इलाके में जिन ग्रामीणों के पास ट्रैक्टर हैं। वे मानसून के समय गांव-गांव जाकर खेतों की जुताई करते हैं। जिससे उन्हें अच्छी खासी आमदनी हो जाती है। लेकिन ट्रैक्टर मालिकों की कमाई पर नक्सली डाका डाल देते हैं। पिछली बार भी नक्सलियों के द्वारा अवैध वसूली की दंतेवाड़ा पुलिस के पास कई शिकायतें आई थी।

27 जून को पुलिस ने एनकाउंटर में किया था ढेर
बस्तर में पुलिस द्वारा ऑपरेशन मानसून चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत दंतेवाड़ा पुलिस ने सुकमा-दंतेवाड़ा की सरहद पर स्थित पोरदेम में 27 जून को मुठभेड़ में एक नक्सली को ढेर किया था। जिसकी शिनाख्त 5 लाख रुपए के हार्डकोर इनामी नक्सली संतोष के रूप में हुई थी। यह नीलावाया में एंबुश लगाकर सुरक्षबलों पर हमला करने की घटना में शामिल था। इस घटना में 1 मीडियाकर्मी सहित 3 पुलिस के जवान शहीद हुए थे। साथ ही पूर्व जिला पंचायत सदस्य नंदलाल मुड़ामी पर हुए नक्सल हमले का भी मास्टरमाइंड था।

SP डॉ अभिषेक पल्लव ने कहा कि मारे गए 5 लाख के इनामी नक्सली संतोष के कपड़े से बरामद पत्र में ट्रैक्टर रखने वाले ग्रामीणों से वसूली व नहीं देने वालों के लिए सजा देने की बात लिखी हुई है। यह नक्सली गंगी ने संतोष को लिखा है। नक्सली संतोष को कुछ लोग ग्रामीण बता रहे थे। ये नीलावाया हमले का मास्टरमाइंड है। नंदलाल मुड़ामी पर हमले का मास्टरमाइंड है, जन अदालत में कई ग्रामीणों की हत्या करने वाला है। गांवों में खुलेआम लेवी वसूलने वाला अगर ग्रामीण हुआ तो नक्सली कौन होगा?

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