जगदलपुर से भुवनेश्वर का सफर होगा आरामदायक:हीराखंड एक्सप्रेस में जोड़े जाएंगे 12 एलएचबी कोच, इसमें 4 AC सहित लगेज कम डिसेबल कोच की भी सुविधा; 10 सितंबर को पहुंचेगी ट्रेन

जगदलपुर2 महीने पहले
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ईको रेलवे ने हिराखंड एक्सप्रेस में एलएचबी कोच जोड़ने की तैयारी कर ली है। - Dainik Bhaskar
ईको रेलवे ने हिराखंड एक्सप्रेस में एलएचबी कोच जोड़ने की तैयारी कर ली है।

जगदलपुर से भुवनेश्वर तक हीराखंड एक्सप्रेस से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक सुखद खबर है। ईको (ईस्ट कॉस्ट) रेलवे ने हिराखंड एक्सप्रेस में एलएचबी कोच जोड़ने की तैयारी कर ली है। 10 सितंबर को जर्मन तकनीक वाली सर्व सुविधायुक्त कोच के साथ हीराखंड एक्सप्रेस भुवनेश्वर से जगदलपुर पहुंचेगी। ईको रेलवे के सीनियर डिविजनल कॉमर्शियल मैनेजर एके त्रिपाठी ने बताया कि, यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

ईको रेलवे के अधीन लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों में हीराखंड एक्सप्रेस भी है।
ईको रेलवे के अधीन लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों में हीराखंड एक्सप्रेस भी है।

दरअसल, ईको रेलवे के अधीन लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों में हीराखंड एक्सप्रेस भी है। एलएचबी कोच के साथ यह ट्रेन विजयनगरम, रायगड़ा होती हुई नए कंपोजिशन के साथ 10 सितंबर को पहली बार जगदलपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में अब 12 एलएचबी कोच होंगे। इसमें एक AC कोच, 1 सेकेंड AC, 2 थर्ड AC, स्लीपर क्लास के 4, सेकेंड क्लास लगेज कम डिसेबल कोच के अलावा एक जनरल मोटर कार बोगी भी होगी।

एलएचबी कोच सुरक्षित और आरामदायक, ज्यादा जगह भी

ट्रेन में लगने वाले एचएलबी यानी कि लिंक हॉफमेन बुश कोच जर्मनी तकनीकि पर आधारित हैं। ये स्टील से बनाए जाते हैं, जिसके चलते वजन कम होता है। रेलवे ट्रैक पर कोई गतिरोध हो तो रोकने के लिए इसमें डिस्क ब्रेक का इस्तेमाल किया गया है। इसके कोच अभी तक इस्तेमाल हो रहे कोच से 1.7 मीटर ज्यादा लंबे होते हैं। जिससे बैठने की क्षमता भी ज्यादा होती है। दुर्घटना के समय सेंटर बफर काउंलिंग (CBC) सिस्टम होने के कारण इसके डिब्बे एक के ऊपर एक नहीं चढ़ते हैं।

अफसर बोले - जर्मन तकनीक का मिलेगा लाभ
रेलवे के अफसरों के मुताबिक, एलएचबी कोच जर्मन तकनीक पर आधारित है। कोच का वजन कम होने से ट्रेन के रफ्तार पर इसका बड़ा असर पड़ता है। दूसरी बोगियों की तुलना में इस बोगी में सफर तय करने में ज्यादा आराम भी मुसाफिरों को मिलता है। साथ ही इस कोच में बैठने ली क्षमता भी अधिक होती है। एके त्रिपाठी ने बताया कि, यात्रियों की सुविधा को देखते हुए यह प्रयास किया गया है।

जगदलपुर से चलती है ये ट्रेनें

  • हीराखंड एक्सप्रेस - जगदलपुर से भुवनेश्वर तक
  • जगदलपुर-विशाखापटनम एक्सप्रेस - जगदलपुर से विशाखापटनम तक
  • कोरापुट-हावड़ा एक्सप्रेस - जगदलपुर से कोलकाता तक
  • जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस - जगदलपुर से राउरकेला तक
  • जगदलपुर- दुर्ग एक्सप्रेस- जगदलपुर से दुर्ग तक
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