बस्तर दशहरे के मुरिया दरबार में CM:मांझी-चालकी ने कहा- सालों से पूजा कर रहे, सरकारी नौकरी दें, बघेल बोले- बस्तर फाइटर्स में आवेदन करें

जगदलपुर3 महीने पहले
बस्तर दशहरे के बाद मुरिया दरबार में शामिल हुए CM भूपेश बघेल।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को बस्तर पहुंचे। यहां सबसे पहले आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दर्शन किए। फिर बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार पहुंचे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मांझी-चालकी लोगों से सीधे बात की। उनकी समस्याओं को भी जाना। इस दौरान मांझी-चालकी के लोगों ने मुख्यमंत्री से कहा कि, हम इतने सालों से बस्तर दशहरा में अपना सहयोग देते आ रहे हैं, हमारे परिवार में से एक-एक सदस्यों को सरकारी नौकरी दें। इस पर CM ने कहां कि, बस्तर के युवाओं को नौकरी देने के लिए ही बस्तर फाइटर्स फोर्स का गठन किया जा रहा है। पूरे बस्तर संभाग के 2800 युवाओं को नौकरी दी जाएगी। इसमें आवेदन करें। सरकारी प्रक्रिया के अनुसार नौकरी मिलेगी।

CM ने आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दर्शन किए।
CM ने आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दर्शन किए।

CM ने कहा कि, बस्तर दशहरा के बाद मुरिया दरबार का आयोजन किया जाता है। इस मुरिया दरबार में मांझी-चालकी, पुजारी सहित समिति के लोग बैठकर बस्तर के विकास के बारे में चर्चा करते हैं। पिछले साल क्या हुआ? आने वाले साल में क्या करना चाहिए? मंथन करते हैं। आज के इस मुरिया दरबार में मुझसे सीधे किसी ने सिंचाई के बारे में बात की तो किसी ने रोजगार के बारे में। मुरिया दरबार की खासियत यह है कि, यहां पर जो चर्चा होती है उसका निराकरण भी तुरंत किया जाता है। यह परंपरा सालों से चली आ रही है। आज के इस मुरिया दरबार में इनकी समस्याओं का समाधान किया गया है।

मुरिया दरबार में पहुंचे मांझी-चालकी।
मुरिया दरबार में पहुंचे मांझी-चालकी।

बस्तर की देवगुड़ी और घोटुल के लिए सरकार दे रही पैसे
मुख्यमंत्री ने मांझी-चालकी को बताया कि, छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार बस्तर के आदिवासियों की संस्कृति को संजोने का काम कर रही है। बस्तर के आदिवासियों के आस्था का केंद्र देवगुड़ी के जीर्णोद्धार के लिए सरकार 5 लाख रुपए दे रही है। साथ ही विश्व प्रसिद्ध बस्तर के अबूझमाड़ के घोटुल के लिए 10 लाख रुपए की राशि दी जा रही है। सरकार आदिवासियों की आस्था का ख्याल रख रही है। बस्तर के परंपरा को देखने के लिए विदेशों से भी लोग पहुंचते हैं। CM ने कहा कि, बस्तर के अलावा छत्तीसगढ़ की संस्कृति से भी लोग अब परिचित हो रहे हैं।

मुरिया दरबार में CM ने बस्तर के विधायकों की भी तारीफ की।
मुरिया दरबार में CM ने बस्तर के विधायकों की भी तारीफ की।

डैनेक्स नवा गारमेंट फैक्ट्री की तारीफ
मुरिया दरबार में CM ने कहा कि, अब बस्तर बदल रहा है। दंतेवाड़ा जिले में डैनेक्स नवा गारमेंट फैक्ट्री की स्थापना की गई है, जिससे सैकड़ों महिलाओं को रोजगार मिला है। अब बस्तर की जो महिलाएं कपड़े सिल रही हैं ,उन्हें देश के कोने-कोने में भिजवाया जा रहा है। यह बस्तर के लिए बहुत बड़ा बदलाव है। CM ने इस काम के लिए विधायक देवती कर्मा समेत जिला प्रशासन की जमकर तारीफ की है।

CM ने मांझी-चालकी को राशि वितरित की।
CM ने मांझी-चालकी को राशि वितरित की।

स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगरा के काम गिनवाए
मुरिया दरबार में CM ने बस्तर के विधायकों की भी तारीफ की। साथ ही यहां हो रहे विकास कार्यों को भी गिनवाया। उन्होंने कहा कि, बस्तर में शिक्षा के लिए तेजी से काम हो रहा है। सभी ब्लॉक में एक-एक स्वामी आत्मनांद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोली जा रही है। इसके साथ ही बीजापुर जिले के अंदरूनी गांव कुटरू में भी स्कूल खुलेगी। वहां के बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर फर्राटे से इंग्लिश बोलेंगे। CM ने कहा कि, अब बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाएं भी बेहतर हो गई है।

साथ ही कांकेर जिले में सीताफल से आइसक्रीम बनाने का काम चल रहा है। सुकमा में इमली कैंडी बनाई जा रही है। नारायणपुर जिले में झाड़ू बनाने का काम किया जा रहा है। बस्तर के आदिवासियों को इससे रोजगार मिला है। सरकार 30 रुपए किलो के हिसाब आदिवासियों से महुआ खरीद कर उन्हें लाभ पहुंचा रही है। इधर व्यापारी भी सीधे ग्रामीणों से 35 से 40 रुपए किलो में भी खरीदी कर रहे हैं। इसका फायदा ग्रामीणों को मिल रहा है।

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