सालभर में नक्सलियों को लगा 160 का झटका:दंडकारण्य में सबसे ज्यादा 101 नक्सलियों की मौत, संगठन में बीमारी से 13 माओवादियों ने तोड़ा दम, सेंट्रल कमेटी ने जारी किया प्रेस नोट

जगदलपुर5 महीने पहले
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नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी ने प्रेस नोट जारी कर पिछले सालभर में 160 नक्सलियों की मौत होना बताया है। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी ने प्रेस नोट जारी कर पिछले सालभर में 160 नक्सलियों की मौत होना बताया है। (फाइल फोटो)

नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने रविवार को प्रेस नोट जारी किया है। जिसमें पिछले एक साल में देश के अलग-अलग राज्यों में 160 नक्सलियों की मौत होने की बात कबूली है। इनमें कई हार्डकोर माओवादी भी शामिल हैं। सालभर में जिन 160 नक्सलियों की मौत हुई है, उनमें 30 महिला माओवादी हैं। जबकि 27 नक्सलियों का विवरण सेंट्रल कमेटी के पास भी नहीं है।

दंडकारण्य सहित इन राज्यों में इतने नक्सलियों की हुई मौत

सेंट्रल कमेटी के द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में दंडकारण्य में सबसे ज्यादा 101 माओवादियों की मौत का जिक्र है। बीजापुर, सुकमा व दंतेवाड़ा में हुई पुलिस नक्सली मुठभेड़ व बीमारी से कई नक्सलियों की मौत हुई है। पिछले सालभर में दण्डकारण्य में ही नक्सलियों को सबसे बड़ा झटका लगा है। इसके अलावा बिहार-झारखंड में 11, ओड़िशा में 14 , महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा में 8, आंध्र-ओड़िशा में 11, पश्चिमी घाटी में 1 वे तेलंगना में 14 सहित कुल 160 नक्सलियों की मौत हुई है।

नक्सली 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीद सप्ताह मनाएंगे। इस दौरान मृत नक्सलियों को श्रद्धांजलि देंगे।
नक्सली 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीद सप्ताह मनाएंगे। इस दौरान मृत नक्सलियों को श्रद्धांजलि देंगे।

जानिए इन कारणों से हुई नक्सलियों की मौत

माओवादियों के सेंट्रल कमेटी ने माना है कि पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 95 लाल लड़ाके मारे गए हैं। 40 लाख रुपए के इनामी हरिभूषण सहित कुल 13 माओवादियों की बीमारी से मौत होने की बात भी कबूली है। साथ ही दुर्घटना में 5 नक्सलियों की मौत होने का जिक्र भी प्रेस नोट में किया है। इधर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए 42 माओवादियों की मौत होना बताया है। जबकि अन्य 5 नक्सलियों की मौत कैसे हुई इसका विवरण फिलहाल सेंट्रल कमेटी के पास नहीं है।

28 जुलाई से 3 अगस्त तक मनाएंगे शहीद सप्ताह

नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने बताया कि 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीद सप्ताह मनाएंगे। इस दौरान गांव-गांव में सभा भी आयोजित की जाएगी। साथ ही पिछले सालभर में मारे गए नक्सलियों को विशेष तौर पर याद किया जाएगा। अपने मृत साथियों को श्रद्धांजलि भी देंगे। ऐसे में अब पुलिस भी अलर्ट हो गई है।

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