धीमी जांच / बस्तर संभाग में दूसरे राज्यों से 20 हजार से ज्यादा लोग लौटे; 6500 की जांच हुई, 5 पॉजिटिव मिले

बाटीडांड़ के क्वारेंटाइन सेंटर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुरू की जांच। बाटीडांड़ के क्वारेंटाइन सेंटर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुरू की जांच।
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बाटीडांड़ के क्वारेंटाइन सेंटर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुरू की जांच।बाटीडांड़ के क्वारेंटाइन सेंटर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुरू की जांच।

  • हॉस्पिटल पहुंचने पर तापमान नापकर होम क्वारेंटाइन किया जा रहा, पीसीआर जांच नहीं हो रही

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:29 AM IST

जगदलपुर. बस्तर संभाग में कोरोना के पांच मरीज मिल चुके हैं, ये पांचों पॉजिटिव कांकेर जिले के हैं। इस बीच बाहर से आने वाले मजदूरों की पूरी स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है। यही नहीं, ऑरेंज और रेड जोन से आने वाले मजदूरों और लोगों की जांच भी नहीं हो पा रही है। जानकारी के अनुसार जो मजदूर बाहर से आ रहे हैं उन्हें सीधे अलग-अलग क्वारेंटाइन सेंटरों में रखा जा रहा है। यहां रखने से पहले सभी मजदूरों की रैपिड किट या पीसीआर जांच भी नहीं हो पा रही है। 
जांच का काम रैंडमली किया जा रहा है। इसके अलावा पीसीआर जांच भी सिर्फ उन्हीं मजूदरों या प्रवासियों की हो रही है जिनकी रैंडमली जांच पॉजिटिव आ रही है। जानकारी के अनुसार अभी संभाग के 7 जिलों में सिर्फ 65 सौ लोगों की कोरोना पीसीआर जांच हुई है जबकि लॉकडाउन 2.0 के बाद ही 7 जिलों में से करीब 20 हजार मजदूरों और प्रवासियों के लौटने की खबरें हैं। इनमें से अकेले बस्तर जिले में ही करीब तीन हजार मजदूर लौटे हैं।
इधर अभी मेकॉज के माइक्रोबॉयोलॉजी डिपार्टमेंट में कोरोना की पीसीआर जांच के लिए दो मशीने हैं। एक मशीन मेकाज में पहले से थी जबकि दूसरी मशीन हाल ही में अंजोरा से मंगाई गई थी। इस नई मशीन के आने के बाद अब मेकॉज में हर रोज करीब चार सौ नमूनों की जांच की क्षमता हो गई है। इसके अलावा अभी मेकॉज में एक नई मशीन आनी है। इस मशीन के आने के बाद यह संख्या एक हजार के करीब पहुंच जाएगी। 20 मई तक मिले अधिकारिक आंकड़े के अनुसार अब तक मेकॉज में 6347 लोगों की जांच हो चुकी है और करीब 911 लोगों की रिपोर्ट लंबित है।
जशपुरनगर : पॉजिटिव मरीजों के साथ 39 ने की ट्रेन में यात्रा
दिल्ली से 17 मई को पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लौटे मजदूरों में से बिलासपुर के 5 मजदूरों की रिपाेर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इनके साथ यात्रा कर लौटे 5 मजदूर जशपुर जिले के क्वारेंटाइन सेंटरों में हैं। इधर बलरामपुर में जिस श्रमिक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है,  उसके सीधे संपर्क में रहकर यात्रा किए 34 श्रमिक जिले में हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सबके सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। शुक्रवार की शाम तक किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। प्रशासन सहित जिलेवासियों के इन श्रमिकों के जांच रिपोर्ट का इंतजार है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के सीधे संपर्क करने वालों का जशपुर जिले में होने मात्र से जिले में हलचल मच गई है। लोग अपने-अपने घरों में हैं और बगैर काम के घरों से नहीं निकल रहे हैं। वहीं जनसामान्य में सिर्फ यही चर्चा चल रही है कि जिले में रह रहे श्रमिकों की रिपोर्ट क्या आई। ऐसी सतर्कता ने ही जिले को रेड जोन बनाकर रखा है, जहां भी कोरोना मरीज मिल रहे हैं। उनके सीधे संपर्क में रहे या उनके साथ यात्रा किए लोगों की लिस्ट राज्य सरकार द्वारा जारी कर स्वास्थ्य  विभाग से सैंपल मंगाए जा रहे हैं। गुरुवार को जब बिलासपुर में पॉजिटिव मिले श्रमिकों के सहयात्रियों की सूची जशपुर में आई तो विभाग द्वारा रात में ही सैंपल लेने का काम शुरू किया वहीं शुक्रवार को बलरामपुर जिले में पॉजिटिव मिले मरीज के साथ यात्रा किए 34 श्रमिकों की लिस्ट जिले में आई है। सीएमएचओ डॉ पी सुथार ने बताया कि यह 34 श्रमिक बगीचा, कांसाबेल, फरसाबहार, लोदाम, सीतापुर, जशपुर सहित अन्य जगहों के क्वारेंटाइन सेंटरों में हैं। इनके सैंपल कलेक्शन का काम चल रहा है। 
अंबिकापुर : 6 श्रमिकों के सैंपल में एक पॉजिटिव निकला
बलरामपुर जिले के बाटीडांड़ स्थित पहाड़ी कोरवा आश्रम में एक प्रवासी मजदूर कोरोना पाॅजिटिव मिला है। इसके साथ ही सरगुजा संभाग का एक मात्र जिला बलरामपुर जो ग्रीन जोन में था। वह भी अब ऑरेंज जोन में चला गया। यह मरीज रामचंद्रपुर के धमनी सरनी गांव का रहने वाला है। जो तेलंगाना से 21 मजदूरों के साथ लौटा था। इनमें से छह में बुखार के लक्षण मिलने पर जांच के लिए सैम्पल एम्स भेजा गया था। इसमें एक का रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है। अधिकारियों ने बताया कि 13 मई को तेलंगाना से लौटे मरीजों को बरियों के पास बाटीडांड़ स्थित पहाड़ी कोरवा आश्रम में बनाये गए क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था। मरीज की रिपोर्ट पाॅजिटिव आने पर प्रशासन में हड़कंप है। मरीज को अम्बिकापुर में बनाये गए कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। यहां पहले से 5 लोग भर्ती थे। अब यहां भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है।
बिलासपुर : कोरोना संदिग्ध मजदूर की सिम्स में मौत
शहर में दिन पहले सिम्स में भर्ती कराए गए कोरोना संदिग्ध मजदूर की शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। सिम्स प्रबंधन ने इस बार भी संदिग्ध मौत को पूरी तरह से दबाकर रखने की कोशिश की। मजदूर 20 मई को ट्रेन से पुणे से यहां आया था। उसे मस्तूरी के क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया था, लेकिन उसी दिन श्रमिक की हालत बिगड़ गई तो उसे इलाज के लिए सिम्स भेज दिया गया। मजदूर को सर्दी, खांसी, बुखार तथा गले में इंफेक्शन की शिकायत थी। सिम्स पहुंचने के बाद वहां बनाए गए कोराेना स्पेशल वार्ड में उसे रखा गया था। श्रमिक का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। इसलिए उसके शव को पूरी तरह से पैक कर के मरच्यूरी में रखवा दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा कि श्रमिक को कोरोना था या नहीं।
कोरबा : क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए थे पॉजिटिव मजदूर
जिले में शुक्रवार को 12 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। ये कोरबा विकासखंड अंतर्गत कुदुरमाल हायर सेकंडरी स्कूल में बने क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए प्रवासी मजदूर हैं, जो 14 मई को चांपा सीमा के पास एंट्री पाइंट में मिले थे। यहां से उनके साथ कुल 61 मजदूर को बस में बैठाकर सीधे क्वारेंटाइन सेंटर भेजा गया था। 17 मई को सभी मजदूरों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। पॉजिटिव मिले मजदूरों में महाराष्ट्र के नासिक से 4, नागपुर से 2, चंद्रपुर व भंडारा से 1-1, उत्तरप्रदेश के कानपुर से 2, अलीगढ़ से 1 व मध्यप्रदेश के दमोह से 1 मजदूर वापस लौटे हैं। सूचना मिलने पर कलेक्टर व एसपी पहुंचे और मजदूरों को इलाज के लिए भेजा गया।
तेलंगाना से ट्रेन में बिलासपुर और वहां से बस में क्वारेंटाइन सेंटर में
बताया गया है कि मजदूरों के लिए चलाई गई ट्रेन से मजदूर तेलंगाना से बिलासपुर पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें बस से बांटीडांड़ स्थित पहाड़ी कोरवा आश्रम में बने क्वारेंटाइन सेंटर में लाकर रखा गया था। उसी समय उनके स्वास्थ्य की जांचकर सैम्पल लिया गया था। सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इसमें से एक श्रमिक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

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