धीमी जांच / 7 जिलों में 20 हजार से ज्यादा लोग लौटे मगर कोरोना जांच सिर्फ 6500 की हुई

More than 20 thousand people returned in 7 districts but corona investigation was done only 6500
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More than 20 thousand people returned in 7 districts but corona investigation was done only 6500

  • हॉस्पिटल पहुंचने पर सिर्फ तापमान नापकर होम क्वारेंटाइन किया जा रहा

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

जगदलपुर. बस्तर संभाग में कोरोना के पांच मरीज मिल चुके हैं, ये पांचों पॉजिटिव कांकेर जिले के हैं। इस बीच बाहर से आने वाले मजदूरों की पूरी स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है। यही नहीं, ऑरेंज और रेड जोन से आने वाले मजदूरों और लोगों की जांच भी नहीं हो पा रही है। जानकारी के अनुसार जो मजदूर बाहर से आ रहे हैं उन्हें सीधे अलग-अलग क्वारेंटाइन सेंटरों में रखा जा रहा है। यहां रखने से पहले सभी मजदूरों की रैपिड किट या पीसीआर जांच भी नहीं हो पा रही है। 
जांच का काम रैंडमली किया जा रहा है। इसके अलावा पीसीआर जांच भी सिर्फ उन्हीं मजूदरों या प्रवासियों की हो रही है जिनकी रैंडमली जांच पॉजिटिव आ रही है। जानकारी के अनुसार अभी संभाग के 7 जिलों में सिर्फ 65 सौ लोगों की कोरोना पीसीआर जांच हुई है जबकि लॉकडाउन 2.0 के बाद ही 7 जिलों में से करीब 20 हजार मजदूरों और प्रवासियों के लौटने की खबरें हैं। इनमें से अकेले बस्तर जिले में ही करीब तीन हजार मजदूर लौटे हैं।
अभी दो मशीनों से हर रोज चार सौ जांच नई मशीन आने के बाद आंकड़ा हजार तक जाएगा
इधर अभी मेकॉज के माइक्रोबॉयोलॉजी डिपार्टमेंट में कोरोना की पीसीआर जांच के लिए दो मशीने हैं। एक मशीन मेकाज में पहले से थी जबकि दूसरी मशीन हाल ही में अंजोरा से मंगाई गई थी। इस नई मशीन के आने के बाद अब मेकॉज में हर रोज करीब चार सौ नमूनों की जांच की क्षमता हो गई है। इसके अलावा अभी मेकॉज में एक नई मशीन आनी है। इस मशीन के आने के बाद यह संख्या एक हजार के करीब पहुंच जाएगी। 20 मई तक मिले अधिकारिक आंकड़े के अनुसार अब तक मेकॉज में 6347 लोगों की जांच हो चुकी है और करीब 911 लोगों की रिपोर्ट लंबित है।
रात 2 बजे ऑरेंज जोन से आए युवक को भास्कर की पहल के बाद किया गया क्वारेंटाइन
इधर बुधवार की देर रात ऑरेंज जोन से लौटा शहर का एक युवक रात डेढ़ बजे जांच के लिए महारानी हॉस्पिटल पहुंचा। यहां युवक ने डाॅक्टरों को बताया कि वह ऑरेंज जोन से आया। इसके बाद युवक का टेंप्रेचर जांच कर डाॅक्टरों ने उसे होम क्वारेंटइन के लिए छोड़ दिया। इसकी जानकारी मिलने के बाद रात में ही भास्कर ने कोतवाली टीआई एमन साहू को मामले की जानकारी दी फिर पुलिसकर्मी हॉस्पिटल पहुंचे और युवक को रात 2 बजे क्वारेंटाइन सेंटर भिजवाया गया। इधर शहर सीमा से लगे तोकापाल में जिस आईईटी भवन को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है वहां व्यवस्था ऐसी नहीं है कि मजदूर अलग-अलग रह सकें।

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