अब 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड' में CG की नैना सिंह:बस्तर कलेक्टर ने दिया सर्टिफिकेट और गोल्ड मेडल; माउंट एवरेस्ट पर फहराया था तिरंगा

जगदलपुर6 महीने पहले
कलेक्टर रजत बंसल ने नैना को गोल्ड मेडल और सर्टिफिकेट भी दिया।

विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की फतह हासिल करने वाली बस्तर की बेटी नैना सिंह धाकड़ का अब 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड' में नाम दर्ज हो गया है। बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने नैना को गोल्ड मेडल और सर्टिफिकेट भी दिया। नैना सिंह ने माउंट एवरेस्ट और माउंट ल्होत्से इन दो पर्वतों की सफलता पूर्वक चढ़ाई कर तिरंगा फहराया था।

नैना ने कहा कि यदि किसी भी काम को करने दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो वो काम जरूर सफल होता है। इधर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद नैना को लगातार बधाइयां भी मिल रही है।

कलेक्टर रजत बंसल के साथ नैना।
कलेक्टर रजत बंसल के साथ नैना।

नैना सिंह धाकड़ बस्तर के टाकरागुड़ा गांव की रहने वाली है। साल 2010 से अब तक इन्होंने कई छोटे-बड़े पहाड़ों की चढ़ाई की है। नैना ने 23 मई 2021 को विश्व की चौथी ऊंची चोटी माउंट ल्होत्से 8516 मीटर पर सफलता पूर्वक चढ़ाई की थी। वहीं 1 जून 2021 को विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट 8848.86 मीटर की चढ़ाई कर राष्ट्र ध्वज फरहराया था। विश्व की इन दोनों चोटियों पर फतह हासिल करने वाली बस्तर की बेटी नैना देश की पहली महिला पर्वतारोही है।

माउंट एवरेस्ट की फतह हासिल करने के बाद नैना ने राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया था।
माउंट एवरेस्ट की फतह हासिल करने के बाद नैना ने राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया था।

8 सालों में 14 पहाड़ों पर फहराया अलग-अलग मिशन का झंडा
नैना ने पिछले 8 सालों में कई छोटे-बड़े पहाड़ों पर फतह हासिल की है। साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बेटी किसी से नहीं है कम, बेटी से देश को मिलेगा दम आदि मिशन का झंडा भी इन पहाड़ों की फतह हासिल करने के बाद फहरा चुकी है। नैना 10 दिन के अंदर 10 विश्व की 2 सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने का रिकॉर्ड 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड' पर अपना नाम दर्ज करवा लिया है।

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