कोरोना का कहर:7 दिन में पहली बार कोरोना से मौत नहीं

जगदलपुर6 महीने पहले
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कोविड संक्रमित की मृत्यु होने के बाद उसका शव वाहन में ले जाया गया जबकि परिजनों ने प्रतीकात्मक रूप से शव यात्रा मुक्तिधाम तक पहुंचाई। - Dainik Bhaskar
कोविड संक्रमित की मृत्यु होने के बाद उसका शव वाहन में ले जाया गया जबकि परिजनों ने प्रतीकात्मक रूप से शव यात्रा मुक्तिधाम तक पहुंचाई।

बढ़ते कोरोना संक्रमण और कोरोना से मौतों के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। गुरूवार को मेकाज में भर्ती किसी भी कोविड पॉजिटिव मरीज की मौत नहीं हुई है। पिछले सात दिनों में यह पहला मौका है जब हास्पिटल में किसी पॉजिटिव मरीज ने दम नहीं तोड़ा है।

इसके अलावा राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त एक नेता की पत्नी की मौत कोविड पॉजिटिव होने के बाद रायपुर में इलाज के दौरान हो गई है। गुरुवार को उनके शव को जगदलपुर लाया गया और कोविड नियमों के तहत स्थानीय मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। जब उनके शव को मुक्तिधाम लाया गया तो शव वाहन के आगे-आगे कुछ लोगों ने प्रतिकात्मक तौर पर काठी को कंधे पर उठाया और पैदल चलने लगे।

बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने शव को जगदलपुर लाने की खबर सुनते ही काठी तैयार कर दी थी लेकिन जब कोविड नियमों की जानकारी लोगों को लगी तो काठी को प्रतिकात्मक तौर पर शव वाहन के आगे लेकर लोग चलने लगे।

इधर मेकाज में भर्ती होने वाले मरीजों की परेशानी को देखते हुए गुरूवार को यहां मरीजों के इलाज के लिए की गई व्यवस्था में बड़े बदलाव किये गये हैं। इसके तहत अब मेकाज के थर्ड और फोर्थ फ्लोर को पूरी तरह से कोरोना पॉजिटिव और संदिग्धों के इलाज के लिए आरक्षित कर लिया गया है। अभी मेकाज के 120 से ज्यादा ऐसे मरीज हैं जिनमें कोरोना के लक्षण तो पूरे हैं लेकिन वे पॉजिटिव नहीं हैं और करीब इतने ही कोविड मरीज भी हैं। दो फ्लोर को पूरी तरह से कोविड पाजिटिव और संदिग्धों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।

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