दंतेवाड़ा का 650 बोरा धान वापस:नोडल अधिकारी बोले-पीला, लाल, काला धान की है किस्में, ये अमानक नहीं; सैंपल लिए गए

जगदलपुर/दंतेवाड़ा4 महीने पहले
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बालूद धान खरीदी केंद्र में अधिकारी धान की जांच कर रहे थे। - Dainik Bhaskar
बालूद धान खरीदी केंद्र में अधिकारी धान की जांच कर रहे थे।

जगदलपुर के नियानार संग्रहण केंद्र में भेजे गए धान के 650 बोरे धान को अमानक बताकर दंतेवाड़ा वापस भेजा गया। धान के बोरों के दंतेवाड़ा भेजते ही जिले में हडकंप मच गया। कलेक्टर दीपक सोनी ने तुरंत ही अफसरों की एक जांच टीम बना बालूद के खरीदी केंद्र भेजी। अफसरों की टीम ने वापस भेजे गए बोरों से धान का सैंपल लिया है। इधर अफसरों का दावा है कि खराब धान नहीं है, बल्कि धान की किस्म ही है।

नोडल अधिकारी छोटेलाल यादव ने बताया कि 650 बोरे अमानक बताकर दंतेवाड़ा वापस भेजे गए हैं। जबकि ये धान खराब नहीं है। दंतेवाड़ा जैविक जिला है। यहां धान की कई सारी वैरायटी हैं। जिले के सभी उपार्जन केन्द्रों में निगरानी समिति का भी गठन किया गया है। निगरानी समिति के सदस्य भी धान के किस्म की जांच करते हैं। यहां ज्यादातर किसान देसी किस्म के धान की खेती करते हैं। धान का रंग लाल, काला और पीला होता है।

उस धान से चावल सफेद निकलता है। जिसकी खरीदी कॉमन धान में की जाती है। नोडल अधिकारी ने बताया जिले में तीन राइस मिलर पंजीकृत हैं। अभी तक किसी भी मिलर ने धान की गुणवत्ता के बारे में शिकायत नहीं की है। संग्रहण केंद्र में अमानक कर वापस किया गया है । जांच टीम में खाद्य अधिकारी कीर्ति कौशिक, प्रदीप ठाकुर, दीपेंद्र ठाकुर , निगरानी समिति के दशोराम सेठिया, अनिल गावड़े, कमलोचन ठाकुर ,संतूराम सहित अन्य लोग मौजूद थे।

पहले भी ऐसा मामला आया था सामने
बताया जा रहा है साल 2020 को भी दंतेवाड़ा में इस तरह का मामला सामने आया था। जिले के गीदम उपार्जन केन्द्र में किसानों के लाए गए काला और लाल किस्म के धान की गुणवत्ता की जांच तात्कालिक डीएमओ ने एफसीआई की टीम से कराकर खरीदी कराई थी।