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  • Now Surrender Naxalites Will Also Cast Their Votes In The Elections, Will Put Indelible Ink In Their Fingers, Ayushman, Aadhar, Voter Card And Other Documents Have Been Made To Give Them The Benefits Of Government Schemes.

अब लोन वर्राटू अभियान पार्ट-2:दंतेवाड़ा में सरेंडर नक्सली डालेंगे वोट, लगवाएंगे अमिट स्याही, कभी देते थे उंगली काट देने की धमकी; सरकारी योजनाओं के लिए बन रहे दस्तावेज

दंतेवाड़ाएक वर्ष पहले
दंतेवाड़ा देश का ऐसा पहला ऐसा नक्सल प्रभावित जिला है जहां सालभर में पुलिस के किसी अभियान से प्रभावित होकर 386 लाल लड़ाकों ने हथियार डाल दिया हो। 

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में अब माहौल बदल रहा है। कभी चुनाव के समय अमिट स्याही देखकर अंगुली काट देने की धमकी देने वाले नक्सली अब खुद वोट डालेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस सरेंडर कर चुके नक्सलियों के वोटर आईडी कार्ड बनावाने में जुटी है। दंतेवाड़ा देश का पहला ऐसा नक्सल प्रभावित जिला है, जहां सालभर में पुलिस के किसी अभियान से प्रभावित होकर 386 लाल लड़ाकों ने हथियार डाल दिए हैं।

जिले में कुल 483 सरेंडर नक्सली हैं, जिनमें 386 लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर सरेंडर किए हैं।
जिले में कुल 483 सरेंडर नक्सली हैं, जिनमें 386 लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर सरेंडर किए हैं।

केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का मिलेगा लाभ
दंतेवाड़ा में नक्सलियों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ने का काम भी किया जा रहा है। जिले में कुल 483 सरेंडर नक्सली हैं। इनमें 386 ने लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर सरेंडर किया है। पार्ट-2 अभियान के तहत अब तक 361 सरेंडर नक्सलियों का आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक सहित आधार कार्ड भी बनाया जा चुका है। खाते में 10-10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी डाली जा चुकी है।

361 सरेंडर नक्सलियों का आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी ,राशन कार्ड भी बन बन गया है।
361 सरेंडर नक्सलियों का आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी ,राशन कार्ड भी बन बन गया है।

वोट डालने पर उंगलियां काटने की धमकी देने वाले, अब खुद डालेंगे वोट
बस्तर में चुनाव कराना बड़ी चुनौती होती है। सुरक्षा के बीच अंदरुनी गांव में बूथ बन भी जाते हैं तो ग्रामीण जाते नहीं। कुछ जाते हैं तो वोट डालने के बाद नक्सलियों के डर से अंगुली में लगी अमिट स्याही मिटाने की कोशिश करते हैं। ऐसी ही एक तस्वीर साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भास्कर ने देश को दिखाई थी, लेकिन अब लोकतंत्र के विरोधी नक्सली सरेंडर के बाद खुद वोट डालेंगे और अपनी उंगली में अमिट स्याही भी लगाएंगे।

2018 के विधानसभा चुनाव में भास्कर ने देश को एक तस्वीर दिखाई थी। इसमें नक्सलियों के खौफ की वजह से एक महिला पत्थर से स्याही मिटाती हुई नजर आई थी।
2018 के विधानसभा चुनाव में भास्कर ने देश को एक तस्वीर दिखाई थी। इसमें नक्सलियों के खौफ की वजह से एक महिला पत्थर से स्याही मिटाती हुई नजर आई थी।

2020 में हुई थी लोन वर्राटू अभियान की शुरुआत
दंतेवाड़ा पुलिस के द्वारा नक्सलियों की घर वापसी के लिए साल 2020 में लोन वर्राटू अभियान की शुरुआत की गई थी। इसके तहत हर थाना क्षेत्र में उन इलाकों के नक्सलियों की सूची चस्पा कर सरेंडर करने की अपील की गई थी। अभियान के चलते साल भर में दंतेवाड़ा पुलिस के सामने 102 इनामी समेत कुल 386 नक्सली हथियार डाल दिए हैं। इनमें कई कमांडर स्तर के नक्सली भी शामिल हैं। साल भर के अंदर 100 इनामी नक्सलियों का सरेंडर करवाने वाला दंतेवाड़ा देश का पहला जिला बन गया है।

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