नई कवायद:खराब धान खपाने में जुटे अफसर, विशाखापट्टनम में बिकेगा चावल

जगदलपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बिरिंगपाल संग्रहण केंद्र में छंटनी के बाद अलग किया गया धान। - Dainik Bhaskar
बिरिंगपाल संग्रहण केंद्र में छंटनी के बाद अलग किया गया धान।

बिरिंगपाल संग्रहण केंद्र में खराब पड़े धान को लेकर होने वाली कार्रवाई से बचने के लिए अब डीएमओ और संग्रहण केंद्र प्रभारी ने कवायद शुरू कर दी है। इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए अधिकारियों ने मिलर्स पर दबाब बनाते हुए अब यहां पर पड़े खराब धान को उठवाना शुरू कर दिया है। सोमवार से शुरू हुए इस धान के उठाव को लेकर इस समय बस्तर जिले के 6 मिलर्स को इसकी जिम्मेदारी दी गई जो आने वाले एक पखवाड़े के अंदर इस काम को पूरा करने की बात कह रहे हैं।

खराब धान के उठाव को लेकर जब मिलर्स से बात की गई तो उन्होंने कहा कि धान की कस्टम मिलिंग करना कोई मामूली काम नहीं है। कई बार समझौते करते हुए काम करना पड़ता है। बिरिंगपाल संग्रहण केंद्र में से इस समय धान का उठाव इसी समझौते के तहत किया जा रहा है। संग्रहण केंद्र से धान के उठाव करने वाले मिलर्स ने कहा कि यहां से जिस धान का उठाव किया जा रहा है उस धान का चावल बनाकर इसे विशाखापट्टनम में बेचा जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है। संग्रहण केंद्र के प्रभारी इस महीने के अंदर धान का उठाव करने के लिए मिलर्स को कहा गया है।

करीब 5 हजार क्विंटल धान नहीं उठाया जाएगा
बिरिंगपाल के संग्रहण केंद्र में इस समय 35 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। मिलर्स ने कहा कि इस केंद्र से धान का उठाव तो किया जा रहा है। लेकिन पूरा धान नहीं उठाया जाएगा। मिलर्स ने कहा कि करीब 5 हजार क्विंटल धान नहीं उठाया जाएगा। हमारे द्वारा उठाए जाने वाले धान के बाद बचा हुए धान का रि जेक्शन सरकारी विभाग द्वारा किया जाएगा।
गौरतलब है कि जिस धान को केंद्र से नहीं उठाने की मिलर्स द्वारा कही जा रही है वह धान बिल्कुल काला पड़ गया है। मिलिंग के बाद भी चावल के काला होने की बात कही जा रही है। कस्टम मिलिंग के तहत इस केंद्र में 4 लाख क्विंटल धान रखा गया था। जिसमें करीब 95 फीसदी धान का उठाव मिलर्स ने समय पर कर लिया था।

खबरें और भी हैं...