नक्सलियों ने जारी की 108 पेज की ईबुक:पीएलजीए के 20 साल पूरे; नेपाल में ट्रेनिंग ले रहे नक्सली, तुर्की जैसे देशों में होने वाले युद्ध के तरीकों से कर रहे

जगदलपुर8 महीने पहले
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देश में सक्रिय नक्सलियों को नेपाल से भी ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा नक्सली फिलीपींस, तुर्की और कुर्दिस्तान में चल रहे सशस्त्र युद्ध की तर्ज पर यहां विद्रोह कर रहे हैं। इससे पहले भी कई बार मुठभेड़ के बाद नक्सलियों के पास पाकिस्तान आर्डिनेंस फैक्ट्री में बने हथियार भी बरामद किए गए हैं।

इस बार नक्सलियों की ओर से हाल में पीएलजीए के 20 वर्ष पूरे होने पर एक 108 पन्नों की ई-बुक लांच की गई है। इस ई-बुक में नक्सलियों ने केंद्रीय सैनिक आयोग के इंचार्ज कामरेड देवजी का 7 पन्नों का इंटरव्यू छापा है। इसमें देवजी ने नेपाल, फिलीपींस, तुर्की, कुर्दिस्तान जैसे देशों से संबध होने की बात स्वीकारी है। यही नहीं, नेपाल में भी पीएलजीए की ओर से प्रशिक्षण देने की बात स्वीकारी गई है। इस बारे में आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि सोशल मीडिया पर जारी होने वाले प्रेस नोट या ईबुक पर सुरक्षा बलों की नजर रहती है। इसके लिए खुफिया विभाग पतासाजी में जुट भी रहता है। ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है। पूर्व में नक्सली प्रवक्ता अभय की गिरफ्तारी भी इसी संदर्भ में हो चुकी है। इस मामले में भी नजर रखी जा रही है।

ई-बुक में खुलासा
रेकी और हमलों के लिए महिलाओं का उपयोग सबसे ज्यादा ई-बुक में नक्सलियों ने लिखा है कि देशभर में विभिन्न गुरिल्ला जोनों और लाल प्रतिरोध इलाकों में महिलाएं हिम्मत और साहस के साथ दुश्मनों से लड़ते हुए पार्टी, जनसेना व संयुक्त मोर्चा के निर्माणों को मजबूत करने में लगी हुई हैं। गुरिल्ला जोनों में ग्रामीण महिलाएं पीएलजीए के लिए आंख और कान के रूप में काम करती है। गांव में फोर्स गश्ती के दौरान महिलाएं हर दिन सुबह महुआ फूल या लकड़ी जमा करने के नाम पर गांव के चारों ओर घूमती हैं और दुश्मन नहीं होने का अनुमान लगते ही इसकी खबर लोगों तक पहुंचाती हैं। इसके बाद ही अपनी जिंदगी शुरू करते हैं। इसके अलावा दुश्मनों की मौजूदगी की खबर भी महिलाओं से मिलने अौर दुश्मन पर हमले करने की बात कही गई है।

इंटरव्यू में देवजी से सवाल- अन्य देशों की माओवादी पार्टियों की जन सेनाओं के साथ पीएलजीए के क्या संबध हैं?
इस सवाल पर देवजी ने बड़े ही स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी पार्टी वैचारिक रूप से कई देशों के कम्युनिस्ट पार्टियों की जन सेनाओं के साथ जुड़ी हुई है। कुछ समय पहले ही हमारी पीएलजीए ने नेपाल में वहां के पीएलए कतारों को प्रशिक्षण दिया है। उसने ये भी कहा कि उनकी पार्टी पूर्वोत्तर क्षेत्र के सशस्त्र संगठनों के संघर्ष का समर्थन करती है। इसके अलावा फिलीपींस, तुर्की, कुर्दिस्तान में जारी युद्ध और ऐसे अन्य सशस्त्र युद्धों का अध्ययन कर रही है। उसने माना कि फिलीपींस की न्यू पीपुल्स आर्मी (एनपीए) और टीआईकेकेओ- टीकेपी (एमएल) की गुरिल्ला सेना के साथ वैचारिक रूप से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है।

शहरों को घेरने की घोषणा
इंटरव्यू में देवजी ने कहा है कि देश के 17 राज्यों में संघर्ष जारी है। 13 राज्यों में गुरिल्ला निर्माण मौजूद है और यहां तीखा संघर्ष जारी है। अभी गुरिल्ला युद्ध के जरिए पार्टी देहाती प्रांतों में आधार क्षेत्रों की स्थापना कर रही है। इसके बाद शहरों को घेरा जाएगा।

भारत में इनकी जगह नहीं
मैंने नक्सलियों के ई-बुक को पढ़ा है। उनका आंदोलन दिशाहीन है। वे किसी भी देश के हिंसात्मक अनुभव को ले लें, पर भारत में हिंसा के लिए जगह नहीं है। वे किसी भी देश के गुरिल्ला युद्ध का अनुसरण करें, हम उनसे लड़ने के लिए सक्षम हैं।
-सुंदरराज पी, आईजी, बस्तर

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