CM का जलता पुतला हाथों में लेकर दौड़े भाजपाई:पीछे कंबल और पानी की बाल्टी लेकर पुलिस भागी, कवर्धा में भड़क रही हिंसा के विरोध में फूटा BJP का गुस्सा

जगदलपुर2 महीने पहले
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भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जगदलपुर में पुतला दहन किया। - Dainik Bhaskar
भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जगदलपुर में पुतला दहन किया।

कवर्धा में हुई हिंसा के विरोध में बस्तर में भी अब भूपेश सरकार के खिलाफ विरोध भड़क रहा है। जगदलपुर के चांदनी चौक में भाजपाइयों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व मंत्री मोहम्मद अकबर का पुतला दहन किया है। पहले भाजपाइयों ने पुतला जलाया फिर हाथों में लेकर दौड़ लगाई। इधर आग बुझाने के लिए भाजपाइयों के पीछे पुलिस भी कंबल और बाल्टी में पानी लेकर दौड़ती रही। भाजपाइयों ने कवर्धा की हिंसा के आरोपियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। जगदलपुर के अलावा दंतेवाड़ा व कोंडागांव में भी भाजपा ने पुतला दहन किया है।

भाजपा के जिला अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने कहा कि, कवर्धा में झंडा लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। रविवार दोपहर कुछ युवकों ने अपना झंडा चौराहे पर लगा दिया। इसी बात को लेकर दो गुटों के युवक सड़क पर लाठी-डंडे लेकर उतर आए। पत्थरबाजी हुई, साथ ही दो गुटों में मारपीट भी हुई। दुर्भाग्य की बात है कि, इस घटना में हमारे भाजपा के 70 कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज करना यह भूपेश बघेल सरकार की नाकामी ही कहेंगे। रूप सिंह मंडावी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि, कवर्धा जल रहा है और CM नेतागिरी करने बाहर जा रहे हैं। इनको अपने प्रदेश और जिले की चिंता नहीं है।

दंतेवाड़ा में में भी किया गया पुतला दहन।
दंतेवाड़ा में में भी किया गया पुतला दहन।

दंतेवाड़ा के बस स्टैंड में जलाया पुतला
इधर जगदलपुर के अलावा दंतेवाड़ा जिले में भी भाजपा के कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड के सामने पुतला दहन किया है। दंतेवाड़ा जिले के भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष कुणाल सिंह ठाकुर ने कहा कि, प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने के लिए भूपेश बघेल की सरकार विफल रही है। कवर्धा हिंसा की आग में झुलस रहा है। प्रदेश के मुखिया को इसकी कोई भी चिंता नहीं है। वो अपनी राजनीति चमकाने गांधी परिवार को खुश करने उत्तर प्रदेश में जाकर राजनीति कर रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि, अब छत्तीसगढ़ प्रदेश को संभालने में सक्षम नहीं है। इस कारण अपने कर्तव्यों से वो भागकर कभी असम तो कभी उत्तर प्रदेश जाकर समय व्यर्थ कर रहे हैं।