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त्योहार:नवरात्र की तैयारी, दंतेश्वरी मंदिर में हुई पुताई

जगदलपुर8 महीने पहले
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नवरात्र के मौके पर दंतेश्वरी मंदिर की सालों बाद अच्छे तरीके से सफाई और पुताई किए जाने से मंदिर के आकर्षण में बढ़ोतरी हुई है। सालों तक जहां मंदिर में किसी प्रकार की कोई कलाकृति नजर नहीं आती थी तो वहीं इस साल मंदिर के गुंबद के चारों ओर सूर्य की प्रतिमा नजर आ रही है। जिसको लेकर लोग काफी उत्साहित हैं। मंदिर के पुजारी कृष्ण कुमार पाढ़ी और रामचंद्र रथ ने बताया कि इस मंदिर की सफाई सालों से टेंपल कमेटी द्वारा केवल खानापूर्ति के नाम पर की जा रही थी। कमेटी के पदाधिकारी मंदिर की पुताई चूना से करवाकर इस काम को खत्म कर देते थे। लेकिन इस साल मंदिर की पुताई से पहले इसकी सफाई करने और बाद में इसकी पुताई के लिए कमेटी पर दबाव बनाया गया। जिसे टेंपल कमेटी ने मान लिया और करीब 25 साल के बाद इसकी पुताई और सफाई मांग के हिसाब से करवाई जा रही है। रथ ने कहा कि जिस समय इस मंदिर का निर्माण करवाया गया था। उस समय कारीगरों ने मंदिर के गुंबद के चारों ओर सूर्य की प्रतिमा के साथ ही अन्य कई कलाकृतियां बनवाई जो समय के साथ खराब हो गई। अब सालों बाद गुंबद के चारों ओर सूर्य की आकृति दिखाई दे रही है जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गौरतलब है कि इस गुंबद को इस साल सफाई करने के बाद इसमें वाल पुट्टी लगाई गई। इसके बाद इसकी पुताई की गई है।

नवरात्र की तैयारी शुरू मंदिर पहुंच गए कलश
कोरोना संक्रमण के बीच जिला प्रशासन ने दंतेश्वरी मंदिर में इस साल 1270 मनोकामना ज्योति कलश जलाने का लक्ष्य रखा है। इसको लेकर तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर में जहां ज्योति कलश पहुंच गए हैं वहीं कलश स्थापना के लिए कक्ष को तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही हवन के लिए लकड़ी की व्यवस्था कर ली गई है। मंदिर के पुजारियों ने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए कुछ दिनों पहले टेंपल कमेटी ने केवल 11 मनोकामना ज्योत जलाने का निर्णय लिया था। लेकिन कुछ दिनों पहले कलेक्टर रजत बंसल मंदिर में आए थे उनसे लोगों की भावना को देखते हुए मनोकामना ज्योत की संख्या बढ़ाने की मांग की गई थी जिसे उन्होंने पूरा कर दिया है। अब इस साल क्वार नवरात्र में तेल और घी के 1270 ज्योत जलेंगे।

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