नक्सली बोले-ड्रोन हमले की तैयारी 1 महीने से थी:जवानों ने ग्रामीणों को जंगल-पहाड़ की ओर जाने से रोका था

जगदलपुर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
माओवादी विकास ने प्रेस नोट जारी किया है। - Dainik Bhaskar
माओवादी विकास ने प्रेस नोट जारी किया है।

छ्त्तीसगढ़ के बस्तर में माओवादियों ने ड्रोन हमले को लेकर एक बार फिर से पुलिस पर आरोप लगाए हैं। माओवादियों ने कहा कि ड्रोन हमला करने की तैयारी लगभग 1 महीने पहले से की जा रही थी। सुकमा और बीजापुर जिले के कई गांवों के हाट बाजारों को बंद करवा दिया गया था। जगरगुंडा, सिलगेर, पामेड़, चिंतलनार, बासागुड़ा समेत आस-पास के बाजारों में पहुंचे ग्रामीणों को जंगल और पहाड़ की तरफ न जाने की पुलिस ने धमकी दी थी। योजनाबद्ध तरीके से बमबारी की गई है।

दरअसल, दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव और माओवादी विकास ने प्रेस नोट जारी किया है। विकास ने प्रेस नोट के माध्यम से यह आरोप फोर्स पर लगाए हैं। उसने कहा कि 14-15 अप्रैल की रात 1:14 बजे से 1:50 बजे तक लगातार बमबारी की गई है। हालांकि PLGA को इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन, इस ड्रोन बमबारी के बाद से गांव वाले डरे हुए हैं। माओवादियों ने इस बमबारी के पीछे बस्तर IG सुंदरराज पी का हाथ होना बताया है।

प्रेस नोट में छत्तीसगढ़ सरकार का भी जिक्र
विकास के इस प्रेस नोट में छत्तीसगढ़ सरकार का भी जिक्र है। विकास ने प्रेस नोट के माध्यम से कहा है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार जनविरोधी और आदिवासी विरोधी सरकार है। पामेड़, बासागुड़ा, दोरनापाल से लेकर सिलगेर के पुलिस कैंपों में पहले से मौजूद बलों के अलावा और फोर्स सरकार बढ़ा रही है। दिन-रात ड्रोन और सैनिक हेलीकॉप्टर आसमान में मंडरा रहे हैं। आदिवासी रोज की जरूरतों को पूरा करने के लिए बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

IG बोले- नक्सलियों की साजिश
बस्तर के IG सुंदरराज पी ने कहा कि माओवादी फोर्स को बदनाम कर रहे हैं। फोर्स ने किसी भी तरह की कोई बमबारी गांव में नहीं की है। यह सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से अंदरूनी इलाके की जनता माओवादियों को किसी तरह से कोई समर्थन नहीं दे रही है। इसलिए नक्सली बौखलाए हुए हैं और किसी न किसी तरह से वे फोर्स को बदनाम करने की कोशिशों में लगे हुए हैं।

खबरें और भी हैं...