कोरोना का डर:प्रोटोकाॅल का मजाक, सीएमएचओ बार-बार करा रहे जांच

जगदलपुर6 महीने पहले
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  • संक्रमण खत्म होने से पहले ही पदभार ग्रहण करने वाले सीएमएचओ ने फिर कराई ट्र-नाॅट जांच, निकले निगेटिव

बस्तर जिले के सीएमएचओ डॉ गिरीशचंद शर्मा ने अपनी कोरोना की जांच फिर से करवाई है। इस बार उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद से लेकर सीएमएचओ ने कोरोना की गाइडलाइन का मजाक बना रखा है। उन्होंने पॉजिटिव होने के बाद 17 दिनों के आइसोलेशन के नियम को तोड़ दिया।

इसके अलावा वे लगातार अपना कोरोना टेस्ट करवा रहे हैं जबकि प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए नियम बनाया गया है एक बार किसी भी जांच पद्धति से पॉजिटिव होने के बाद संबंधित को दवा लेना है और 17 दिनों के आइसोलेशन में रहना है इसके बाद ही मरीज को अपनी कोरोना की जांच करवानी है। इसमें भी डाॅक्टर सलाह दे रहे हैं कि एक बार पॉजिटिव होने और कोरोना की डोज लेने के बाद दोबारा कोरोना की जांच न करवाएं लेकिन जिले के सीएमएचओ पाजिटिव होने के बावजूद इलाज के ही इस प्रोटोकाल को नहीं मान रहे हैं और बार-बार अपनी कोरोना की जांच करवा रहे हैं।

सीएमएचओ के बार-बार कोविड जांच करवाने और होम आइसोलेशन के नियमों को नहीं मानने के मामले में स्वास्थ्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. विवेक जोशी का कहना था कि कोई भी व्यक्ति जो कोविड पॉजिटिव है चाहे वह डाॅक्टर हो या आम नगारिक उसे पॉजिटिव होने के बाद 17 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहना ही है। सीएमएचओ कोविड गाइडलाइन का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं, के सवाल पर उनका कहना था कि इस मामले की जानकारी उन्हें भी मिली है और वे सीएमएचओ से इस मामले में बात करेंगे।

जानिए, 14 दिन में 4 बार कराई कोरोना जांच

सीएमएचओ पहली बार जब कोविड पॉजिटिव हुए थे तब उन्होंने आरटीपीसीआर जांच के लिए 12 अप्रैल को नमूने दिये थे इसके बाद 14 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पाॅजिटिव आ गई। इसके बाद उन्हें 17 दिनों तक घर पर रहना था लेकिन पदभार लेने उन्होंने होमआईसोलेशन और कोविड प्रोटोकाल को तोड़ा और 22 अप्रैल को फिर से आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूने दे दिये।

इस नमूने की रिपोर्ट 23 अप्रैल को निगेटिव आ गई उन्होंने इसके बाद पदभार ग्रहण कर लिया। इस बीच विवाद बढ़ा तो उन्होंने फिर से ट्रूनॉट से अपनी जांच करवाई और 26 अप्रैल को वे पॉजिटिव आ गये। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद फिर विवाद हुआ तो उन्होंने एक बार और ट्रूनॉट से जांच करवा ली और 28 अप्रैल को वे निगेटिव आ गए। पिछले 17 दिनों में उन्होंने चार बार काेविड की जांच करवाई जिसमें दो बार पॉजिटिव और दो बार निगेटिव आये।

14 अप्रैल को पहली बार पॉजिटिव आए थे

सीएमएचओ गिरीशचंद शर्मा पहली बार 14 अप्रैल को आरटपीसीआर जांच में कोविड पॉजिटिव पाये गये थे। इस बीच उन्हें जिले का प्रभारी सीएमएचओ बना दिया गया तो उन्होंने कोविड प्रोटोकाल के नियमों को दरकिनार करते हुए 24 अप्रैल को पदभार ग्रहण करने ऑफिस पहुंच गये। जब दैनिक भास्कर ने उनसे 17 दिनों के आइसोलेशन के नियमों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि दो दिनों पहले ही कोविड की जांच करवाई है और वे निगेटिव हैं। इसके बाद उन्होंने फिर से ट्रूनॉट टेस्ट करवाया तो 26 अप्रैल को वे पॉजिटिव आ गये थे।

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