गांधी परिवार के लिए ATM है छग सरकार:केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका ने कांग्रेस को घेरा, कहा- सिलगेर में मारे गए आदिवासियों के परिवार को भी 50 लाख रुपए दें भूपेश बघेल

जगदलपुर11 दिन पहले
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रेणुका सिंह ने जगदलपुर में प्रेस वार्ता ली। - Dainik Bhaskar
रेणुका सिंह ने जगदलपुर में प्रेस वार्ता ली।

केंद्रीय जनजाति विकास राज्य मंत्री रेणुका सिंह दो दिवसीय बस्तर दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने ट्राइफूड पार्क का अवलोकन किया। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक भी ली। गुरुवार को प्रेस वार्ता लेकर उन्होंने कांग्रेस सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार गांधी परिवार के लिए ATM का काम करती है। छत्तीसगढ़ में सरकार नहीं है, जो है, वह केवल दिल्ली की यात्रा कर रही है। एक जाता है तो दूसरा आता है।

उन्होंने कहा कांग्रेस के 36 बिंदुओं के घोषणा पत्र के आधार पर जनता ने वोट दिया है। 68 सीटों के साथ छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी। इनके शीर्ष नेतृत्व ने कहा था ढाई साल भूपेश बघेल CM रहेंगे और ढाई साल टीएस सिंह देव को CM की कुर्सी दी जाएगी। भूपेश बघेल को अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए और टीएस सिंहदेव को दे देनी चाहिए।

टीएस सिंह देव ने सरगुजा की जनता से कहा था, 'मैं मुख्यमंत्री बनूंगा। इसलिए वहां की सारी सीटें जीत ली। उसी तरह से चरणदास महंत ने बिलासपुर की जनता को आश्वस्त किया था कि उन्हें जिताएंगे तो CM वे बनेंगे।' भूपेश बघेल और ताम्रध्वज साहू ने भी दुर्ग की जनता से कहा कि हम मुख्यमंत्री के उम्मीदवार हैं। जनता उनकी बातों पर आ गई और उन्हें जिता दिया। सरकार बनने के बाद भी कांग्रेस ने अपनी घोषणाओं को पूरा नहीं किया। कांग्रेस ने कहा था कि सरकार बनते ही किसानों के कर्ज माफ करेंगे, लेकिन केवल कॉपरेटिव बैंक के कर्ज माफ किए हैं। बाकी अन्य बैंकों में किसानों के कर्ज माफ नहीं हुए हैं। किसानों का भी अब कांग्रेस से भरोसा उठ गया है। राहुल गांधी ने अपनी उंगलियों से 10 दिन गिनाए थे और उन 10 दिनों में कर्ज माफ करने की बात कही थी।

लखीमपुर से सिलगेर को जोड़ने पर भड़के CM:भूपेश बघेल ने कहा, वहां केंद्रीय राज्य मंत्री के बेटे ने किसानों को गाड़ी से कुचला, सिलगेर के पीड़ित परिवारों से मैंने खुद बात की है, वे मुआवजा नहीं चाहते

रेणुका सिंह से सीधी बात

सवाल- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को यूपी चुनाव का प्रभार दिया गया है। आप इसे किस नजरिए से देखतीं हैं?

जवाब - सभी यह जानते हैं कि भूपेश बघेल को उत्तर प्रदेश का प्रभारी क्यों बनाया गया है? आसाम का प्रभारी भी क्यों बनाया गया था? भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ से 400 करोड़ रुपए लेकर गए थे। उत्तर प्रदेश में भी 1000 करोड़ रुपए चंदा देने की बात किए हैं। यह सारे पैसे छत्तीसगढ़ के हित में लगने चाहिए। छत्तीसगढ़ के पढ़े-लिखे युवाओं को ढाई-ढाई हजार रुपए प्रति महीना भत्ता देने की बात किए थे। लेकिन उन्हें वह भी नहीं मिल रहा है।

सवाल - CM ने लखीमपुर में मारे गए लोगों के लिए 50-50 लाख रुपए देने की घोषणा की है। लेकिन सिलगेर में पुलिस की गोलियों से तीन ग्रामीणों की मौत हुई है, उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है।

जवाब - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सबसे पहले अपने प्रदेश की चिंता करनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में भी कई जवान शहीद हुए हैं। कई किसानों ने आत्महत्या की है। उनके परिवारों को भी 50-50 लाख रुपए की सहायता राशि देनी चाहिए। सिलगेर में जो 3 ग्रामीण मारे गए हैं उनके परिवार वालों को भी 50 लाख रुपए देकर आर्थिक सहयोग करना चाहिए। कोरोना की चपेट में आकर छत्तीसगढ़ में कई की मौत हुई है, कई बच्चे अनाथ हुए हैं उन्हें भी 50-50 लाख रुपए का मुआवजा छत्तीसगढ़ की सरकार को देना चाहिए।

सवाल - केंद्र सरकार NMDC के द्वारा बस्तर से करोड़ों रुपए लेकर जाती है, फिर भी यहां की आदिवासी जनता प्रदूषित लाल पानी पीने को मजबूर है। NMDC उन्हें सुविधा क्यों नहीं देती?

जवाब- आपने इस समस्या के बारे में मुझे अवगत करवाया है। मैं अगली बार जब आऊंगी तो जिले के कलेक्टर, NMDC के अधिकारियों से चर्चा करूंगी। साथ ही लाल पानी प्रभावित इलाके के लोगों के पीने के पानी के लिए मैं फंड दूंगी और व्यवस्था करवाऊंगी।

सवाल- आप आदिवासियों के हक की बात कर रहीं हैं। क्या आप सिलगेर जाएंगी? या फिर केवल जगदलपुर में ही बैठकर उनके विषय में बात करेंगी।

जवाब- फिलहाल मेरा बस्तर का एक दिन का दौरा था। और आज मैं गुरुवार को लौट रही हूं। मैं जब बस्तर दोबारा आऊंगी तब सिलगेर की जनता से मुलाकात करूंगी।

सवाल - ट्राइफूड पार्क का अवलोकन करना आपके लिए ज्यादा जरूरी था या फिर सिलगेर के ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को जानना?

जवाब- सिलगेर की जनता की समस्या और ट्राइफूड पार्क यह दोनों जरूरी है। ट्राइफूड पार्क भारत सरकार की एक बड़ी स्कीम है। ये लोगों के आर्थिक विकास के लिए है। इसी लिए इसके कामों की मैं समीक्षा करने के लिए जगदलपुर आई थी।