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13 दिन बाद ब्लाइंड मर्डर का खुलासा:प्रेमिका के बेटे ने साथ पकड़ा तो टंगिया से कर दिया वार, खुद को सही साबित करने महिला ने भी दिया साथ; पड़ोसी और बेटे ने नदी में फेंका दिया था शव

जगदलपुर2 महीने पहले
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नेलसनार के युवक सतीश नाग की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसी की प्रेमिका सुखमती नाग ने अपने नाबालिग बेटे और पड़ोसी के साथ मिलकर की है। - Dainik Bhaskar
नेलसनार के युवक सतीश नाग की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसी की प्रेमिका सुखमती नाग ने अपने नाबालिग बेटे और पड़ोसी के साथ मिलकर की है।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की गीदम पुलिस ने शनिवार को एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा दिया है। यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। नेलसनार के युवक सतीश नाग की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसी की प्रेमिका सुखमती नाग ने अपने नाबालिग बेटे और पड़ोसी के साथ मिलकर की है। घटना के 13 दिन बाद पुलिस ने हत्या के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से मोबाइल, मृतक की बाइक और घटना में उपयोग किए गए टंगिया को भी बरामद किया गया है।

बेटे और बृजलाल ने बाइक में बैठाकर गीदम की नदी में शव को फेंक दिया।
बेटे और बृजलाल ने बाइक में बैठाकर गीदम की नदी में शव को फेंक दिया।

मां को रोमांस करते बेटे ने देखा तो टंगिया उठा कर प्रेमी को मारा
जानकारी के मुताबिक, बारसूर की रहने वाली सुखमती नाग अपने प्रेमी सतीश नाग के साथ घर पर ही रोमांस कर रही थी। इस दौरान सुखमती का नाबालिग बेटा कमरे में पहुंच गया। अपनी मां को आपत्तिजनक स्थिति में सतीश के साथ देखने पर गुस्साए बेटे ने पास में ही रखे टंगिया से सतीश के सिर पर मार दिया। बेटे के सामने खुद को सही साबित करने के लिए महिला ने भी बेटा का पूरा साथ दिया और दोनों ने मिलकर युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। शोरगुल की आवाज सुन कर पड़ोसी बृजलाल भी मौके पर पहुंच गया। मामले को दबाने के लिए इन्होंने लाश को नदी में फेंक दिया था।

आधार कार्ड से खूनी तक पहुंची पुलिस
25 जुलाई को गीदम नदी में एक शव बह कर आया था। जिसकी शिनाख्त सतीश के रूप में हुई थी। लाश के साथ मृत युवक का बैग पुलिस को मिला था। इस बैग में बारसूर निवासी सुखमती नाग का आधार कार्ड मिला। अब पुलिस इस आधार कार्ड को हत्या का मजबूत सुराग मानते हुए बारीकी से तलाश में जुट गई थी। गीदम पुलिस बारसूर पहुंची व सुखमती के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पता चला कि युवक सतीश का सुखमती के घर आना जाना रहा है। दोनों का प्रेम प्रसंग है। सुखमती को थाना बुलाकर पूछताछ की गई तो उसने सारे राज उगल दिए।

25 जुलाई को गीदम नदी में एक शव बह कर आया था। जिसकी शिनाख्त सतीश के रूप में हुई थी।
25 जुलाई को गीदम नदी में एक शव बह कर आया था। जिसकी शिनाख्त सतीश के रूप में हुई थी।

लाश को ठिकाने लगाने पड़ोसी ने रखी थी शर्त
पुलिस के अनुसार, हत्या में शामिल बृजलाल जब सुखमती के घर पहुंचा तो दोनों मां बेटा सतीश की हत्या कर चुके थे। लाश को ठिकाने लगाने मेरी मदद ली। बेटे और बृजलाल ने बाइक में बैठाकर गीदम की नदी में शव को फेंक दिया। इस काम के लिए बृजलाल ने मृत सतीश की बाइक और मोबाइल की मांग की थी। जिसमें तीनों एक राय होकर सहमत भी हो गए।।

दंतेवाड़ा के ASP राजेंद्र जायसवाल ने बताया कि इस मामले में तह तक जाने लगातार जुटे रहे। पूरी तफ्तीश के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है व इनसे सामान भी बरामद कर लिया गया है। हत्या के इस मामले की गुत्थी सुलझाने गीदम TI जयसिंह खूंटे ,SI चंदन सिंह, ASI गुरवंता वरगे, प्रधान आरक्षक राजकुमार, आरक्षक दिवाकर मिश्रा सहित तकनीकी शाखा के भी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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