सरकार बनने के बाद की गई घोषणा पूरी:संभाग में 1500 पदों पर होगी सीधी भर्ती इंद्रावती प्राधिकरण को वित्त की मंजूरी

जगदलपुर17 दिन पहले
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  • विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड से होगी भर्ती

नवरात्र के पहले दिन बस्तर के युवाओं को बड़ी सौगात मिली है। कई सरकारी विभागों में खाली पड़े तृतीय और चतुर्थ वर्ग के 1500 से ज्यादा पदों पर कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। इंद्रावती विकास प्राधिकरण के गठन को भी राज्य के वित्त विभाग ने अपनी मंजूरी दे दी है।

बस्तर विकास प्राधिकरण के तहत विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से की जाने वाली इस भर्ती में बस्तर के सातों जिले के उम्मीदवारों को ही नौकरी मिलेगी। इसकी घोषणा राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के तुरंत बाद की गई थी। रिक्त पदों पर नियुक्तियां किस तरह की जानी है इसका खाका भी तैयार कर लिया गया था लेकिन वित्त विभाग से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण यह मामला अधर में अटका हुआ था।

इंद्रावती विकास प्राधिकरण भी बनेगा
इंद्रावती नदी को बचाने पूर्व में घोषित इंद्रावती विकास प्राधिकरण के लिए विभिन्न पदों को भी वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है। बविप्रा के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने बताया कि बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी में ओडिशा में बांध बनाने के बाद और जोरा नाला की समस्या के चलते बस्तर में पानी का बहाव बेहद कम हो गया है। जिसके चलते इसके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे बचाने प्राधिकरण की घोषणा की थी जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री हैं अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों की नियुक्ति को विभाग ने हरी झंडी दे दी है।

सभी पदों में से 555 पद अकेले स्वास्थ्य विभाग में खाली
बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और विधायक लखेश्वर बघेल पिछले ढाई साल से इस मुद्दे पर लगातार शासन से पत्राचार कर रहे थे। अंततः वित्त विभाग ने बस्तर के इन सभी रिक्त पड़े पदों पर भर्ती की स्वीकृति दे दी है। इनमें 555 पद अकेले स्वास्थ्य विभाग के हैं। इसके अलावा शिक्षा, राजस्व सहित अन्य विभागों के 988 पदों पर भर्ती की जाएगी। वाणिज्य कर विभाग के रिक्त पड़े 3 पदों पर भी भर्ती की जानी है। इसके लिए स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियों को ही लिया जाएगा।भाजपा शासन में भी कनिष्ठ सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी देने की बात कही गई थी।

सौ से ज्यादा पत्र लिखे, तब मिली मंजूरी: बघेल
बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने बताया कि पिछले दो ढाई साल से बस्तर के बेरोजगारों को सरकारी रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति के लिए प्रयास जारी थे। विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड की घोषणा तो हो गई थी लेकिन वित्त विभाग की स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। इस संबंध में 100 से ज्यादा पत्र मुख्यमंत्री सहित मुख्य सचिव व अन्य विभाग प्रमुखों को भेजे गए थे। जिसमें संभाग में रिक्त पड़े लगभग 5 हजार पदों के लिए वित्त विभाग से भर्ती के अनुमति मांगी गई थी जिसमें से पहले चरण में 1500 कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए हरी झंडी दे दी गई है।

सभी पदों में से 555 पद अकेले स्वास्थ्य विभाग में खाली
बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और विधायक लखेश्वर बघेल पिछले ढाई साल से इस मुद्दे पर लगातार शासन से पत्राचार कर रहे थे। अंततः वित्त विभाग ने बस्तर के इन सभी रिक्त पड़े पदों पर भर्ती की स्वीकृति दे दी है। इनमें 555 पद अकेले स्वास्थ्य विभाग के हैं। इसके अलावा शिक्षा, राजस्व सहित अन्य विभागों के 988 पदों पर भर्ती की जाएगी। वाणिज्य कर विभाग के रिक्त पड़े 3 पदों पर भी भर्ती की जानी है। इसके लिए स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियों को ही लिया जाएगा।भाजपा शासन में भी कनिष्ठ सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी देने की बात कही गई थी।

संभागायुक्त ने ली बैठक
स्वास्थ्य विभाग में खाली पदों पर युवाओं की भर्ती के लिए कमिश्नर व विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष जीआर चुरेंद्र की अध्यक्षता में गुरुवार को संभागायुक्त कार्यालय में बैठक हुई।

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