बस्तर फाइटर्स में भर्ती की जाए बंद:नक्सलियों ने जारी किया प्रेस नोट; कहा-आपस में लड़वाकर मरवा रहे हैं, अंबानी, अडानी का भी जिक्र

जगदलपुर6 महीने पहले
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प्रेस नोट के माध्यम से नक्सलियों ने बस्तर फाइटर्स की भर्ती को बंद करने की बात कही है। - Dainik Bhaskar
प्रेस नोट के माध्यम से नक्सलियों ने बस्तर फाइटर्स की भर्ती को बंद करने की बात कही है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी ने शुक्रवार को प्रेस नोट जारी किया है। प्रेस नोट के माध्यम से नक्सलियों ने बस्तर फाइटर्स की भर्ती को बंद करने की बात कही है। माओवादियों ने कहा है कि, उच्च जाति के लोगों को उच्च स्तर की नौकरी दी जाती है। निचले तबके के युवाओं को मूर्ख बना कर उन्हें अपने ही मां-बाप, भाई के खिलाफ खड़े करवा कर नरसंहार जैसी घटनाओं को अंजाम देने के लिए बस्तर फाइटर्स में भर्ती किया जा रहा है। दंतेश्वरी फाइटर्स, दुर्गा फाइटर्स, बस्तरिया बटालियन विदेशी सैनिकों की तरह आतंक मचा रहे हैं।्

नक्सलियों ने प्रेस नोट में लिखा है बस्तर के अमूल्य संसाधनों को अडानी, अंबानी जैसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने के लिए ही यहां के आदिवासी, गैर आदिवासी, दलितों को नक्सल उन्मूलन के नाम से आपस में लड़वाकर मरवा रहे हैं। बेरोजगार छात्र-छात्राओं को अपनी इच्छा के साथ काम करने देने की बजाए उन्हें खून खराबा वाली नौकरी में गुलाम बनाया जा रहा है। पश्चिम बस्तर डिवीजन ने बस्तर के बीजापुर जिले के 4 ब्लॉक के अंदरूनी इलाके के युवाओं को बस्तरिया फाइटर्स में भर्ती न होने की बात कही है।

स्थानीय युवाओं की भर्ती से होता है नक्सलियों को बड़ा नुकसान
दरअसल, बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा संभालने के लिए हर जिले में स्थानीय युवाओं की एक टीम बनाई गई थी। जिसका नाम DRG यानी 'डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड' रखा गया था। DRG के गठन के बाद बस्तर में पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ कई बड़ी सफलताएं भी मिली है। क्योंकि स्थानीय युवा यहां की भौगोलिक स्थिति से जल-जंगल-जमीन से भलीभांति वाकिफ हैं।

7 जिलों के 2800 युवाओं की हो रही भर्ती

इसलिए बस्तर के सातों जिलों में 2800 स्थानीय युवाओं की भर्ती बस्तर फाइटर्स में की जा रही है। जिनमें प्रत्येक जिले में 400-400 युवा शामिल होंगे। दंतेवाड़ा,बीजापुर , सुकमा, नारायणपुर जैसे धुर नक्सल प्रभावित इलाकों के अंदरूनी गांवों के स्थानीय युवा भी बस्तर फाइटर्स में भर्ती होने दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इन इलाकों से युवाओं की भर्ती होने से नक्सलियों की कमर टूटेगी। इस लिए अब लगातार नक्सली प्रेस नोट जारी कर युवाओं को भर्ती होने से मना कर रहे हैं।