एक्सपर्ट्स ने बताया कैसे करें स्टार्टअप:जगदलपुर में थिंक-बी कॉन्क्लेव ऑन एंटरप्रेन्योरशिप का आयोजन; बिजनेस बढ़ाने बताए गए तरीके

जगदलपुर9 महीने पहले
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देशभर से पहुंचे बड़े उद्यमी बस्तर के युवाओं को स्टार्टअप के नए तरीके बता रहे हैं। - Dainik Bhaskar
देशभर से पहुंचे बड़े उद्यमी बस्तर के युवाओं को स्टार्टअप के नए तरीके बता रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में थिंक-बी कॉन्क्लेव ऑन एंटरप्रेन्योरशिप का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे बड़े उद्यमी बस्तर के युवाओं को स्टार्टअप के नए तरीके बता रहे हैं। साथ ही बिजनेस को कैसे आगे बढ़ाएं इसको लेकर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। बस्तर के युवा जिन्होंने अपने नए बिजनेस स्टार्ट किए हैं या फिर करने की सोच रहे हैं उनके साथ बड़े उद्यमी चर्चा कर विभिन्न तरीके की टिप्स दे रहे हैं। साथ ही बिजनेस में सफलता की सीढ़ी कैसे चढ़ी जाए इस संबंध में बताया जा रहा है।

दरअसल, 26 अप्रैल को केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष हर्ष चौहान ने जगदलपुर के शासकीय काकतीय पीजी कॉलेज में उद्यमिता पर आधारित कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया था। इस कार्यक्रम में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस की कुलपति एवं संचालक प्रो. शालिनी भरत भी पहुंची थीं। जिन्होंने युवाओं को अपने अनुभव साझा कर स्टार्टअप के तरीके बताए थे। वहीं एंटरप्रेन्योरशिप कार्यक्रम में देशभर से आए उद्यमी विशेषज्ञों को बस्तर के नए उद्यमियों ने भी अपने स्टार्टअप के बारे में विशेषज्ञों को बताया। विशेषज्ञों ने बस्तर के उद्यमियों को उनके बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न टिप्स दिए।

बस्तर के युवाओं ने भी साझा किए नए आइडिया
इस कार्यक्रम में अनएक्सप्लॉर्ड बस्तर, तुपकी शॉट्स, ट्राइबल टोकनी समेत 10 से ज्यादा स्टार्टअप ग्रुप ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अनएक्सप्लॉर्ड बस्तर के फाउंडर जीत सिंह आर्य ने अपने किए गए स्टार्टअप ट्रैवल और टूरिज्म के बारे में एक्सपर्ट्स को बताया। उन्होंने बताया कि बस्तर में टूरिज्म को बढ़ाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। कुछ साल पहले ही इसकी शुरुआत की गई थी। जिसका अब अच्छा फीडबैक मिल रहा है।

शहर के युवा प्रांजल मिश्रा ने मेडिकल के छात्रों के ऑपरेशन की बारीकियां सीखने के बारे में वीआर डिवाइस का उपयोग करना बताया। उन्होंने एक्सपर्ट्स को बताया कि ऐनिमेशन गेम डेवलप करते समय आइडिया आया की मेडिकल के छात्रों को प्रैक्टिकल के लिए शव की आवश्यकता होती है। उन्होंने एनाटॉमी के साथ ही सर्जिकल प्रोसेस पर मॉडल तैयार किया। इससे करीब से शरीर के हर छोटे पार्ट्स को देखा जा सकता है। जैसे वे प्रत्यक्ष रूप से देख रहे हों। इससे उन्हें आसानी होगी।

जगदलपुर में थिंक-बी कॉन्क्लेव ऑन एंटरप्रेन्योरशिप का आयोजन किया गया है।
जगदलपुर में थिंक-बी कॉन्क्लेव ऑन एंटरप्रेन्योरशिप का आयोजन किया गया है।

लोका बाजार और मॉम्स फूड का किया प्रजेंटेशन
शहर के युवा आयुष और गौरव ने ऑनलाइन पोर्टल लोका बाजार बनाया है। दोनों युवाओं ने बताया कि लोका बाजार पोर्टल से बस्तर की विभिन्न आर्ट को खरीदा जा सकता है। उन्होंने कम समय में इस पोर्टल को तैयार किया है। युवा मनोज कुमार ने अपने मॉम्स फूड के बारे में विशेषज्ञों को बताया कि घर से दूर रहकर काम कर रहे युवाओं या फिर स्टूडेंट्स मां के हाथों का खाना मिस करते हैं। इसलिए उन्होंने मॉम्स फूड की शुरुआत की है। इसमें घर पर खाली बैठी महिलाओं को खाने का ऑर्डर दिया जाता है। कुछ ही देर में मॉम्स फूड घर तक पहुंच जाता है।

इन्होंने बताया अनुभव
बस्तर में आयोजित इस कॉन्क्लेव की सबसे खास बात है कि देश के कई विशेषज्ञ युवाओं को सफलता के मूल मंत्र बता रहे हैं। ओपेनियन लीडर्स और पर्सपैक्टिव बिल्डर्स में प्रोफेसर शालिनी भरत, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस मुंबई, भारत की कुलपति और जेंडर इक्वालिटी और कई अन्य सामाजिक मुद्दों पर अपने काम के बारे में अनुभव बताई हैं। प्रोफेसर सत्यजीत मजूमदार डीन - स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड लेबर स्टडीज, डॉ विपिन कुमार, निदेशक, राष्ट्रीय इनोवेशन फाउंडेशन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने भी कई टिप्स दिए।

अफसर बोले- थिंक-बी से स्टार्टअप हो रहा सफल
कलेक्टर रजत बंसल ने कहा कि थिंक-बी के माध्यम से बस्तर में स्टार्टअप और अन्य व्यावसायिक अवसरों को नया जीवन दिया जा रहा है। यह उन युवाओं के लिए सबसे सुनहरा मौका है, जहां वे अपने आइडिया से नया बिजनेस खड़ा कर सकते हैं। उन्हें बिजनेस शुरू करने कई टिप्स भी दिए जा रहे हैं। थिंक-बी की वजह से बस्तर में स्टार्टअप सफल हो रहा है। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य सफल उद्यमियों के माध्यम से थिंक-बी से जुड़े नए उद्यमियों को समर्थन और प्रोत्साहित करना है, ताकि युवा इको-सिस्टम के सदस्यों के साथ जुड़ कर स्वयं स्टार्टअप कर सकें।