अब आसान होगी राह...:टूरिस्ट बरसात में भी देख पाएंगे हांदावाड़ा झरने की खूबसूरती, नक्सलगढ़ छिंदनार से हांदावाड़ा तक बन रही विकास की सड़क

जगदलपुर/दंतेवाड़ा5 महीने पहलेलेखक: लोकेश शर्मा
  • कॉपी लिंक
अबूझमाड़ में खूबसूरत हांदावाड़ा जलप्रपात, लेकिन यहां पहुंचने पक्की सड़क नहीं है। - Dainik Bhaskar
अबूझमाड़ में खूबसूरत हांदावाड़ा जलप्रपात, लेकिन यहां पहुंचने पक्की सड़क नहीं है।

दंतेवाड़ा व नारायणपुर जिले की सरहद पर अबूझमाड़ में स्थित खूबसूरत हांदावाड़ा जलप्रपात तक पर्यटक अब आसानी से पहुंच सकेंगे। माओगढ़ में सड़क का निर्माण शुरू हो चुका है। इसके बाद माड़ इलाका दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से जुड़ जाएगा। यहां सड़क बनाने का काम नारायणपुर जिला प्रशासन का होगा, लेकिन निर्माण की सुरक्षा दंतेवाड़ा पुलिस देगी। हालांकि, इंद्रावती नदी पार नक्सलियों का कोर इलाका है, यहां सड़क निर्माण का काम करना एक बड़ी चुनौती है।

छिंदनार से हांदावाड़ा तक बनेगी सड़क

पाहुरनार घाट में इंद्रावती नदी के ऊपर पुल निर्माण का काम अपने अंतिम चरण पर है। पुल बन जाने के बाद छिंदनार से हांदावाड़ा तक लगभग 3 करोड़ रुपए की लागत से 6 किमी की डामर की पक्की सड़क बनेगी। इंद्रावती नदी पर बन रहे पुल की दूसरी तरफ पाहुरनार की ओर सड़क बनने का काम भी लगभग शुरू हो गया है। दंतेवाड़ा के SP डॉ अभिषेक पल्लव ने दावा किया है कि इस साल सड़क निर्माण का काम पूरा कर लिया जाएगा। और 2022 में लोग चार पहिया वाहन से हांदावाड़ा जलप्रपात तक जा सकेंगे।

हांदावाड़ा जलप्रपात तक सड़क निर्माण का काम शुरू हो गया है। 6 किमी तक यह सड़क बनेगी।
हांदावाड़ा जलप्रपात तक सड़क निर्माण का काम शुरू हो गया है। 6 किमी तक यह सड़क बनेगी।

अभी ऐसे पहुंचते हैं पर्यटक

साल 2004 के बाद हांदावाड़ा जलप्रपात के बारे में लोगों को जानकारी लगी थी। नक्सलियों की दहशत से यहां कोई पहुंच नहीं पाता था। हालांकि इस खूबसूरत जलप्रपात तक पहुंचना आज भी आसान नहीं है। यहां 4 पहिया तो छोड़िए 2 पहिया वाहन में जाना भी कठिन है। विशाल इंद्रावती नदी को पार करने के लिए लकड़ी की छोटी नाव पर बाइक रख कर जाना किसी खतरे से खाली नहीं है। मुश्किलें यहीं नहीं रुकती, इंद्रावती नदी से हांदावाड़ा तक माओगढ़ में लगभग 5 से 6 किमी के सफर में 2 से 3 बरसाती नाले भी पड़ते हैं, जो पहली बारिश में ही उफान पर आ जाते हैं। यदि पर्यटक इन्हें पार कर आश्रम तक पहुंच जाए तो उसके बाद जलप्रपात तक पैदल सफर करना पड़ता है।

बाहुबली पार्ट-2 की शूटिंग की उड़ी थी अफवाह

आज से कुछ वर्ष पहले हांदावाड़ा जलप्रपात में बाहुबली पार्ट -2 की शूटिंग की अफवाह उड़ी थी। इसके बाद से ही पर्यटकों की भी इस जलप्रपात को देखने की दिलचस्पी बढ़ी। यही वजह है कि पिछले 2-3 सालों में पर्यटकों की भीड़ भी देखने को मिल रही है। ज्यादातर पर्यटक नवंबर महीने से लेकर मई महीने तक ही जा पाते हैं, क्योंकि इस समय इंद्रावती नदी का जलस्तर थोड़ा कम होता है। लेकिन इस समय जलप्रपात से 1 या 2 पतली धार में ही पानी नीचे गिरता है। लेकिन बारिश के दिनों में यह बेहद खूबसूरत नजर आता है।

बरसात के दिनों में हांदावाड़ा जलप्रपात की खूबसूरती देखने लायक होती है।पर इंद्रावती नदी के उफान पर होने से यहां तक पहुंचना आसान नहीं होता है।
बरसात के दिनों में हांदावाड़ा जलप्रपात की खूबसूरती देखने लायक होती है।पर इंद्रावती नदी के उफान पर होने से यहां तक पहुंचना आसान नहीं होता है।

नक्सलियों की है सबसे मजबूत एरिया कमेटी

इंद्रावती नदी पार का इलाका पूरी तरह से माओवादियों का गढ़ है। दंतेवाड़ा SP के अनुसार नक्सलियों की इंद्रावती एरिया कमेटी व माड़ डिवीजन के मल्लेस, अजय, नीति, निर्मला सहित कई हथियारबंद माओवादियों की यहां मौजूदगी रहती है। बरसात के दिनों में इंद्रावती नदी उफान पर होती है, यह उनके लिए सुरक्षा कवच साबित होती है। हालांकि पुल बनने के बाद अब जल्द ही पुलिस चेरपाल में नवीन पुलिस कैंप भी खोलेगी। जिससे यह इलाका भी माओवाद मुक्त होगा।

सड़क बनती है तो यह लाभ मिलेगा

  • माड़ इलाका पूरी तरह से दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से जुड़ जाएगा।
  • पर्यटन की दृष्टि से हांदावाड़ा डेवलप होगा।
  • इंद्रावती नदी पुल से लोग इलाके की खूबसूरती को देख सकेंगे।
  • पर्यटक पहुंचेंगे तो इलाके के लोगों को रोजगार मिलेगा।
  • स्वास्थ्य सुविधा सहित एम्बुलेंस की सेवा आसानी से पहुंच सकेगी।
  • केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का 15 गांव के हजारों ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।
खबरें और भी हैं...