दलपतसागर में पहुंचने लगा नदी का पानी:ट्रायल पूरा, अब नहीं मरेंगी मछलियां; पानी से भी नहीं आएगी बदबू, दशहरा पर सीएम करेंगे लोकार्पण

जगदलपुर2 महीने पहले
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दलपत सागर में पंप से भरे जाने वाले पानी की जांच करते कलेक्टर। - Dainik Bhaskar
दलपत सागर में पंप से भरे जाने वाले पानी की जांच करते कलेक्टर।

दलपत सागर में आने वाले सालों में अब न तो मछलियां मरेंगी और न ही पानी से बदबू आएगी। यहां का पानी अब साफ रहेगा। इसके लिए निगम ने एक योजना का ट्रायल गुरुवार को किया जो सफल रहा। इस ट्रायल में इंद्रावती नदी के किनारे बनाए गए इंटेकवेल से पाइप के सहारे दलपत सागर में पानी पहुंचाया गया। इस दौरान कोई फाल्ट नहीं मिला। निगम आयुक्त प्रेम कुमार पटेल ने कहा कि अब इंद्रावती नदी का पानी दलपत सागर पहुंचने लगा है। गुरुवार को परीक्षण किया गया। बस्तर दशहरा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुभारंभ करेंगे। कलेक्टर रजत बंसल ने जायजा लिया।

75-75 एचपी के दो पंप, 700 मीटर पाइप से पहुंचा पानी
दलपतसागर को संरक्षित करने की दिशा में नदी के बहते साफ पानी को दलपत सागर में भरने की यह कवायद की गई है। इसके तहत पावर हाऊस चौक में जल आवर्धन योजना के तहत बनाए इंटेकवेल में 75-75 एचपी के दो पंंप लगाए गए हैं और 400 मिलीमीटर व्यास की 700 मीटर पाइपलाइन से नदी का पानी दलपत सागर में पहुंचाया जा रहा है। दलपतसागर में आने वाले दूषित जल को रोकने की कार्यवाही भी की जा रही है इससे जलकुंभी नहीं पनपेगी।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रायल आज होगा
जगदलपुर में रोजाना उपयोग में आने वाले घरेलू पानी के निस्तारण की दिशा में भी काम लगभग पूरा हो चुका है। जगदलपुर में 10 आउटलेटांे से पानी दलपत सागर और इन्द्रावती नदी में सीधे पहुंचता है और उसे दूषित कर देता है। इन्द्रावती और दलपतसागर को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए बालीकोंटा में लगभग 54 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की गई है, जिसका परीक्षण शुक्रवार से शुरू किया जाएगा। अभी जगदलपुर से रोज लगभग 8 एमएलडी प्रदूषित जल निकलता है।

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