पुख्ता रणनीति बनाकर किया गया काम:उपलब्धि, मलेरियामुक्त बस्तर अभियान को यूएनडीपी व नीति आयोग ने सराहा

जगदलपुर7 महीने पहले
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  • यूएनडीपी ने मलेरियामुक्त बस्तर अभियान का सर्वे कर नीति आयोग को सौंपी रिपोर्ट, बीजापुर व दंतेवाड़ा जिले में बेहतर काम

संभाग में चल रहे मलेरियामुक्त बस्तर अभियान को नीति आयोग ने सराहा है। मलेरियामुक्त बस्तर अभियान के तहत जहां बस्तर संभाग के सातों जिलों में मलेरिया के प्रकोप को कम करते हुए इसे खत्म करने मुहिम छेड़ी गई है, वहीं इसका सबसे अच्छा प्रतिसाद दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले में देखने को मिला है।

पूरे बस्तर संभाग में दंतेवाड़ा जिला मलेरिया उन्मूलन में नंबर-1 पर रहा है। दंतेवाड़ा जिले में मलेरिया से मुक्ति के लिए चलाए गए अभियान के लिए पहले से ही रणनीति तय कर दी गई। इसके तहत जहां सबसे पहले नदी पार के गांवों के साथ ही अंदरूनी इलाकों को टारगेट किया गया, वहीं उन जगहों पर समय से पहले पहुंचने की रूपरेखा भी तय कर ली गई। यही कारण है कि अभियान के तीसरे चरण के खत्म होने से पखवाड़ेभर पहले ही दंतेवाड़ा जिले में अभियान खत्म करते हुए यहां मलेरिया पीड़ितों की पहचान कर ली गई और उनका इलाज भी शुरू कर दिया गया। अभियान के तीनों चरणों में अब तक 2362 मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई।

यूएनडीपी ने नीति आयोग को सौंपी अभियान की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और नीति आयोग ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की सराहना की है। यूएनडीपी ने नीति आयोग को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बस्तर संभाग के आकांक्षी जिले दंतेवाड़ा और बीजापुर में इस अभियान के अच्छे नतीजे सामने आए हैं। अभियान के असर से दंतेवाड़ा जिले में 54 और बीजापुर जिले में 71%की कमी आई है। यूएनडीपी ने अभियान को आकांक्षी जिलों में संचालित सबसे बेहतर अभियानों में से एक बताया है।

जानिए, दंतेवाड़ा जिले में ऐसे पूरा किया गया अभियान
दंतेवाड़ा जिले में पहले और दूसरे चरण के अभियान के बाद तीसरे चरण में भी अभियान चलाया गया। इस बार अभियान की शुरुआत से 15 दिन पहले यहां मुहिम छेड़ दी गई। इसमें सबसे पहले उन इलाकों को टारगेट किया गया, जो पहुंचविहीन होने के साथ ही नदी के पार वाले थे। आगामी बारिश के मौसम को देखते नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका को देखते हुए सबसे पहले पार के गांवों तक स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। इसके साथ ही नक्सली इलाकों और पहुंचविहीन गांवों तक पहुंचने का पहला टारगेट रखा गया। इन इलाकों में शत-प्रतिशत जांच करने के बाद पॉजिटिव मिले मरीजों को तत्काल दवाएं दी गई।

पुख्ता रणनीति बनाकर किया गया काम
दंतेवाड़ा कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि मलेरिया के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान को लेकर पुख्ता रणनीति के तहत काम किया गया है। यही कारण है कि आज दंतेवाड़ा जिले ने इस अभियान में उल्लेखनीय काम किया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता में पूरी टीम की भागीदारी है। जिले में एपीआई (एनुअल पैरासाइट इंडेक्स) दर को शून्य करना है।

पंचायतों के ये हैं सात सूत्र

  • सुपोषित पंचायत
  • एनीमियामुक्त पंचायत
  • मलेरियामुक्त पंचायत
  • शत-प्रतिशत शिक्षित पंचायत
  • शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव
  • सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
  • गंदगीमुक्त पंचायत
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