छठ महापर्व:व्रतियों ने लहसुन-प्याज बंद किया, घाटों की सफाई

जगदलपुर22 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • त्योहार के लिए निगम ने गंगामुंडा तालाब के घाटों की सफाई का काम 50 प्रतिशत पूरा कर लिया

चार दिनों तक चलने वाले छठ महापर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पानी में खड़े हो अर्घ्य देने वाली महिलाओं और अधिकतर पुरूषों ने शनिवार से लहसुन- प्याज व साग खाना बंद कर दिया है । इस व्रत पूरा होने तक वे जमीन पर सोएंगी। 8 नवंबर को नहाय खाय विधान के साथ निर्जला व्रत शुरू होगा जो 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समाप्त हो जाएगा।

व्रत के पहले विधान में महिलाएं लौकी व चने की सब्जी व देशी घी से बना खाना खाएंगी । पूजा संपन्न कराने के लिए निगम ने भी मिथिला समाज के लोगों के साथ ही जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर गंगामुंडा तालाब के घाटों की सफाई शुरू कर दी है। अब तक करीब 50 फीसदी ज्यादा का काम पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा अन्य घाट की सफाई के लिए योजना बना ली गई है। लोगों का कहना है कि इस साल निगम तालाब की सफाई को लेकर पहले ही योजना बनाकर काम कर रहा है । जिसका फायदा आने वाले दिनों में इस पूजा में शामिल श्रद्धालुओं के साथ ही यहां पर आने वाले लोगों को मिलेगा।

गौरतलब है कि छठ पूजा पर सूर्य को अर्घ्य देने के लिए बड़ी संख्या में मैथिली व यूपी के सैकड़ों महिलाएं सपरिवार पहुंचकर इस तालाब में अर्घ्य देते हैं। इसके साथ ही यहां पर मेले जैसा माहौल रहता है। मिथिला समाज के लोगों को इस पर्व की बधाई देने के लिए जनप्रतिनिधि भी पहुंचते हैं। नगर निगम आयुक्त प्रेम कुमार पटेल ने कहा कि गंगामुंडा तालाब की सफाई के लिए योजना बनाकर काम किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य घाटों की सफाई की जाएगी। यह काम दो से तीन दिनों के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।

600 से अधिक व्रती होंगे शामिल
छठ महापर्व पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने इस बार श्रद्वालुओं की संख्या बढ़ने की बात मिथिला समाज के लोगों के द्वारा कही जा रही है। मिथिला समाज के लोगों ने बताया कि गंगामुंडा तालाब और महादेव घाट पर इस साल कम से कम 600 श्रद्वालु छठ पूजा के तहत व्रत रखकर भगवान सूर्य को अर्ध्य देंगे जिसमें 90 फीसदी महिलाएं शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि इस साल पर्व के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। सबसे अधिक श्रद्धालु गंगा मुंडा तालाब पर जुटेंने की संभावना है।

संकीर्तन मंडल करेगा रात भर भजन
छठ पर्व पर मिथिला समाज द्वारा पिछले कई सालाें से सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जाता है। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद से अगले दिन तक यह कार्यक्रम जारी रहता है। जिसमें कई समाजों के लोग और जनप्रतिनिधी शामिल होते हैं। इस साल मिथिला समाज के द्वारा कोरोना संकमण के चलते कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं किया जा रहा है। समाज के लोगों ने बताया कि इस साल जगदलपुर के संकीर्तन मंडल के द्वारा रातभर भजन कीर्तन का कार्यक्रम रखा गया है।

खबरें और भी हैं...