इंस्टाग्राम में टीचर का वीडियो डालने पर पिटाई:पैरेंट्स बोले- हम स्कूल आए तो भी कमरे में बंद कर पीटा; प्रिंसिपल बोलीं- जांच कर रहे

जगदलपुर7 महीने पहले

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्कूली छात्राओं ने स्कूल की एक टीचर का वीडियो बना कर इंस्टाग्राम में पोस्ट कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही 2 महिला टीचर ने 4 बच्चियों की पिटाई कर दी है। छात्राओं ने पिटाई की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद बवाल शुरू हो गया। परिजन ने स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा कर दिया। स्कूल प्रबंधन मामले की जांच कर रहा है। मामला शहीद राजकुमार यादव शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है।

कक्षा 12वीं की छात्राओं ने बताया- उनकी एक सहपाठी सोमवार को स्कूल में किसी काम से मोबाइल लेकर आई हुई थी। क्लास में ज्योति मैडम पेपर की जांच कर रही थीं, तो एक छात्रा ने केवल मजाक मस्ती में फोन से चंद सेकेंड का वीडियो बना लिया। इसे इंस्टाग्राम में केवल मजाकिया तौर पर पोस्ट कर दिया था कुछ समय बाद उस वीडियो को डिलीट भी कर दिया गया।

जब टीचर्स को इस बात का पता चला तो उन्होंने सोमवार को ही बच्चों की पिटाई कर दी। छात्राओं ने बताया कि क्लास रूम में ही स्कूल की 2 शिक्षिकाओं ने बाल खींच-खींचकर पिटाई कर दी। इसके कारण गले समेत शरीर के विभिन्न अंगों में चोट के निशान हैं। बच्चियों ने बताया कि, बीचबचाव के लिए स्कूल की प्रिंसिपल भी पहुंची थी।

परिजनों ने स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया।
परिजनों ने स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया।

पैरेंट्स बोले-हम स्कूल आए तो भी कमरे में बंद कर पीटा
छात्राओं के परिजन ने कहा कि, सोमवार को स्कूल की ज्योति मैडम का फोन आया था। उन्होंने कहा कि बच्चों ने मेरी वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की है। आप लोग कल स्कूल आइए। हम स्कूल पहुंचे तो उस दौरान स्कूल की एक अन्य दीपिका मैडम ने रूम के बाहर बिठा दिया और कहा कि हमें बच्चों से कुछ बातें करनी है। परिजनों का आरोप है कि मंगलवार को भी रूम में बच्चियों की पिटाई की गई। परिजन ने कहा कि, बच्चों से जबरदस्ती माफी नामा लिखवाया गया है, उसे वापस किया जाए। हम जानते हैं कि बच्चियों ने गलती की है, इसके लिए माफी भी मांगे हैं।

प्रिंसिपल मधुर मेश्राम ने कहा कि बच्चे गलती किए हैं।
प्रिंसिपल मधुर मेश्राम ने कहा कि बच्चे गलती किए हैं।

प्रिंसिपल ने बीचबचाव के बात को नकारा
स्कूल की प्रिंसिपल मधुर मेश्राम ने कहा कि बच्चों ने गलती की है। स्कूल में मोबाइल लाना मना था। परीक्षा के दौरान बच्चे मोबाइल का उपयोग कर रहे थे। प्रिंसिपल ने पिटाई किए जाने वाले सवाल पर जवाब देते कहा कि मामले की जांच कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि बच्चियां कह रही है कि जब उनकी पिटाई हो रही थी तो उस दौरान बीचबचाव करने के लिए आप पहुंची थी, तो प्रिंसिपल ने इसे सिरे से नकार दिया।