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ये मजदूर हैं मजबूर:लॉकडाउन से छिन गया काम, अब बॉर्डर पर कोरोना टेस्ट के नाम पर वसूले जा रहे ₹6 सौ

जगदलपुरएक महीने पहलेलेखक: मोहम्मद इमरान नेवी
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बॉर्डर पर 66 सौ रुपए पटाकर आने वाले मजदूरों की टोली। - Dainik Bhaskar
बॉर्डर पर 66 सौ रुपए पटाकर आने वाले मजदूरों की टोली।
  • आंध्र से लौटे मजदूरों ने बताया- कोंटा बॉर्डर पर जांच के लिए ले रहे 6 सौ, रसीद 2 सौ की दी

आपदा को अवसर बनाने वाले कई किस्से और कहानियां आपने सुनी होंगी, लेकिन सरकारी कर्मचारी जब आपदा को अवसर बनाने लगे तो लोग कहां जाएं। ताजा मामला कोंटा बॉर्डर से सामने आया है। यहां आंध्रप्रदेश से लौट रहे मजदूरों से कोरोना जांच के नाम पर सौ-दो सौ बल्कि प्रति व्यक्ति पूरे छह सौ रुपए वसूले जा रहे हैं।

दरअसल, अभी आंध्रप्रदेश में लॉकडाउन लगा दिया गया है वहां के कुछ शहरों में कोरोना का नए स्ट्रेन मिला हैं। ऐसे में बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों से वहां मजदूरी करने गए लोग अब लौट रहे हैं। यहां सरकार ने नियम बनाया है कि आंध्रप्रदेश से आने वाले सभी लोगों का कोरोना टेस्ट होगा। ऐसे में बॉर्डर पर एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था की गई है, लेकिन वहां अभी स्वास्थ्य विभाग ने प्रति व्यक्ति की जांच के लिए दौ सौ रुपए तय कर दी है, लेकिन कर्मचारियों ने इसमें भी अवसर ढूंढ लिया है। वे मजदूरों से 2 सौ के बदले 6 सौ रुपए वसूल रहे हैं।

भास्कर लाइव सुकमा-बस्तर बॉर्डर, रात 10 बजे

दरभा में टीम ने 11 मजदूरों को रोका और कहा- कोरोना जांच करवानी होगी तो रोते हुए मजदूर बोले- कोंटा में पहले ही 66 सौ दे चुके
आपदा को अवसर बनाने का खुलासा गुरुवार की देर रात सुकमा-बस्तर जिले के बॉर्डर पर हुआ। दरअसल, दरभा में तैनात बस्तर जिले की जांच टीम ने सभी मजदूरों को रोका और उनसे कहा कि उन्हें जिले में तभी इंट्री मिलेगी जब वे कोरोना निगेटिव होंगे। यह सुनते ही एक मजदूर फफक पड़ा और फफकते हुए कहना लगा कि अभी कुछ समय पहले ही कोंटा में जांच के लिए 66 सौ दिए हैं साहब अब जान ले लें पर पैसे नहीं हैं। इसके बाद अफसरों ने उस व्यक्ति को चुप करवाया और पूरी कहानी पूछी मजदूर महेश ने बताया कि उनकी 11 मजूदरों की एक टोली नंदीगांव से जगदलपुर आ रही थी।

हमारी टीम को कोंटा बॉर्डर पार करना पड़ा। यहां हमसे कोरोना के एंटीजन टेस्ट के नाम पर अधिकृत तौर पर 22 सौ रुपए लिये गये और इसकी रसीद दी गई। इसके अलावा प्रति मजदूर से 4-4 सौ रुपए अतिरिक्त लिए गए हमने वहां कोरोना टेस्ट के लिए करीब 66 सौ रुपए दिए हैं। जहां हम मजदूरी के लिए गए थे वहां काम पूरा नहीं हुआ है ऐसे में वहां से भी गिनती के ही पैसे मिले हैं और काम भी बंद हो गया है। मजदूर ने जब बताया कि उनका कोरोना टेस्ट हो चुका है तो अफसरों ने सभी की निगेटिव रिपोर्ट देखी और उन्हें बताया कि अभी कुछ समय पहले ही उनकी कोरोना जांच हुई है ऐसे में उन्हें दोबारा से जांच नहीं करवानी पड़ेगी सभी को जिले में इंट्री दी गई।

कोरोना जांच के लिए दो सौ रुपए की ऐसी पर्ची दी जा रही है।
कोरोना जांच के लिए दो सौ रुपए की ऐसी पर्ची दी जा रही है।

प्रदेश में सिर्फ कोंटा बॉर्डर पर ले रहे टेस्ट के पैसे
पूरे प्रदेश में कोरोना जांच मुफ्त में की जा रही है पर सिर्फ सुकमा के कोंटा बॉर्डर पर ही एंटीजन जांच के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं। यहां दो सौ की रसीद दी जा रही है जिसमें जीवनदीप समिति पंजीयन क्रमांक 10860, ब्लॉक कोंटा, जिला सुकमा लिखा है। बस्तर से आंध्र की 3 बड़ी सीमाएं धनपुंजी, कालीमेला और कोंटा बॉर्डर हैं। पर धनपुुंजी और कालीमेला बॉर्डर पर जांच के नाम पर कोई पैसे नहीं लिए जा रहे।

सीधी बात; विनीत नंदनवार, कलेक्टर, सुकमा जो सक्षम हैं उन्हीं से पैसे लेने की गाइडलाइन मजदूरों से ले रहे हैं तो मैं दिखवाता हूं

कोंटा बॉर्डर पर कोरोना जांच के लिए पैसे लिए जा रहे हैं, मजदूर परेशान हैं।
शासन की गाइडलाइन है जो सक्षम हैं उनसे पैसे लें।

{मजदूरों को परेशानी हो रही
सक्षम लोगों से पैसे लेने कहा है मजदूरों से क्यों ले रहे दिखवाता हूं।

जांच के दौ सौ तो ले रहे हैं ऊपर से 4 सौ भी मांग रहे हैं।
मैं अफसरों को बोल रहा हूं वो देखेंगे क्या चल रहा है वहां।

बस्तर में धनपुंजी बॉर्डर है वहां तो पैसे कोई नहीं ले रहे।
वहां से काफी कम संख्या में लोग आते हैं हमारे यहां दबाव ज्यादा है, शासन की गाइडलाइन है पैसे लेने की।

मजदूरों का काम बंद है पैसे नहीं हैं उनके पास।
मैं दिखवाता हूं जो सक्षम नहीं होंगे उनसे पैसे नहीं लिए जाएंगे, आपको गाइडलाइन भी भेज रहा हूं।

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