पहला पड़ाव पार:पूरा हुआ वैक्सीनेशन का पहला चरण पर पंजीकृत 9,427 में से 2143 लोग लगवाने नहीं पहुंचे टीका

कांकेर2 वर्ष पहले
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  • वैक्सीन लगवा चुके स्वास्थ्यकर्मी और डॉक्टरों ने कहा -डरें नहीं, भरोसा कर सभी लगवाएं वैक्सीन

10 फरवरी के बाद दो दिन तारीख बढ़ाने के बाद प्रथम चरण के वैक्सीनेशन का अंतिम दिन 12 फरवरी था। दो दिनों में 255 लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे लेकिन इसके बावजूद प्रथम चरण के लिए पंजीकृत में से 2143 लोग वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंच पाए। जिले में स्वास्थ्य विभाग के जिस कर्मचारी को सबसे पहला वैक्सीन लगा था उसके अलावा वैक्सीन लगवाने वाले डॉक्टरों ने अपने अनुभव बताते कहा कि उन्हें किसी प्रकार की तकलीफ नहीं हुई, सभी को विश्वास करते हुए वैक्सीन लगवाना चाहिए।
जिले के 25 केंद्रों में वैक्सीन लगाने का काम 16 जनवरी से शुरू हुआ था। प्रथम चरण में वैक्सीन स्वास्थ्य कार्यकर्ता, डॉक्टर, स्टाफ नर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, राजस्व कर्मचारियों को लगना था। जिले के कुल 9427 लोगों को पंजीयन हुआ था। प्रथम चरण के वैक्सीनेशन की अंतिम तारीख 10 फरवरी तक 7029 ही वैक्सीन लगवाने पहुंचे। प्रथम चरण के 2398 लोग नहीं पहुंचे तो विभाग ने दो दिनों का और समय दिया। शेष लोगों को मैसेज कर 11,12 फरवरी को केंद्र पहुंच वैक्सीन लगवाने कहा। 11 फरवरी को 90 तथा अंतिम दिन 12 फरवरी को 165 ही वैक्सीन लगवाने पहुंचे। इसके बाद भी 2143 लोग वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंचे।
वैक्सीन के 76 डोज हुए खराब : वैक्सीन के एक वायल में 10 डोज होते हैं यानी एक वायल में 10 लोगों को वैक्सीन लगती है। वायल खोलने के 4 घंटों में ही उसका उपयोग करना होता है। यही कारण है केंद्रों में अंतिम वायल जो खोला जाता था उसमें से दो चार डोज बच जाते हैं। प्रथम चरण के वैक्सीनेशन इसी अंतिम वायल के पूरी डोज नहीं लगने से 76 डोज खराब हो गए।
फोन, मैसेज करने के बाद भी नहीं पहुंचे : वैक्सीन लगाने के काम में जुटे कर्मचारियों ने कहा कि जिनका पंजीयन हुआ है उनको कई बार फोन मैसेज करते हैं। बावजूद इसके वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं। वे बहाना बनाते हैं कि बुखार है, अच्छा नही लग रहा। कुछ दिन बाद फिर से फोन करने पर फिर बहाना करते हैं कि उनकी दवा अभी तक चल रही है। कुछ तो स्पष्ट कारण भी नहीं बताते।

वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित जरूर लगवाएं: श्यामलाल
जिले में सबसे पहला वैक्सीन लगवाने वाले ओटी अटेंडर श्यामलाल यादव ने कहा कि 16 जनवरी को टीका लगा था। तब से अब तक कोई परेशानी नहीं हुई। पूरी तरह स्वस्थ्य हैं। रोजाना अस्पताल आकर ड्यूटी कर रहे हैं। अपने अनुभवों के आधार पर कहा कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। जिनका पंजीयन हुआ है वे वैक्सीन लगवाएं।

वैक्सीन लगवाने वाले बुजुर्ग डाॅक्टर दंपती स्वस्थ
निजी अस्पताल में डॉक्टर अनिल कमल सिंह 73 वर्ष व उनकी पत्नी मुक्ताबाला सिंह 70 वर्ष गत वर्ष दिसंबर माह में कोरोना पॉजीटिव हो गए थे। 10 फरवरी को कांकेर में कोरोना वैक्सीन लगवाया। पति पत्नी दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनका कहना है डरें नहीं, किसी प्रकार की शंका नहीं करें। वैक्सीन लगवाने से तो शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

जाने...किनको वैक्सीन नहीं लगवाना है
गंभीर हृदय मरीजों, कैंसर मरीजों, रक्त संबधी बीमारी से पीड़ितों, गभर्वती, शिशुवती माता को वैक्सीन नहीं लगवाना है। बुखार होने पर बुखार उतरने के बाद ही वैक्सीन लगवाना है। कोरोना पाजिटिव मरीज को ठीक होने के चार पांच सप्ताह बाद वैक्सीन लगवाना है। 19 वर्ष से कम आयु के लोगों को वैक्सीन नहीं लगना है।

स्वास्थ्य कर्मी टीका लगवा लोगों को प्रेरित करें
कांकेर जिला अस्पताल से सेवानिवृत्त शहर के एमडी मेडिसीन डा एसके राव 70 वर्ष ने कहा कि जब उनका समय आया तब उन्होंने केंद्र में पहुंच वैक्सीन लगवाया। वैक्सीन लगवाने के बाद किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। खासकर स्वास्थ्य कर्मियों को तो आगे आकर वैक्सीन लगवा लोगों को अच्छा संदेश देना चाहिए।

अब दूसरे चरण का वैक्सीनेशन कार्य शुरू
दूसरे चरण के वैक्सिनेशन का काम शुरू हो चुका है। इसमें पंचायत विभाग, राजस्व विभाग, बीएसएसफ, पुलिस विभाग के पंजीकृत लोगों को वैक्सीन लगना है।

अब आम लोगों के साथ मिलेगा फिर मौका
सीएमएचओ डा जेएल उइके ने कहा कि प्रथम चरण में जो वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंचे उन्हें जब आम जनता को वैक्सीन लगना शुरू होगा तब मौका मिलेगा।

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