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मायूस किसान:खरीदी समाप्त होने के दो महीने बाद भी 4.62 लाख क्विंटल धान जाम

कांकेर7 दिन पहले
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चूहों के कुतरने से इस प्रकार गिर रही है धान की छल्लियां। - Dainik Bhaskar
चूहों के कुतरने से इस प्रकार गिर रही है धान की छल्लियां।
  • धान खरीदी समाप्त हुए दो महीने से अधिक का समय हो चुका, केंद्रों से पूरा उठाव नहीं, सूखत के अलावा चूहे, दीमक पहुंचा रहे धान को नुकसान

धान खरीदी समाप्त हुए दो महीने से अधिक का समय हो चुका है लेकिन अभी तक खरीदी केंद्रों से धान का पूरा उठाव नहीं हो पाया है। परिवहन ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा खरीदी केंद्र प्रभारियों को भुगतना पड़ रहा है। बहुत से खरीदी केंद्र तो ऐसे हैं जहां से एक महीने से अधिक हो गया परिवहन नहीं हो पाया है।

तेज गर्मी की वजह से खरीदी केंद्रों में पड़े पड़े धान के बोरे फटने लगे हैं जिससे धान को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है। चूहे तथा कीट प्रकोप से भी धान को नुकसान हो रहा है। गत वर्ष 1 दिसंबर से लेकर 31 जनवरी तक जिले में 29.65 लाख क्विंटल धान खरीदी हुई थी। परिवहन अभी तक की स्थिति में 25.01 लाख क्विंटल का ही हो पाया है। 4.64 लाख क्विंटल धान अभी भी खरीदी केंद्रों में पड़ा हुआ है। कांकेर खरीदी केंद्र में ही 8029.53 क्विंटल धान जाम पड़ा है।

यहां चूहों के साथ दीमक का प्रकोप लगने से धान के बोरे फटने लगे हैं। 300 बोरा धान को चूहे कुतर कर नष्ट कर चुके हैं। इसके अलावा नीचे की बोरियों को कुतरने की वजह से बहुत सी धान की छल्लियां गिर भी चुकी है। ईच्छापुर धान खरीदी केंद्र में 7009.86 क्विंटल धान जाम पड़ा हुआ है। यहां अंतिम बार 28 फरवरी को परिवहन हुआ था। उसके बाद से अब तक परिवहन नहीं हो पाया है। यहां फिरफिरी कीट का प्रकोप बना हुआ है। तेज गर्मी से धान के बोरे फट भी रहे हैं। यहां चूहों का भी प्रकोप है।

हर केंद्र में जाम पड़ा है धान
मालगांव खरीदी केंद्र में 11,599.97 क्विंटल धान जाम पड़ा है। बागोडार खरीदी केंद्र में 2600 क्विंटल धान जाम पड़ा है। इसी प्रकार पीढ़ापाल खरीदी केंद्र में 4 हजार क्विंटल धान जाम पड़ा है। तेलावट खरीदी केंद्र में 9,485.07 क्विंटल तो सुरेली खरीदी केंद्र में 5,815.79 क्विंटल धान जाम पड़ा है।

8 से 12 क्विंटल तक सूखत आ रहा
खरीदी के 72 घंटों में केंद्र से धान का परिवहन किया जाना है लेकिन इस नियम का पालन तो दूर खरीदी समाप्त होने से दो माह बाद भी परिवहन पुरा नहीं हो पाया है। जानकारी के अनुसार एक ट्रक में 600 बोरी धान परिवहन होता है तो उसमें 8 से 12 क्विंटल तक सूखत आ रहा है।

अभी तक कितना सूखत जानकारी नहीं
डीएमओ प्रवीण पैकरा ने कहा धान परिवहन तेज गति से कराने प्रयास किया जा रहा है। 20 अप्रैल तक धान परिवहन पुरा होने की संभावना है। धान को चूहों, दीमक से सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी खरीदी केंद्रों की है। अभी तक धान में कितना सूखत आया है जानकारीं नहीं है। धान परिवहन पुरा होने पर ही जानकारी सामने आ पाएगी।

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