सब्जियों की खेती से फायदा:धान की तुलना में आमदनी हुई दोगुनी तो किसान उगाने लगे सब्जियां

कांकेर9 महीने पहले
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  • पुसवाड़ा में 18 नाले होने से किसानों ने सब्जी उगाकर मुनाफा कमाया तो 40 अन्य किसान भी इसी राह पर चले

ग्राम पुसवाड़ा आज सब्जी उत्पादन के मामले में अग्रणी गांव हो गया है। पहले यहां के भी किसान पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे। यहां के 18 नाले की वजह से पानी का स्त्रोत अच्छा होने से किसानों ने सब्जी की फसल लेनी शुरू की। सफलता मिली तथा धान की अपेक्षा आमदनी दुगनी होने लगी तो वर्तमान में गांव के 40 किसान धान की खेती छोड़ सब्जी फसल लेने लगे हैं। यहां की सब्जी कांकेर के अलावा धमतरी तथा रायपुर तक सप्लाई हो रही है।

पुसवाड़ा से होकर 18 नाला बहता है जिसमें साल भर पानी रहता है। इसकी वजह से यहां का जलस्तर बहुत अच्छा रहता है। पहले किसानों को जानकारी नहीं थी इसलिए वे केवल पारंपरिक रूप से धान की ही फसल लेते थे। अपने उपयोग के लिए ही यहां के किसान बाड़ी में थोड़ी बहुत सब्जी लगाते थे लेकिन सब्जी की व्यवसायिक खेती नहीं करते थे। कृषि विभाग ने यहां के किसानों को सब्जी की फसल लेने प्रोत्साहित करना शुरू किया।

शुरू में कुछ किसानों ने सब्जी की फसल लेनी शुरू की। यहां उगाई सब्जियां कांकेर के बाजार में हाथों हाथ बिकने लगी। देखादेखी और भी किसानों ने सब्जी फसल लेना शुरू किया। वर्तमान में पुसवाड़ा के 40 किसान 70 एकड़ में सब्जी फसल ले रहे हैं।

यहां की सब्जी कांकेर, चारामा, धमतरी के अलावा रायपुर तक जा रही है। अब तो किसानों ने उन्नत तरीके से ड्रिप पद्घति से सब्जी उत्पादन शुरू किया है। पुसवाड़ा के किसान ईशुन साहू ने कहा साढ़े 5 एकड़ में सब्जी लगाई है। एक एकड़ में गोभी, डेढ़ एकड़ में टमाटर, आधा एकड़ में मिर्ची तथा डेढ़़ एकड़ में कलिंदर लगाया है।

2010 से रबी में धान फसल लेना बंद कर सब्जी की ही खेती कर रहे है। सब्जी में आमदनी ज्यादा होती है। किसान भुनेश्वर नाग ने कहा उन्होंने 5 एकड़ में सब्जी फसल लगाई है। वे भी रबी में धान की जगह सब्जी फसल ले रहे हैं। छबिलाल नाग ने कहा उन्होंने 3 एकड़ में सब्जी का फसल लगाई है।

पुसवाड़ा में खेती देखने के लिए दूसरे गांव से आ रहे
पुसवाड़ा में सब्जी की सफल खेती को देखते दूसरे गांव के किसान भी यहां देखने पहुंच रहे हैं तथा यहां से सीख अपने गांव में भी सब्जी फसल ले रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से चिवरांज व सुरेली के किसानों को 2019 में भ्रमण के लिए पुसवाड़ा लाया गया था। कृषि महाविद्यालय के छात्रों को भी 2 वर्ष पहले ग्राम पुसवाड़ा में भ्रमण कराया गया था।

पुसवाड़ा से दूसरे गांव के लोग भी ले सकते हैं सीख

कांकेर उद्यान अधीक्षक आरबीएस बघेल ने कहा ग्राम पुसवाड़ा दूसरे गांव के किसानों के लिए आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं। सिंगारभाठ कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा बीरबल साहू ने कहा कृषि विज्ञान के माध्यम से किसानों के साथ छात्रों को भी ग्राम पुसवाड़ा में किसानों द्वारा लगाए सब्जी फसल का भ्रमण कराया गया है। सब्जी फसल में किसान ध्यान दें तो तीन गुना तक फायदा किसानो को होता है।

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