नई समस्या / कम बच्चों के पास है स्मार्ट फोन, नहीं ले पा रहे ऑनलाइन क्लासेस का लाभ

Fewer children have smart phones, are not able to take advantage of online classes
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Fewer children have smart phones, are not able to take advantage of online classes

  • कोरोना के कारण अप्रैल के पहले सप्ताह से ऑनलाइन क्लासेस चल रही हैं

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

कांकेर. कोरोना वायरस के खतरे को देखते अप्रैल के प्रथम सप्ताह से आनलाइन क्लासेस चल रही हैं। निजी स्कूलों के बाद अब सरकारी स्कूलों में भी ऑनलाइन क्लासेस शुरू कर दी गई है। सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले प्राय: बच्चों के पास एंड्रायड मोबाइल नहीं होने से वे ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से नहीं पढ़ पा रहे हैं।
गत वर्ष तक जून माह में 16 तारीख से स्कूलें शुरू हो जाती थीं तथा पढ़ाई भी शुरू हो जाती थी। इस वर्ष कोरोना के खतरे के कारण स्कूलें शुरू नहीं हो पाई है। जो संकेत आ रहे हैं उसके अनुसार 15 अगस्त से पहले स्कूलें शुरू होने की संभावना नहीं है। छात्रों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे इसके लिए पहले निजी स्कूलों फिर सरकारी स्कूलों ने भी आनलाइन क्लासेस शुरू की। आनलाइन क्लासेस में पढऩे बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के बच्चों ने पंजीयन तो करा लिया है लेकिन एंड्रायड मोबाइल नहीं होने से वे आनलाइन क्लासेस का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में आनलाइन क्लासेस के लिए पंजीकृत शिक्षक 7741 तो पंजीकृत छात्र छात्राएं 63,166 हैं। पूर्व माध्यिमक शाला स्तर पर विज्ञान एवं अंग्रेजी, हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान, गणित, अंग्रेजी तथा हायर सेकेंडरी स्कूल में अंग्रेजी, रसायन, जीव विज्ञान, कामर्स, भूगोल, कृषि, गणित विषय की कक्षाएं लग रही है। 
अंदरूनी गांवों में इंटरनेट की समस्या : अधिकतर छात्रों के पास मोबाइल नहीं है साथ ही अंदरूनी गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं होना भी बड़ी समस्या है। ग्राम किरगोली में इंटरनेट की समस्या के कारण छात्र आनलाइन क्लासेस से पढ़ाई नहीं कर पा रहे है। इंटरनेट को लेकर ज्यादा समस्या जिले के अंदरूनी कोयलीबेड़ा, अंतागढ़, दुर्गूकोंदल विकासखंडों के गांवों में ज्यादा है।
सफलतापूर्वक चल रही ऑनलाइन क्लासेस : कांकेर आनलाइन क्लासेस के प्रभारी संजीत श्रीवास्तव ने कहा ऑनलाइन क्लासेस जिले में सफलतापूर्वक चल रही है। कई पालक अपने बच्चो के लिए मोबाईल ले रहे हैं। कुछ बच्चों के पास मोबाइल नहीं होने की समस्या हो सकती है। ऐसे बच्चों के लिए राज्य शासन अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है। कुछ गांवों में इंटरनेट की समस्या जरूर है।

पंजीयन कराया लेकिन मोबाइल नहीं होने से परेशानी
नंदनमारा की प्रतिभा जैन ने कहा कि उनके दोनों बच्चे हायर सेकेंडरी में पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन उनके घर में बटन वाला मोबाइल है। आनलाइन क्लासेस उनके बच्चे नहीं पढ़ पा रहे हैं। 8वीं कक्षा की तितेश्वरी यादव ने कहा उनके घर में भी एंड्रायड मोबाइल नहीं होने से पढ़ाई संभव नहीं हो पा रही है। गोविंदपुर की 12वीे कक्षा की छात्रा रचना साहू की भी यह समस्या है।  

माकड़ी के 48 में 10 छात्रों के पास ही मोबाइल
ग्राम माकड़ी के सरकारी मिडिल स्कूल में 48 छात्र हैं। इनमें से 10 के पालको के पास ही एंड्रायड फोन हैं। इतने ही छात्र एंड्रायड का उपयोग कर ऑनलाइन क्लास अटेंड कर रहे हैं। शेष नहीं कर पा रहे हैं। 10वीं के छात्र गजेंद्र यादव ने कहा इस वर्ष बोर्ड परीक्षा है। अभी से आनलाइन क्लास में पढऩा चाहते हैं लेकिन उनके पास एंड्रायड मोबाइल नहीं है। पंजीयन कराने के बाद भी वे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने से एंड्रायड नहीं खरीद पा रहे हैं। 8वीं के चमन कावड़े ने कहा उनके घर में बटन वाला मोबाइल है। 

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