अव्यवस्था:अर्से से डंप है कचरा, प्रोसेसिंग मशीन नहीं, बदबू से बढ़ी परेशानी

कांकेर10 महीने पहले
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  • मशीनों के लिए शासन को भेजा गया है प्रस्ताव, नहीं मिली है स्वीकृति, खुले में डाला जा रहा है नालियों से निकला कचरा

शहर में नालियों से निकाले गए कचरे को फेंकने जगह नहीं होने से खुले में ही फेंक दिया जाता है। पालिका शहर का कचरा डंप करने आसपास गांवों में 7 से 8 स्थान का चयन कर चुकी है लेकिन हर बार ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ जाता है जिससे उस जगह पर कचरा फेंकना बंद करना पड़ता है। माकड़ी में तो 18 साल पहले कचरा डप करने तथा उसकी प्रोसेसिंग कर खाद्य बनाने जगह आरक्षित की जा चुकी है लेकिन मशीने नहीं आने से इसका काम शुरू नहीं हो पाया है। नालियों से निकलने वाली गंदगी की समस्या अभी भी बनी हुई है। नालियों से निकलने वाली गंदगी फेंकने जगह नहीं होने से पाषर्द द्वारा कचरा फेंकने स्थल मुहैया कराने पर ही उक्त वार्ड के नालियों की सफाई कराई जाती है। अक्सर दूध नदी तट पर नालियों से निकलने वाली गंदगी को खुले में फेंक दिया जाता है। इसके चलते नदी तट में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। शहर के मांझापारा, सुभाष वार्ड में गंदगी को लेकर गंभीर समस्या है। मांझापारा में तो नाली सफाई महीने भी से नहीं हो पाई है। डेली मार्केट में सब्जी पसरा लगाने वाले सब्जी विक्रेताओं को बहुत परेशानी होती है क्योंकि वे सड़क किनारे नालियों के पास ही सब्जी बेचने बैठते हैं। बदबू के कारण परेशानी होती है।

2002 से मिल चुकी है जगह
नगरपालिका को 2002 से ग्राम माकड़ी में कचरा डंप करने तथा कचरे से खाद्य बनाने जगह मिल चुकी है। यहां बाउंड्रीवाल तो कर दी गई है लेकिन कचरे से खाद्य बनाने मशीने नहीं मिलने से कचरे की निस्तारी नहीं हो पाती। लंबे समय तक कचरा पड़े रहने से वहां दुर्गंध उठती है। यही कारण है ग्रामीणों के विरोध के कारण वहां पालिका कचरा नहीं डम्प कर पा रही है। इसके अलावा ग्राम ठेलकाबोड़, बेवरती, कुलगांव, कोड़ेजुंगा में भी शहर की नालियों से निकलने वाले कचरे को फेंकना शुरू किया गया था लेकिन हर जगह विरोध के चलते पालिका को कचरा फेंकना बंद करना पड़ा।

शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया : नगरपालिका सीएमओ दिनेश यादव ने कहा शहर का कचरा फेंकने जगह का चयन काफी पहले ग्राम माकड़ी में कर लिया गया है। वहां कचरा डम्प कर उससे खाद्य बनाया जाना है, लेकिन शासन से इसके लिए राशि नहीं मिल पाई है। खाद्य बनाने मशीन जरूरी है। शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।

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