परंपरा:गौरा-गौरी की निकाली गई विसर्जन यात्रा, तालाब में गंदगी से नाराजगी

कांकेरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

गांवों के साथ शहर में भी गौरा-गौरी पर्व मनाया गया। धनतेरस से शुरू हुआ गौरा गौरी पर्व दीपावली के दूसरे दिन गौरी गौरी विसर्जन से समाप्त हुआ। शहर के बैजनाथ तालाब में गौरा गौरी विसर्जन किया गया। इस तालाब में पानी कम होने के साथ गंदगी पसरी हुई थी। शहर के जवाहर वार्ड, कंकालिन पारा, भंडारीपारा, अन्नपूर्णापारा, आमापारा, बरदेभाटा में दीपावली पर गौरा गौरी पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष आमापारा पर्व नहीं मनाया गया लेकिन शेष वार्ड में पर्व धूमधाम से मनाया गया।

गौरा गौरी पर्व की शुरूवात धनतेरस से होती है। धनतेरस के दिन गौरा चौरा में जाकर पूजा कर गीत गाकर गौरा गौरी को जगाया जाता है। 3 नवंबर को छोटी दिवाली के दिन भी गौरा चौरा में पूजा की जाती है। 4 नवंबर को दीपावली के दिन दोपहर में तालाब से काली मिट्‌टी लाकर गौरा गौरी की मूर्ति बनाकर रंग रोगन किया गया। रात में बाजा गाजा के साथ वार्ड में बारात निकाली गई। फिर गौरा चौरा का फेरा लगाकर गौरा गौरी मूर्ति स्थापित की गई। रात भर जागरण हुआ।

दीपावली की रात गौरा चौरा में बड़ी संख्या में वार्डवासी जमा हुए। अगले दिन 5 नवंबर को दीपावली के दूसरे दिन सुबह गौरा चौरा में बड़ी संख्या में वार्डवासी पूजा करने पहुंचे। इसके बाद गौरा गौरी विसर्जन यात्रा बाजे गाजे के साथ निकाली गई। विसर्जन यात्रा जिस रास्ते से भी निकली लोगो ने रास्ते में रोककर गौरा गौरी की पूजा की।

तालाब में पानी कम कीचड़ ज्यादा: बड़े शीतला माता मंदिर से लगा बैजनाथ तालाब रियासकालीन है। यहां गौरा गौरी मूर्ति विसर्जन की परंपरा है। कुछ वर्षो से बैजनाथ तालाब में पहाड़ी से पानी आने का स्त्रोत बंद हो गया है। तालाब में पानी नहीं रहता। इस वर्ष भी श्रध्दालुओं ने बैजनाथ तालाब में काफी कम पानी में गौरा गौरी मूर्ति का विसर्जन की। तालाब में पानी से ज्यादा कीचड़ था। तालाब में अभी 25 प्रतिशत ही पानी बचा है।

तालाब में गंदा पानी भी आकर मिल रहा है। तालाब में अनुपयोगी झाड़ियों व गंदगी के कारण आने जाने में दिक्कत हुई। गौरा गौरी समिति से जुड़े रत्तु नेताम, गौतम नेताम, भरत नेताम, पूर्व पार्षद छाया कौशिक ने कहा कि पहले तालाब काफी साफ सुथरा था। अब तालाब में गंदगी काफी ज्यादा हो गई है।

बैजनाथ तालाब देवस्थल है। तालाब संरक्षण करना चाहिए। कंकालिन गौरा समिति से जुड़े डीएन भंडारी ने कहा कि पहले तालाब साफ सुथरा होने के साथ पानी भी पीने योग्य था। सभी वार्ड का गौरा गौरी यहीं विसर्जन होता है लेकिन अब तालाब की स्थिति अच्छी नहीं है। प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

खबरें और भी हैं...