लाल आतंक:महाराष्ट्र सीमा से लगे गट्‌टा थाने पर नक्सलियों का हमला, कांकेर की उनकी कंपनी भी हमले में शामिल

कांकेर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
महाराष्ट्र के जांबिया गट्‌टा थाना में दागा गया रॉकेट लांचर का रॉकेट बम। - Dainik Bhaskar
महाराष्ट्र के जांबिया गट्‌टा थाना में दागा गया रॉकेट लांचर का रॉकेट बम।
  • 100 से अधिक नक्सलियों ने की वारदात, चार राउंड गोलियां चलाईं, रॉकेट लांचर भी चलाया

जिले के महाराष्ट्र सीमा के जांबिया गट्‌टा थाना में नक्सलियों ने बीती रात हमला कर दिया। हमले की पूरी तैयारी के साथ आए नक्सलियों ने थाने पर देशी राकेट लांचर व गोलियां दागी। सूझबूझ का परिचय देते पुलिस जवान मोर्चे पर तैनात रहे लेकिन उत्तेजित या आवेश में आकर ऐसी कोई हरकत नहीं की जिससे उन्हें नुकसान हो सके। इसके चलते नक्सली थाना या वहां तैनात जवानों काे नुकसान पहुंचाने में कामयाब नहीं हो पाए। हमले में कांकेर इलाके में काम कर रही नक्सली कंपनी के शामिल होेने की बात सामने आ रही है।

कांकेर जिले की सीमा से महज 14 किमी दूर महाराष्ट्र के जांबिया गट्टा थाना में बीती रात ठीक 12.30 मिनट पर हमला किया गया। महाराष्ट्र पुलिस को इलाके में नक्सलियों के जमा होेने की सूचना थी। इसके चलते वह पहले ही पूरी तरह सतर्क थी और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रही थी। थाना व मोर्चो में मौजूद जवानों के अनुसार थाना के सामने बने मकानों की आड़ में करीब 100 से अधिक नक्सली हमला करने पहुंचे थे। मकान की आड़ लेते नक्सलियों ने पहले पुलिस थाना के मोर्चा की ओर 4 राउंड गोली चलाई। इसके बाद हाथों से बना राकेट लांचर दागा। राकेट लांचर का रॉकेट बम थाना परिसर के निर्माणाधीन भवन में गिरा जिसमें विस्फोट नहीं हो पाया। फायर होते ही थाना के अन्य जवान भी मोर्चो पर जवाबी कार्रवाई करने तैनात हो गए। रुक रुक कर फायरिंग करते मोर्चे पर पूरी रात डटे रहे।

नक्सली जैसे ही सामने आते जवान फायर कर उन्हें पीछे धकेल देते। रात भर नक्सली इसी तरह थाना को घेरकर उसे लूटने या जवानों को नुकसान पहुंचाने कोशिश करते रहे लेकिन जवानों की मुस्तैदी के चलते कामयाब नहीं हो सके। जवानों के अनुसार हमले में महाराष्ट्र के गट्‌टा दलम, लोकल दलम के अलावा कांकेर इलाके में काम कर रहे नक्सली कंपनी भी शामिल थी। इसके पीछे कारण यह माना जा रहा है कि जिन हथियारों से फायर हुए हैं वे स्थानीय दलम के पास नहीं हैं। इसी तरह बड़े वारदात की रणनीति बनाने में भी स्थानीय दलम सक्षम नहीं है। कांकेर इलाके में काम कर रही नक्सली कंपनी ऐसा कर सकती है। सुबह उजाला होने के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में छानबीन की लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। थाना के अंदर मिले राकेट लांचर के रॉकेट बम को पुलिस ने सुबह विस्फोट कर डिफ्यूज किया।

ग्रामीणों की सुरक्षा के चलते ज्यादा नहीं चलाई गोली
हमले के दौरान नक्सली घरों की आड़ लेकर फायरिंग कर रहे थे। नक्सलियों के घरों के पीछे होने के कारण जवान ज्यादा फायरिंग नहीं कर पाए। क्योंकि इस दौरान वहां ग्रामीणों के भी होने की आशंका थी। यदि पुलिस उस ओर गोली चलाती तो ग्रामीणों को नुकसान हो सकता था।

बॉर्डर पर किसी बड़ी वारदात की फिराक में नक्सली
कांकेर-महाराष्ट्र बार्डर पर बड़ी संख्या में नक्सली जमा हुए हैं। इसमें कांकेर इलाके में काम कर रही कंपनी 5 तथा 6 के भी नक्सली पहुंचे हैं। नक्सली कंपनी के सदस्यों के एक जगह जमा होने से आशंका जताई जा रही है। वे किसी बड़े वारदात के फिराक में हैं। इसी कड़ी में गट्‌टा थाना में भी हमला करने कोशिश की गई। हमले के बाद नक्सलियों के कांकेर इलाके में लौटने की आशंका को देखते यहां की भी पुलिस अलर्ट हो गई।

इधर माहुरपाट हमले में नामजद हुई एफआईआर
ताड़ोकी थाना के माहुरपाट व मलमेटा के बीच 19 अप्रैल को हुए नक्सली हमले की नामजद शिकायत नारायणपुर पुलिस ने कांकेर पुलिस में दर्ज कराई है। कांकेर व नारायणपुर जिले की पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में निकली पार्टी पर घात लगाए नक्सलियों ने हमला कर अंधाधून फायरिंग की थी। इसमें किसी जवान को कोई नुकसान तो नहीं हुआ लेकिन नक्सली के भागने के बाद वहां दो बंदूक के अलावा बड़ी संख्या में दैनिक उपयाेग की सामग्री जब्त की गई थी।

कांकेर के भी नक्सलियों के होने की आशंका
जांबिया गट्‌टा थाना प्रभारी एसआई किशोर बोबड़े ने बताया कि बीती रात सौ से अधिक नक्सलियों ने थाने में फायरिंग व हैंड मेड रॉकेट लांचर से हमला किया था। इस हमले में स्थानीय छोटे छोटे दलों के साथ कांकेर इलाके में काम कर रही नक्सली कंपनी के शामिल होने की आशंका है जो वारदात के बाद कांकेर की ओर भागे हैं।

खबरें और भी हैं...