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बढ़ रहा है संक्रमण:हाॅट स्पाॅट बना संजय नगर, प्रशासन ने किया सील, पहरा बिठाया, 6 और वार्डों में संक्रमण तेज

कांकेर2 महीने पहले
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  • संजय नगर में पिछले 15 दिनों में मिले 95 नए कोरोना संक्रमित, 2 मरीजों की हो चुकी है मौत

शहर का संजय नगर वार्ड कोरोना हॉट स्पॉट बन गया है। यहां पिछले 15 दिनों में 95 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। वार्ड में लगातार शिकायत मिल रही थी कि कोरोना संक्रमित जो होम आइसोलेशन में हैं वे घरों से बाहर घूमते हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते प्रशासन ने यहां सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। पूरे वार्ड को सील करते हुए लोगों के घरों से निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आंकड़े बताते हैं शहर के 6 और वार्ड उदयनगर, माहुरबंदपारा, बरदेभाठा, शिवनगर, श्रीराम नगर तथा अलबेलापारा में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

वार्ड की महिला इलाज कराने 7 अप्रैल को अस्पताल गई जहां से संक्रमित हो गई। वार्ड में इक्का दुक्का संक्रमित मिलते रहे। 22 अप्रैल के बाद यहां संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा। 22 अप्रैल को यहां 10 तथा 26 अप्रैल को 12 संक्रमित मिले। इसके बाद सिलसिला शुरू हो गया। 15 दिनों में 95 नए संक्रमित मिल चुके हैं। वार्ड के दो कोरोना संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है।

संक्रमण फैलने के चार हैं बड़े कारण, यदि लापरवाहियां बंद हुईं तो घटेगा संक्रमण
1.
संक्रमित युवाओं की अ‌ड्‌डेबाजी: वार्ड में दो स्थानों में शाम होते ही युवा अड्‌डा बना बैठते हैं। संक्रमित युवक भी इन अड्‌डों तक पहुंचते रहे जहां से संक्रमण फैला।
2. सार्वजनिक नलों में पहुंच रहीं महिलाएं: संक्रमित महिलाएं भी पानी भरने सार्वजनिक नलों में पहुंच रही हैं। रोकने टोकने का कोई असर नहीं हो रहा।
3. छोटे घरों में होम आइसोलेशन नियम का पालन नहीं: संजय नगर में प्राय: घर छोटे छोटे एक दो कमरों के हैं। घरों में शौचालय भी अलग नहीं है। कोरोना मरीज के लिए अलग कमरा नहीं होने के कारण होम आइसोलेशन नियमों का पालन नहीं होता।
4. होम आइसोलेशन वाले पोस्टर फाड़ना: जिन घरों में संक्रमित मिलते हैं वहां स्वास्थ्य विभाग पोस्टर चस्पा करता है। वार्ड में जैसे ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पोस्टर चस्पा कर जाती है, लोग उसे फाड़ देते हैं। इससे दूसरे लोग भी क्षेत्र में आ जाते हैं।​​​​​​​

अधिकतर संक्रमित होम आइसोलेट, लापरवाही जारी
वार्ड के अधिकतर कोरोना संक्रमित घरों में होम आइसोलेशन में हैं। संक्रमण फैलने की बड़ी वजह ये ही होम आइसोलेशन में रहने वाले संक्रमित हैं। अचानक संक्रमितों की संख्या बढ़ी तो स्वास्थ्य विभाग की पड़ताल में लापरवाही उजागर हुई। इसके बाद वार्ड को कंटेनमेंट जोन घोषित करते पूरी तरह सीलबंद कर दिया गया। वार्ड में प्रवेश हेतु एकमात्र रास्ता है जहां सख्त पहरा बैठाया गया है। लगातार कोरोना संक्रमित मिलने की वजह से वार्ड में 2 मई को शिविर लगा 100 लोगों की कोरोना जांच करने लक्ष्य रखा गया था। जांच कराने पहुंचे मात्र 44 जिसमें 10 संक्रमित पाए गए थे।

15 दिनों बाद आंकड़ा पांच सौ से कम, 398 नए संक्रमित पाए गए
जिले में पिछले 15 दिनों से रोजाना पांच सौ से अधिक कोरोना संक्रमित मिल रहे थे। 15 दिनों बाद आंकड़े में कुछ गिरावट दर्ज की गई तथा शुक्रवार को जिले में 398 कोरोना के नए संक्रमित मिले। जिले के तीन विकासखंडों कांकेर, नरहरपुर तथा कोयलीबेड़ा में कोरोना की रफ्तार लगभग वही है जबकि दो विकासखंडों भानुप्रतापपुर तथा चारामा में रफ्तार घटी है।

अंतागढ़ तथा दुर्गूकोंदल में जिले के शेष विकासखंडों की अपेक्षा कोरोना संक्रमित कम मिल रहे हैं। शुक्रवार को जिले में मिले 398 नए संक्रमितों में से 28 प्रतिशत यानी 114 कोरोना संक्रमित कांकेर विकासखंड के ही हैं। कांकेर विकासखंड में पिछले दस दिनों से लगातार रोजाना औसतन 100 से अधिक ही संक्रमित मिल रहे हैं। नरहरपुर विकासखंड में भी शुक्रवार को 96 नए कोरोना संक्रमित मिले। कोयलीबेड़ा में थोड़ी रफ्तार कम जरूर हुई है तथा शुक्रवार को यहां 62 नए कोरोना संक्रमित मिले। चारामा विकासखंड में शुक्रवार को कोरोना पर ब्रेक लगा तथा 50 नए संक्रमित मिले। भानुप्रतापपुर में शुक्रवार को 27 संक्रमित मिले।​​​​​​​

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