गार्डनों की हालत खराब:शहर के गार्डनों में झूूले टूटे, फव्वारे भी बंद, हर तरफ उग आईं झाड़ियां

कांकेर24 दिन पहले
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कांकेर। अलबेलापारा पार्क में लगे झूलों की एसी है स्थिित। - Dainik Bhaskar
कांकेर। अलबेलापारा पार्क में लगे झूलों की एसी है स्थिित।

शहर में सार्वजानिक स्थल पर 8 गार्डन बनाए गए हैं लेकिन शहर के गार्डनों की स्थिति खराब है। गार्डन में झूला, कुर्सी टुटे हुए हैं। हरियाली का अभाव बना हुआ है। फूलदार पौधे नहीं है। पेयजल, शौचालय, बिजली जैसी मूलभूत सुविधा नहीं है। कुछ वर्षो में शहर में कई जगह पर सौंदर्यीकरण कार्य कराते गार्डन विकसित किया गया है। तालाब तटों का भी सौंदर्यीकरण करते गार्डन जैसा स्वरूप दिया जा रहा है। लेकिन पहले से जो गार्डन बने हैं उनकी देखभाल नहीं की जा रही है। कुछ गार्डन की स्थिति तो बेहद खराब हो चुकी है।

सबसे ज्यादा खराब स्थिति शीतलापारा वार्ड के गार्डन की है जो दीवान तालाब तट से लगा हुआ है। गार्डन में एक झूला लगाया गया था जो टूट चुका है। गार्डन में हरियाली बिल्कुल नहीं है। गंदगी पसरी हुई है। गार्डन में लोग भवन निर्माण सामग्री के साथ मलबा रखते हैं। अलबेलापारा में 12 वर्ष पहले चिल्ड्रन पार्क बनाया गया था। गार्डन में काफी सारे झूले लगाए गए थे। सभी देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त होकर टूट चुके हैं। चिल्ड्रन पार्क में पानी के साथ बिजली की बड़ी समस्या है। पानी नहीं होने से दिक्कत होती है।

लाइट नहीं होने से शाम होते ही अंधेरा छा जाता है तथा जंगली जानवरों के साथा सांप बिच्छुओं का खतरा बढ़ जाता है। पार्क में गंदगी पसरी हुई है। मच्छरों का प्रकोप है। शाम को अंधेरा होते ही असामाजिक तत्व यहां अड्‌डा जमा लेते हैं। गार्डन में लगे फूलदार पौधे गायब हो चुके हैं। वार्ड के कोमल जैन ने कहा गार्डन को बेहतर ढ़ंग से विकसीत करने की जरूरत है। जवाहर वार्ड के ठाकुर विश्राम सिंह पार्क में झूले क्षतिग्रस्त होकर टूट चुके हैं। गार्डन में फौव्वारा बंद पड़ा है। गार्डन में लगे घास के साथ अनुपयोगी झा़ड़ियां उग गई है।

पानी का अभाव
दूरसंचार कार्यालय के पास नेशनल हाईवे किनारे लाखों की लागत से गार्डन बनाया गया है। गार्डन को ओपन जिम के रूप में विकसित किया गया लेकिन पौधे यहां बेहद कम होने से हरियाली नजर नहीं आती है। पेयजल सुविधा नहीं है।

पुष्प वाटिका से तीन झूले हो गए गायब
15 वर्ष पहले शहर के शिवनगर वार्ड में नरहरदेव के पास ऊपरी भाग में पुष्पा वाटिका बनाया गया था। यहां पांच झूले लगाए गए थे लेकिन वर्तमान में दो ही झूले हैं। एक झूला तो देखरेख के अभाव में अनुपयोगी झाड़ियों में ढ़ंक गया है। पुष्प वाटिका से फूल तो गायब हो चुके हैं।

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