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लखनपुरी में मातम:पिता के लिए खरीदी कार में ही गई दोनों बेटों और दोस्तों की जान, घटना के बाद मातम में पूरा लखनपुरी बंद रहा

कांकेर/लखनपुरी6 महीने पहले
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बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात को नेशनल हाईवे में रतेसरा के पास हुए हादसे ने तीन परिवारों पर कहर टूट पड़ा। सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की मौत ने पिता को झकझोर कर रख दिया। दोनों ने पिता को रोजगार देने व कमाई के लिए 15 दिन पहले ही कार लेकर दी थी। उसी कार ने पिता के बुढ़ापे का ही सहारा छीन लिया। हादसे में उनके दोनों बेटों की मौत हो गई। घटना के बाद मातम में पूरा लखनपुरी गुरुवार को बंद रहा।

लखनपुरी निवासी इस्लाम अली उर्फ राजू खां एक निजी स्कूल में वाहन चलाते थे। उनके दो बेटों में बड़ा अहमद अली वेल्डिंग दुकान में काम करता था। छोटा रहमत अली ड्राइवरी करता था। तीनों मिलकर परिवार चलाते थे।

लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने से राजू खां की नौकरी चली गई तो परिवार चलाने में मुश्किल होने लगी। तो दोनों बेटों ने अपनी जमापूंजी 60 हजार के अलावा बैंक से कर्ज लेकर 15 दिन पहले सेकेंड हैंड कार ली थी। चाभी सौंपते बेटों ने पिता काे कहा था अब अपनी कार चलाओ, इससे कमाई भी बढ़ेगी। इसी कार ने हादसे में बुजुर्ग के दोनों बेटों की जान ले ली।

वहीं लखनपुरी निवासी प्रवीण सिन्हा पिता चंद्रशेखर सिन्हा रायपुर डीकेएस अस्पताल में एंबुलेंस चालक था। 31 मार्च की शाम ही रायपुर से लखनपुरी पहुंचा था जहां उसके दोस्त अहमद व रहमत मिल गए। इनके साथ अहमद का दोस्त संजू तिर्की पिता संजय निवासी सरगुजा भी था।

संजय भानुप्रतापपुर में पेशी में आया था जो वहां से आकर लखनपुरी रूक गया था। तीनों किसी काम से कार से धमतरी जा रहे थे। दोस्तों के कहने पर प्रवीण भी उनके साथ धमतरी चला गया। रात में वापस लौटने के दौरान हादसा हुआ।

व्यापारियों ने की आर्थिक मदद

हादसे में सबसे ज्यादा राजू खान का परिवार टूट गया, उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण लखनपुरी के व्यापारियों ने मदद की। हादसे की खबर लगते ही गुरूवार सुबह लखनपुरी में बैठक की गई। शोक को देखते दिन भर दुकानें बंद रखने फैसला लिया गया। साथ ही राजू खान को मदद करने चंदा भी किया।

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