अंतागढ़ में तहसीलदारों की सांसद से ठनी:सांसद मोहन मंडावी ने कहा- जब कोई गलती ही नहीं की तो किस बात की माफी

कांकेर6 दिन पहले
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अतिक्रमण हटाने को लेकर अंतागढ़ में की गई कार्रवाई में नेतागिरी के बाद अब अफसरगिरी भी शुरू हो गई। अतिक्रमण पर कार्रवाई करने को लेकर अंतागढ़ तहसीलदार से सार्वजनिक रूप से दुर्व्यवहार करते अपशब्द करने को लेकर सांसद मोहन मंडावी के खिलाफ जिले भर के तहसीलदारों ने मोर्चा खोल दिया है।

तहसीलदारों की इस एकजुटता से प्रशासनिक व राजनैतिक स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है। कलेक्टर से शिकायत करने पहुंचे तहसीलदारों ने दो टूक कहा कि जब तक सांसद सार्वजनिक रूप से अंतागढ़ तहसीलदार से माफी नहीं मांगेंगे, तब तक वे जिले में बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं करेंगे। तहसीलदारों ने बताया अंतागढ़ तहसीलदार लोमश मिरी ने नियमपूर्वक अंतागढ़ के शासकीय कालेज के पीछे सरकारी जमीन में हुए कब्जे को हटाया है। जिसे लेकर अतिक्रमणकारी महिला कल्पना जैन धरने पर बैठ गईं। दूसरे दिन 7 जनवरी को सांसद मोहन मंडावी व भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, जिला अध्यक्ष सतीश लाटिया भी उसके समर्थन में आए। इस दौरान सांसद ने तहसीलदार लोमेश मिरी को धरना स्थल पर बुलाया और अपशब्दों का इस्तेमाल करते उनसे दुर्व्यवहार किया। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने घटना की कड़ी निंदा करते सांसद व उनके साथ शामिल नेताओं के खिलाफ िनंदा प्रस्ताव भी पारित किया है।

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