धांधली की आशंका:अफसरों के एक करोड़ के कामों की मांगी जानकारी तो गायब मिली फाइल

कांकेरएक महीने पहले
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सीईओ ने कांकेर थाने में दर्ज कराई शिकायत, पुलिस ने कहा-पहले पूरी करा लें विभागीय जांच। - Dainik Bhaskar
सीईओ ने कांकेर थाने में दर्ज कराई शिकायत, पुलिस ने कहा-पहले पूरी करा लें विभागीय जांच।

पहले भी कई तरह की गड़बड़ी व विवादों के चलते सुर्खियों में रहा कांकेर जिला पंचायत इस बार 1.05 करोड़ रुपए के कामों वाली फाइल गुम होने को लेकर चर्चा में है। कार्यालय से जो फाइल गायब हुई है, वह सरकार की महत्वपूर्ण योजना नरवा-गरूवा-घुरवा-बाड़ी की है। इसमें एक करोड़ पांच लाख करोड़ के कार्य हुए हैं। संबंधित अफसरों ने इन कार्यों की जानकारी मांगी तो मामूल चला कि फाइल जिला पंचायत कार्यालय कांकेर में है ही नहीं।

कार्यालय से दस्तावेजों से भरी फाइल का गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ सुमीत अग्रवाल ने फाइल गायब होने की शिकायत कांकेर थाने में लिखित में करा दी। जिला पंचायत की ओर से जारी पत्र में गुम फाइल को लेकर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा गया है।

पुलिस ने भी जिला पंचायत को मामले में पहले पूरी विभागीय जांच करने कहा, ताकी जांच में सामने आए दोषी के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सके। जानकारी के अनुसार यह फाइल हस्ताक्षर के कलेक्टर कार्यालय गई थी। वहां से वापस आने के बाद से गायब है। विदित पहले भी जिला पंचायत कांकेर रोजगार गारंटी घोटाला व शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाले को लेकर विवादों में रहा है। अब फाइल के गायब होने पर भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

पहले भी कई तरह की गड़बड़ी व विवादों के चलते सुर्खियों में रहा कांकेर जिला पंचायत इस बार 1.05 करोड़ रुपए के कामों वाली फाइल गुम होने को लेकर चर्चा में है। कार्यालय से जो फाइल गायब हुई है, वह सरकार की महत्वपूर्ण योजना नरवा-गरूवा-घुरवा-बाड़ी की है। इसमें एक करोड़ पांच लाख करोड़ के कार्य हुए हैं। संबंधित अफसरों ने इन कार्यों की जानकारी मांगी तो मामूल चला कि फाइल जिला पंचायत कार्यालय कांकेर में है ही नहीं।

कार्यालय से दस्तावेजों से भरी फाइल का गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ सुमीत अग्रवाल ने फाइल गायब होने की शिकायत कांकेर थाने में लिखित में करा दी। जिला पंचायत की ओर से जारी पत्र में गुम फाइल को लेकर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा गया है।

पुलिस ने भी जिला पंचायत को मामले में पहले पूरी विभागीय जांच करने कहा, ताकी जांच में सामने आए दोषी के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सके। जानकारी के अनुसार यह फाइल हस्ताक्षर के कलेक्टर कार्यालय गई थी। वहां से वापस आने के बाद से गायब है। विदित पहले भी जिला पंचायत कांकेर रोजगार गारंटी घोटाला व शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाले को लेकर विवादों में रहा है। अब फाइल के गायब होने पर भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

विभागीय जांच से परहेज क्यों
फाइल गुमने का मामला पुलिस तक तो पहुंच गया लेकिन इसमें जिला पंचायत ने विभागी जांच शुरू नहीं कराई है। जिला पंचायत के संबंधित शाखा के लोग यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि फाइल गायब होने के पहले अंतिम बार किस विभाग में व किसके पास थी। फाइल जिसके पास भी थी, उसने किसे दिया था। फाइल को कौन रखता था। यदि सितंबर माह में फाइल गायब हुई तो उससे पहले वह कहां थी। इन सभी की विभागीय जांच होने पर दोषी का नाम सामने आ सकता है।

विभागीय जांच के बाद कार्रवाई करेगी पुलिस
टीआई शरद दुबे ने कहा जिला पंचायत से फाइल गायब होने की शिकायत सीईओ ने लिखित में की है। एफआईआर करने कहा गया है। विभाग ने मामले में विभागीय जांच नहीं कराई है। जिला पंचायत को विभागीय जांच करने पत्र लिखा जा रहा है। विभागीय जांच के बाद इसमें पुलिस अगली कार्रवाई करेगी।