नलकूप खनन में गड़बड़ी:4 आरएईओ सस्पेंड, एसडीओ और एडीओ को नोटिस

कवर्धा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
खोदे गए नलकूप में लोहे की जगह प्लास्टिक की केसिंग पाइप लगाई। - Dainik Bhaskar
खोदे गए नलकूप में लोहे की जगह प्लास्टिक की केसिंग पाइप लगाई।

कृषि विभाग में केंद्रीय विशेष पिछड़ी जनजाति योजना के तहत नलकूप खोदाई में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्लास्टिक का केसिंग पाइप लगाकर लोहे की पाइप का पैसा निकाला गया है। जांच में दोषी पाए गए 4 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (आरएईओ) को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (एसडीओ) और कृषि विकास अधिकारी (एडीओ) को भी नोटिस दिया गया है।

केंद्रीय विशेष पिछड़ी जनजाति योजना के तहत बोड़ला और पंडरिया ब्लॉक के 101 बैगा हितग्राहियों के खेत में नलकूप खोदाई किया जाना था। इसके लिए वर्ष 2019-20 में 87.42 लाख रुपए मंजूर हुआ था। प्रति नलकूप खनन में औसतन 94 हजार रुपए लागत आंकी गई। कृषि विभाग के नुमाइंदों ने नलकूप तो खोद दिए, लेकिन उसमें जो केसिंग पाइप लगाई गई वह लोहे की न होकर प्लास्टिक की थी। जबकि पैसा लोहे के केसिंग पाइप के निकाले गए थे। इस तरह अंचल के बैगाओं के साथ धोखाधड़ी की गई।

फर्जी बिल लगाया गया
गड़बड़ी की शिकायत कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा से की गई। कलेक्टर ने कृषि उपसंचालक एमडी डड़सेना को जांच के निर्देश दिए। जांच टीम ने जांच में पाया कि खोदे गए नलकूप में लोहे की जगह प्लास्टिक की केसिंग पाइप लगाई गई है। खास बात यह है कि नलकूप खनन करने वाली गोयल एजेंसी विश्रामपुर जिला सूरजपुर (छग) से मिलीभगत करते हुए फर्जी बिल लगाकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है।

इन अफसरों पर कार्रवाई
मामले में दोषी पाए जाने पर बोड़ला ब्लॉक के ग्राम लरबक्की में पदस्थ परमेश्वर सिंह ध्रुव, बोरिया क्षेत्र में पदस्थ मानसिंह मरकाम और पंडरिया ब्लाॅक के नेऊर क्षेत्र में पदस्थ मोहन यादव व कुकदूर क्षेत्र में पदस्थ महेन्द्र भास्कर को सस्पेंड किया गया है। वहीं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मामले में अभी आगे और जांच की जा रही है।

बिल लगाया 27.5 मीटर लाेहे के केसिंग पाइप का, लेकिन 35 फीट ही लगाया गया

केस 1. ग्राम मुड़घुसरी निवासी बजरू पिता चैतराम बैगा के नाम पर नलकूप स्वीकृत हुआ था। एजेंसी ने बिल में 27.5 मीटर लोहे का केसिंग पाइप बताकर राशि निकाली। लेकिन बजरू का कहना है कि उसके नलकूप में मात्र 35 फीट केसिंग पाइप लगा है, वह भी प्लास्टिक का। चिह्नांकित स्थान से हटकर नलकूप खोदा गया, जिससे पानी कम निकल रहा है। इसकी वजह से परेशानी हो रही है।

केस 2. बोड़ला ब्लॉक के ग्राम ठाकुरटोला निवासी शिवकुमार पिता चमरू बैगा के खेत में 220 फीट नलकूप खोदा गया है। जबकि 92 मीटर (301 फीट) खुदाई का रकम भुगतान हुआ है। वहीं 28.3 मीटर लोहे का केसिंग पाइप लगाया जाना बताकर राशि निकाली गई है, जबकि हितग्राही के मुताबिक केवल 22 फीट का प्लास्टिक केसिंग पाइप लगाया गया है। इस तरह से इस कार्य में जमकर गड़बड़ी की गई है।

केस 3. ग्राम मुड़घुसरी निवासी मसकूराम पिता टेर्रा बैगा, ठाकुरटोला निवासी मंगली पति बिगारी, ग्राम केसमर्दा निवासी समेलाल पिता खज्जुराम, ठाकुरटोला निवासी इतवारिन बाई पति झुमुक, केसमर्दा निवासी लालूसिंह पिता समारूराम बैगा, ग्राम कोमो निवासी रमौतिन पति रामलाल समेत अन्य हितग्राहियों के खोदे गए नलकूप में प्लास्टिक का केसिंग पाइप लगाकर लोहे के केसिंग का पैसा निकाला गया है।

खबरें और भी हैं...