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अब नहीं होगी समस्या:सकरी नदी पर 8 करोड़ से बनेगा उच्चस्तरीय पुल, मिलेगी राहत

कवर्धा8 महीने पहले
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  • बारिश के समय पुल के ऊपर पानी आ जाने से हाईवे जाम होता था, परेशानी बढ़ जाती थी, लोगों की मांग पूरी

हर साल मानसून में बारिश के दौरान शहर के मिनीमाता चौक स्थित सकरी नदी में बने पुल के ऊपर पानी आ जाने के कारण इसे बंद कर दिया जाता था। ऐसे में कवर्धा से जबलपुर व बिलासपुर रूट बंद हो जाता था। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस स्थिति को देखते हुए सकरी नदी में पुल बनाने शासन ने आठ करोड़ रुपए स्वीकृत किया है।
मंगलवार को कवर्धा विधायक व मंत्री मोहम्मद अकबर पुल निर्माण का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने कलेक्टर कॉलोनी में मंच, दर्री पारा में मल्टीपर्पस हॉल, सकरहाघाट में बस स्टॉप का भी लोकापर्ण किया।
इस दौरान पंडरिया विधायक ममता चंद्राकर, डीएफओ दिलराज प्रभाकर, जिला पंचायत सीईओ विजय दयाराम के, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नपा अध्यक्ष ऋषि शर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पा साहू, कन्हैया अग्रवाल, नीलकंठ चन्द्रवंशी, सुनील साहू, कृष्ण कुमार सोनी, कलीम खान समेत नपा के पार्षद उपस्थित थे।
51 हितग्राहियों को पट्टा वितरण किया: कवर्धा नगर पालिका क्षेत्र में निवासरत 51 हितग्राहियों को राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत नवीनीकृत पट्टा वितरण किया। मंत्री अकबर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में गठित की नई सरकार द्वारा लगभग पौने दो वर्षों में नगरीय विकास के क्षेत्र में किए गए प्रयासों से प्रदेश में शहरों के विकास की एक नई शुरुआत हुई है। राज्य सरकार ने शहरी गरीब परिवारों को काबिज भूमि का पट्टा देने और बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए राजीव गांधी आश्रय योजना व मोर जमीन मोर मकान जैसी अभिनव योजनाएं प्रारंभ की है।

शाला संगवारी बने सभी 97 युवाओं को बांटे प्रमाण पत्र
आयोजन के दौरान बताया गया कि जिला स्तर पर शिक्षित युवक-युवतियों के लिए रोजगार के अवसर दी जा रही है। राज्य सरकार की जिला खनिज संस्थान न्यास नीति के तहत जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति के 97 शिक्षित युवक-युवतियों को शाला संगवारी के रूप में रोजगार दिया गया है। इन युवाओं को मंगलवार को आयोजित कलेक्टोरेट में कार्यक्रम के दौरान मंत्री मोहम्मद अकबर व पंडरिया विधायक ममता चंद्राकर ने प्रमाण पत्र सौंपा। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि डीएमएफ के तहत नए शिक्षा सत्र के लिए शाला संगवारी के रूप में जिले के 97 युवक-युवतियों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। माध्यमिक स्कूल में सेवा देने वाले शाला संगवारी के लिए प्रतिमाह दस हजार रुपए और प्राथमिक स्कूल में सेवा देने वाले शाला संगवारी को प्रतिमाह 8 हजार रुपए मानदेय दिए जाएंगे। वहीं वर्ष 2020-21 के अंतर्गत प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों के लिए 11.15 करोड़ रुपए के प्रस्तावित कार्यों का अनुमोदन किया गया है। उच्च प्राथमिकता कार्यों के लिए 8 करोड़ 95 लाख रुपए के प्रस्तावित कार्य शामिल हैं।

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