ऐसे हालात / मदद करने एक दिन का वेतन देने पर सहमति बाकी

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  • सीएम की अपील का असर नहीं, 107 डीडीओ के 10 हजार से अधिक कर्मचारियों को वेतन बिल जमा ले रहे

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

कवर्धा. कोराेना संक्रमण की रोकथाम व लॉकडाउन में लोगों की मदद करने सीएम भूपेश बघेल ने कर्मचारियों व अधिकारियों को स्वेच्छा सेे एक दिन का वेतन राहत कार्य में देने अपील की थी। मार्च व अप्रैल माह में जिले के ज्यादातर कर्मचारियों ने अपने एक दिन का वेतन भी दिया। लेकिन अब इस मई माह में एक दिन का राशि देने जिले के कर्मचारी-अधिकारी सहमति नहीं दे रहे हैं। 
जिला कोषालय अधिकारी बीके देशमुख ने बताया कि कोषालय में हर माह 107 डीडीओ के अंतर्गत 10 हजार से अधिक नियमित कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है। वर्तमान में कर्मचारियों के वेतन बिल भी जमा हो रहे हैं। शुक्रवार तक करीब 10 से अधिक डीडीओ के बिल जमा हुए हैं। लेकिन ज्यादातर कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन देने सहमति नहीं दी है। वैसे राहत कार्य में एक दिन का वेतन देने शासन ने कर्मचारियों से स्वेच्छा से सहमति मांगी थी।
रिलीफ फंड में राशि देने से टैक्स कटौती में छूट
बीके देशमुख ने बताया कि एक दिन का वेतन देने फोन कर बड़े अधिकारियों जैसे डिप्टी कलेक्टर, उपसंचालक, सहायक संचालक, तहसीलदार, एसडीएम समेत अन्य कर्मचारी को जागरूक कर रहे हैं। हर वर्ष इनकम टैक्स अंतर्गत कटौती की जाती है। आयकर नियम अनुसार सीएम रिलीफ फंड, पीएम रिलीफ फंड या पीएम-केयर्स फंड में दान किए हुए राशि को छूट दी है। ऐसे में इनकम टैक्स कटौती से बचा जा सकता है। अगर कोई अधिकारी-कर्मचारी राशि नहीं देता है तो नियम अनुसार कटौती की जाती है।
28 मई से कर्मचारियों का वेतन जारी किया जाएगा 
समय पर वेतन जारी किए जाने के मामले में जिला कोषालय पूरे राज्य में पहले स्थान पर है। यहां हर माह 21 तारीख से वेतन बिल जमा किया जाता है। इसके बाद 28 से 31 तारीख के बीच वेतन जारी किया जाता है। इस माह भी समय पर कर्मचारियों को वेतन मिल जाएगा। खास बात यह है कि मई माह में किसी भी कर्मचारी व अधिकारी का वेतन रोके जाने संबंधित कोई आदेश नहीं है। वहीं जो डीडीओ देर से वेतन बिल जमा करता है, उसी के कर्मचारी का वेतन लेट होता है।
कार्यालय खर्च में 30 प्रतिशत कटौती शुरू 
लॉकडाउन के कारण शासन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। यही कारण है कि राज्य सरकार के वित्त मंत्रालय ने शासकीय कार्य व कार्यालय खर्च में 30 प्रतिशत की कटौती की है। वर्तमान में शासकीय दफ्तर को प्रारंभ किया गया है, ताकि राजस्व मिल सके। लेकिन अभी तक राजस्व की कमी बरकरार है। कोषालय में इस माह 900 रुपए का राजस्व मिला है। लॉकडाउन से पहले तो यहां करीब 100 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिलता था। बीते मार्च-अप्रैल-मई माह से स्थित खराब है।

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