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नवाचार का प्रयास:8वीं तक के बच्चों का हर माह फरवरी तक होगा आकलन

कवर्धा10 दिन पहले
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  • नया आकलन रटने पर आधारित न होकर दक्षता आधारित होगा, शिक्षा सचिव डॉ. शुक्ला ने वेबिनार में दिए निर्देश

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने कक्षा पहली से लेकर 8वीं तक नवीन आकलन क्या, क्यों और कैसे विषय पर आयोजित वेबिनार में जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी प्राप्त की। प्रमुख सचिव डॉ. शुक्ला ने कहा कि आकलन प्रति माह फरवरी तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन नवाचारी प्रयासों का बच्चों के सीखने पर क्या प्रभाव पड़ा है, इसको हम सब और शासन जानना चाहता है। इसके लिए नवीन आकलन की प्रक्रिया अपनाई गई है।
नवीन आकलन की प्रक्रिया बहुत ही महत्वपूर्ण, सरल, लचीली और फार्मेटिव है, जो रटने पर आधारित न होकर दक्षता आधारित है। दक्षताओं का निर्धारण लर्निंग आउटकम्स के आधार पर कक्षावार, विषयवार निर्धारित किया गया है। एक विषय की सभी कक्षाओं की दक्षताएं एक समान है, लेकिन कक्षावार कठिनाई स्तर बढ़ता जाता है। शनिवार को आयोजित इस वेबिनार में जिले के जिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा जिला मिशन समन्वयक, डाइट प्रिंसिपल, ब्लॉक स्तर के बीईओ, ब्लॉक स्रोत समन्वयक और संकुल स्रोत समन्वयक उपस्थित थे।
इस तरह है नया आकलन: स प्रक्रिया में अंकों के स्थान पर चार स्तर का निर्धारण किया गया है। प्रत्येक स्तर पर अलग-अलग स्माइली बनाए गए है। प्रथम स्तर-मदद की आवश्यकता है, द्वितीय स्तर-बुनियादी समझ है, तृतीय स्तर-अपेक्षा के अनुरूप करता है और चतुर्थ स्तर-गहरी समझ है। इस प्रकार के आकलन से यह पता चलता है कि बच्चे सीखने के किस स्तर पर है जिसके आधार पर आगामी रणनीति तय की जा सके।
ऑनलाइन व ऑफलाइन पढ़ाई पर जोर : वेबिनार में जो बच्चे ऑनलाइन या ऑफलाइन अध्ययनरत हैं उनके संबंध में डीएमसी से भी उनकी समस्या सुझाव पर चर्चा की। जिला शिक्षा अधिकारी को आकलन की प्रक्रिया में सुधार लाने माॅनिटरिंग करने के लिए निर्देशित किया।

जिले में अभी भी ऑनलाइन पढ़ाई की स्थिति खराब
ऑनलाइन व ऑफलाइन पढ़ाई के आधार पर ही परीक्षा परिणाम जारी किए जाने की तैयारी है। ऑनलाइन पढ़ाई की भी स्थिति खराब है। विभाग के अफसर भी मान रहे है कि ऑनलाइन पढ़ाई में नेटवर्क व बच्चों के पालकों के पास स्मार्ट फोन न होना सबसे बड़ी बाधा है। 5 हजार से अधिक शिक्षकों ने एक लाख 82 हजार 366 ऑनलाइन कक्षा ली है, लेकिन 1.40लाख से अधिक बच्चों में केवल 9 हजार 578 बच्चे ही शामिल हो सके है। 1.30 लाख के आसपास बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से दूर है।

डीईओ ने कहा- ऑफलाइन पढ़ाई जारी है
जिला शिक्षा अधिकारी केएल महिलांगे ने बताया कि जिले के कई जगहों में मोहल्ला पाठशाला अंतर्गत पढ़ाई जारी है। पूर्व में जिले में लॉकडाउन की स्थिति थी, इस कारण ग्रामीण क्षेत्र के मोहल्ला पाठशाला लगभग बंद हो गया था। वर्तमान में कई शिक्षकों ने मोहल्ला पाठशाला अंतर्गत पढ़ाई शुरू की है। ऑनलाइन पढ़ाई में नेटवर्क की समस्या ज्यादा है। डॉ. आलोक शुक्ला ने वेबीनार के माध्यम से चर्चा करते हुए ऑनलाइन व ऑफलाइन पढ़ाई पर जोर दिया।

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