कवर्धा में हाफती स्वास्थ्य सेवाएं:धूल खा रही वेंटिलेटर मशीन, अस्पतालों में कोविड के बेड फुल; पिछले 7 दिनों में 11 की मौत करीब 2300 लोग संक्रमित

कवर्धा7 महीने पहले
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कवर्धा जिले में स्वास्थ्य सेवाएं ही बीमार हो गई है। कहीं बेड नहीं है तो कहीं वेंटिलेटर ही बंद पड़े है। - Dainik Bhaskar
कवर्धा जिले में स्वास्थ्य सेवाएं ही बीमार हो गई है। कहीं बेड नहीं है तो कहीं वेंटिलेटर ही बंद पड़े है।

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। देश और प्रदेश में कोरोना ने तबाही मचा रहा है। वहीं कवर्धा जिले में हालात दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे है। हर दिन बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। इसके बाद भी जिला प्रशासन सुध नहीं ले रहा है। जिले में 7 वेंटिलेटर मशीन हैं। लेकिन, इतनी बड़ी महामारी के दौर में सभी बंद पड़ी हैं।

कवर्धा में बढ़ता कोरोना का संक्रमण

जिले में कोरोनावायरस तेजी से अपने पांव पसार रहा है। हर दिन औसतन 300 कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे है। और स्वास्थ्य सेवा अच्छी नहीं मिलने की वजह से लोगो की जानें भी जा रही है। अभी पिछले 7 दिनों में 11 से ज्यादा लोगो की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन कोरोना के समय जीवन रक्षक कही जाने वाले वेंटिलेटर को चला नहीं पा रहा है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है, कि स्वास्थ्य सेवाओं का क्या होल होगा। जिला अस्पताल में 3 वेंटिलेटर और कोविड सेंटर में 4 वेंटिलेटर बंद पड़े धूल खा रहे है। जबकि एक वेंटिलेटर की कीमत 5-20 लाख रुपये के आसपास बैठती है।

कवर्धा जिले में इस महामारी के दौर में भी वेंटिलेटर बंद पड़े है। जब कि इस समय सबसे ज्यादा जरूरत कोरोना मरीजों को है।
कवर्धा जिले में इस महामारी के दौर में भी वेंटिलेटर बंद पड़े है। जब कि इस समय सबसे ज्यादा जरूरत कोरोना मरीजों को है।

सांसद ने जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय ने जिला प्रशासन पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होने कहा कि जिले में 7 वेंटिलेटर पिछले एक साल से धूल खा रहे है। इतनी बड़ी महामारी देश-प्रदेश में आयी। लेकिन, जिला प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। इन वेंटिलेटर को चलाने के लिए ऑपरेटर व टेक्निशियन की जरूरत है। इसकी भी व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जबकि, कोरोना शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा है।

कलेक्टर ने CMHO को दिए निर्देश

कवर्धा कलेक्टर रमेश शर्मा बताते है कि जिले में 7 वेंटिलेटर है। वो सभी बंद है। सीएमएचओ से कहा है कि रायपुर के मेडिकल कॉलेज से किसी डॉक्टरों से ट्रेनिंग लेकर सभी वेंटिलेटर चालू कराए जाए। जिले के डॉक्टरों से संपर्क किया जा रहा है, जो इसकी जानकारी रखते है।

जिले के अस्पतालों का हाल

जिले के कोविड अस्पताल में 100 बेड है। उसमें से 50 ही बेड ऑक्सीजन के है। इसमें से करीब सभी भरे हुए है। कोविड केयर सेंटर में करीब 300 बेड है। उसमें भी 50 ऑक्सीजन बेड है, जो बताया जा रहा है कि सभी जगहों पर बेड फुल हो चुके है।

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