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मुआयना:कलेक्टर ने खेतों में फसलों की स्थिति व सर्वे का काम देखा

कवर्धा5 दिन पहले
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कवर्धा. गिरदावरी कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर। - Dainik Bhaskar
कवर्धा. गिरदावरी कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर।
  • कवर्धा ब्लॉक के सोनपुरी, झिरौनी समेत 4 गांवों का किया निरीक्षण
  • विशेष रूप से पड़त भूमि के रकबे का चिह्नांकन करने के निर्देश

कवर्धा ब्लॉक के ग्राम सोनपुरी, झिरौनी, बम्हनी और मैनपुरी में फसल गिरदावरी कार्य चल रहा है। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा मंगलवार को इन गांवों में पहुंचे। सड़क पर गाड़ी रुकवाकर खेतों में पहुंचे और गिरदावरी कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कोई गड़बड़ी नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गिरदावरी कार्य में लगे राजस्व अधिकारियों की टीम को पड़त भूमि के रकबे का विशेष रूप से चिह्नांकित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री शर्मा ने बताया कि 30 सितंबर तक हर हाल में गिरदावरी का काम पूरा किया जाना है। गिरदावरी सत्यापन के साथ ही कलेक्टर ने सोनपुरी रानी, ग्राम जिंदा, झिरौनी, बम्हनी और मैनपुरी के धान खरीदी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। आगामी सीजन से शुरू होने वाले धान खरीदी के तैयारियों के लिए निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी। धान के रख- रखाव के लिए केंद्रों को मरम्मत और अपूर्ण धान खरीदी केंद्रों के निर्माण कार्यों को पूरा करने हिदायत दी।

खसरा नंबर 45 का भी मौके पर औचक सत्यापन

कलेक्टर श्री शर्मा ने गिरदावरी के सर्वे का आकलन करने के लिए सोनपुरी के खसरा नंबर 27/1 के पास अचानक अपनी गाड़ी रोकवाई। वहां मौके पर अरहर का फसल मिला। उन्होंने गिरदावरी रिकॉर्ड से मिलान किया, तो उसमें भी अरहर की खेती पाया। खसरा नंबर 25 पड़त भूमि थी। वह भी सही पाई गई।

उन्होंने ग्राम झिरौनी के खसरा नंबर 1/5, खसरा नंबर 11 का सत्यापन किया। खसरा नंबर 45 का भी मौके पर औचक सत्यापन किया। रिकॉर्ड में शासकीय भूमि मिला। मौके पर पड़त भूमि (खाली जमीन) थी। पटवारी शिवदयाल कौशिक ने बताया कि दो गांव में सर्वे का काम चल रहा है। तय समय सीमा पर पूरी हो जाएगी।

अभी तक 634792 खसरों का सर्वे कर चुके हैं

शासन के निर्देश अनुसार 30 सितंबर तक गिरदावरी कार्य पूरा करना है। जिले में गिरदावरी का कार्य 81.26 प्रतिशत होने का दावा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में कुल 78158 खसरे हैं। इसमें वर्तमान में 634792 खसरों का गिरदावरी कर लिया गया है।

जानिए, क्या है गिरदावरी

किसान ने अपने खेत के कितने रकबे में कौन भी फसल की लगाई है। यह जानकारी पटवारी द्वारा शासन के दस्तावेज में दर्ज कराई जाती है। इसे ही गिरदावरी कहते हैं। अब इसे एप के माध्यम से ऑनलाइन किया जा रहा है। इसस पता चलता कि वास्तव में कितने रकबे में किसानों धान की फसल लगाई है। इसी के अनुरूप धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन होता है। गिरदावरी में ग्रामीण स्तर पर पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी हर खसरा नंबर के रकबे पर पहुंचकर फसल का मुआयना कर रकबे का रिकॉर्ड रखते हैं।

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