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घर-घर सर्वे की रिपोर्ट:जिले के 2296 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण 2612 लोगों की जांच में 225 ही पॉजिटिव

कवर्धा8 महीने पहले
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  • 5 से 12 अक्टूबर तक हेल्थ टीम ने 1 लाख 81 हजार 835 घरों में दी दस्तक

कबीरधाम जिले में स्वास्थ्य अमले ने 5 से 12 अक्टूबर तक एक हफ्ते में 1,81835 घरों में दस्तक दी। कई जगहों पर सर्वे दलों को लोगों ने सहयोग नहीं किया, फिर भी दलों ने घरों से 2296 ऐसे लोगों को ढूंढ निकाला, जिनमें सर्दी- खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ या कोरोना जैसे लक्षण थे। इनमें से 2612 लोगों की जांच में 225 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। सर्वे में जितने लोगों को सर्दी-खांसी और बुखार था, उनमें से 9.79 प्रतिशत को ही कोरोना था। अब इनके इलाज से संक्रमण फैलने से रोका जा सकेगा। सर्वे के लिए 1049 टीमें बनाई गई थी। हर टीम में 5 सदस्य थे, इस तरह 5 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और सहायिकाओं ने घर-घर सर्वे को अंजाम दिया। एक हफ्ते में 1.81 लाख से ज्यादा परिवारों का सर्वे किए। सर्वे में 1884 लक्षण वाले और 412 हाई रिस्क (उच्च जोखिम) वाले मरीजों को ढूंढ़ निकाले।

दोबारा जांच में 40 संक्रमित
सर्वे में सर्दी-बुखार लक्षण वाले 1961 लोगों का एंटीजन टेस्ट हुआ, जिसमें 185 पॉजिटिव पाए गए। वहीं एंटीजन में निगेटिव पाए गए 651 लोगों की आरटीपीसीआर जांच कराई गई तो उन्हीं में से 40 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सीएमएचओ डॉ. शैलेन्द्र कुमार मंडल ने बताया कि एंटीजन टेस्ट में निगेटिव आने पर लोगों की दोबारा जांच इसलिए कराई गई।

एक्टिव केस बढ़कर 609
जिले में कोरोना के 67 नए मरीज मिले हैं। इनमें पंडरिया ब्लाॅक में सबसे ज्यादा 24 मरीज शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीएमएचओ ने इसकी पुष्टि की है। जिले में कोरोना के एक्टिव केस बढ़कर 609 हो गई है। संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले में अब तक 2919 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 2282 मरीज कोरोना को माता दे चुके हैं। जिले का रिकवरी रेट (मरीजों के स्वस्थ होने की दर) 78.17% पर है। पिछले कुछ दिनों में रिकवरी रेट में सुधार तो हुआ है, लेकिन मौत के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। अब तक कोरोना से 28 मौतें हो चुकी है।

गांव में अंत्येष्टि का विरोध
कोविड केयर सेंटर में मंगलवार शाम को एक 65वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। रात में ही उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए ग्राम सूरजपुरा रगरा ले जाया गया, जहां कुछेक ग्रामीणों ने विरोध करना शुरु कर दिया। विरोध स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ था। क्योंकि गांव में एक और मरीज था, जिसे कोविड सेंटर नहीं ले गए थे। इसे लेकर लोग आक्रोशित हुए।

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