सोशल मीडिया का क्रेज खतरनाक:साइबर क्राइम; इंस्टाग्राम पर 4 फेक प्रोफाइल बनाया, कैलिफोर्निया से आईपी एड्रेस पता कर गुजरात से आरोपी को दबोचा

कवर्धाएक वर्ष पहले
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प्रेसवार्ता में एसपी ने किया मामले का खुलासा। आरोपी को कैसे ट्रेस किए इसकी भी जानकारी दी। - Dainik Bhaskar
प्रेसवार्ता में एसपी ने किया मामले का खुलासा। आरोपी को कैसे ट्रेस किए इसकी भी जानकारी दी।
  • एडिट कर युवतियों की अश्लील फोटो बना करता था ब्लैकमेल
  • कवर्धा की 12 व देशभर में 50 से अधिक युवतियों को बनाया शिकार

सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर 4 फेक प्रोफाइल बना युवतियों को अश्लील मैसेज भेजकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। कैलिफोर्निया से मोबाइल का आईपी एड्रेस लेकर कवर्धा पुलिस ने आरोपी को गुजरात में धर दबोचा। आरोपी ने कवर्धा की 12 लड़कियों को ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया है। वहीं शुरुआती जांच में देश के अलग- अलग राज्यों में 50 से अधिक युवतियों को ब्लैकमेल करने की बात सामने आई है।

एसपी ऑफिस में एएसपी ऋचा मिश्रा ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी दिलीप पिता जसुभाई दाबी (19) ग्राम मुडेल जिला खेड़ा (गुजरात) का रहने वाला है। एसपी ऑफिस में 9 जून को एक युवती अपनी सहेली के साथ एसपी शलभ कुमार सिन्हा से मिली। युवतियों ने बताया कि इंस्टाग्राम पर अज्ञात शख्स उनकी एडिट की हुई अश्लील फोटो भेजकर ब्लैकमेल कर रहा है। एसपी ने साइबर सेल की मदद से उक्त प्रोफाइल की जांच कराई, तो वह फर्जी निकला। इस पर कैलिफोर्निया से फेक प्रोफाइल के जरिए आईपी एड्रेस लिया।

शातिर है आरोपी, दोस्त के नंबर पर फोन-पे करवाता था
आरोपी दिलीप दाबी बड़े ही शातिर तरीके से अपराध करता था। ब्लैकमेलिंग से डरने के बाद जब युवतियां पैसे देने को राजी हो जाती, तो आरोपी अपने दोस्त के नंबर पर फोन-पे करने को कहता था। कवर्धा की दो युवतियों से जब आरोपी ने 8-8 हजार रुपए की डिमांड की, तो युवतियों ने एसपी ने शिकायत की। फोन-पे नंबर के आधार पर आरोपी का लोकेशन गुजरात में होना पता चला।

आरोपी के मोबाइल से डिलीट डेटा खंगाल रही पुलिस
शुरुआती जांच में कवर्धा की 12 और देश के अलग- अलग राज्यों में 50 से अधिक युवतियों को ब्लैकमेल करने का पता चला है। आरोपी के पास से एंड्रायड मोबाइल जब्त किया है, जिस पर दो सिम है। इसी मोबाइल के जरिए इंस्टाग्राम पर फेक प्रोफाइल बनाकर युवतियों को ब्लैकमेलिंग करता था। मोबाइल को फारेंसिक लैब भेजा जा रहा है, ताकि डिलिडेट डेटा निकाला जा सके।

इस तरह से वारदात को अंजाम देता था आरोपी
पूछताछ में पता चला कि आरोपी दिलीप ने इंस्टाग्राम पर 4 फेक आईडी बनाया है। उसने युवतियों को रैंडम आधार पर देश के विभिन्न हिस्सों से चुना था। उनके सोशल मीडिया अकाउंट को स्टॉक करता। जिनके अकाउंट ओपन (बिना प्राइवेसी वाले) होते, वह सीधे उनकी फोटो ले लेता। इसके बाद आरोपी उन युवतियों को ब्लैकमेल करने एडिट की हुई अश्लील तस्वीरें भेजता और डिलीट करने रुपए की मांग करता था।

सोशल मीडिया का क्रेज बढ़ रहा, बीते एक माह में साइबर अपराध के सात मामले दर्ज, कवर्धा व पंडरिया में ज्यादा हैं
सोशल मीडिया का क्रेज ऐसा है कि बच्चे-बड़े कोई इससे बचा नहीं है। यह कई मायनों में मददगार भी है, लेकिन सावधानी न बरती जाए तो सोशल मीडिया कई खतरों का सबब भी बन सकता है। साइबर अपराध बढ़ गए हैं। बीते एक महीने में ही साइबर अपराध के 7 मामले सामने आए हैं। वहीं वर्षभर में 20 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। कवर्धा और पंडरिया थाना क्षेत्र में इसके शिकार होने वाले लोग ज्यादा हैं। एएसपी ऋचा मिश्रा का कहना है कि ऐसे मामलों में महिलाओं को डरने की बजाय पुलिस की मदद लेनी चाहिए। क्योंकि चुप रहने से बड़ा नुकसान हो सकता है। पुलिस हमेशा आपके साथ है। इस तरह के मामले में आरोपियों की शिनाख्त होने से उनमें पुलिस का खौफ बढ़ेगा।

एक्सपर्ट व्यू: सोशल मीडिया पर प्राइवेट सेटिंग सही रखें
पुलिस विभाग के एएसआई व साइबर एक्सपर्ट चंद्रकांत तिवारी बताते हैं कि सावधानी बरतने से साइबर अपराध से बचा जा सकता है। अगर आपका सोशल मीडिया अकाउंट है। उस पर प्रोफाइल पिक्चर अपलोड किया है, तो प्राइवेसी सेटिंग को सही रखें। आपके प्रोफाइल फोटो को सिर्फ अपने संपर्क नंबरों को देखने के लिए सीमित रखें। ताकि कोई अन्य उसे डाउनलोड न कर सके। मोबाइल पर ऑटोमेटिक डाउनलोड ऑप्शन को बंद रखें। अगर ओपन वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट हों, तो सोशल मीडिया का उपयोग करने से बचें। अजनबियों या अज्ञात नंबरों से आए मैसेज से फाइलों को डाउनलोड न करें। सावधानी के साथ ही इसका उपयोग करें।

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